29 जुलाई 2026
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धनबाद कोयला मनी लॉन्ड्रिंग: ईडी ने 31 ठिकानों पर छापा मारा, एलबी सिंह के ₹160 करोड़ के म्यूचुअल फंड फ्रीज

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धनबाद कोयला मनी लॉन्ड्रिंग: ईडी ने 31 ठिकानों पर छापा मारा, एलबी सिंह के ₹160 करोड़ के म्यूचुअल फंड फ्रीज

सारांश

धनबाद के अवैध कोयला नेटवर्क पर ईडी का अब तक का सबसे बड़ा प्रहार — 31 ठिकानों पर एक साथ छापा, एलबी सिंह के ₹160 करोड़ के म्यूचुअल फंड फ्रीज और ₹1.02 करोड़ नकद जब्त। 200 से अधिक संपत्तियों के दस्तावेज मिले; शेल कंपनियों के ज़रिए धन शोधन का संदेह।

मुख्य बातें

ईडी ने 28 जुलाई 2026 को धनबाद में 31 ठिकानों पर पीएमएलए के तहत एक साथ छापेमारी की।
कोयला कारोबारी एलबी सिंह के करीब ₹160 करोड़ के म्यूचुअल फंड निवेश को फ्रीज किया गया।
तलाशी में ₹1.02 करोड़ की बेहिसाबी नकदी और डिजिटल उपकरण जब्त हुए।
200 से अधिक मकानों, जमीनों और अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज व डिजिटल डेटा बरामद।
कार्रवाई के दायरे में अनिल गोयल , हरेंद्र चौहान , गणेश यादव , पप्पू मंडल सहित कई लोग शामिल।
इससे पहले नवंबर 2025 में भी इसी मामले में छापेमारी हो चुकी है; जांच जारी रहेगी।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 28 जुलाई 2026 को झारखंड के धनबाद में अवैध कोयला खनन, तस्करी, रंगदारी और लेवी वसूली से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 31 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई में कोयला कारोबारी एलबी सिंह से जुड़े करीब ₹160 करोड़ के म्यूचुअल फंड निवेश को फ्रीज किया गया और ₹1.02 करोड़ की बेहिसाबी नकदी जब्त की गई।

मुख्य घटनाक्रम

धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत की गई इस कार्रवाई में ईडी की टीमों ने कोयला कारोबारियों अनिल गोयल, एलबी सिंह, हरेंद्र चौहान तथा उनके सहयोगियों, रिश्तेदारों और संबंधित कंपनियों के निदेशकों के परिसरों की तलाशी ली। इस दायरे में गणेश यादव, पप्पू मंडल, रोहित यादव और माधो सिंह सहित कई अन्य लोग भी शामिल हैं।

तलाशी के दौरान बड़ी संख्या में डिजिटल उपकरण, वित्तीय खातों से जुड़े दस्तावेज और आपत्तिजनक रिकॉर्ड जब्त किए गए। जांच एजेंसी को 200 से अधिक मकानों, जमीनों और अन्य अचल संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज एवं डिजिटल डेटा भी मिला है।

आरोप और जांच का आधार

यह जांच झारखंड पुलिस द्वारा दर्ज कई प्राथमिकी और आरोपपत्रों पर आधारित है। इन मामलों में आरोप है कि धनबाद और आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अवैध कोयला खनन किया जाता था, चोरी के कोयले की तस्करी होती थी और कोयले की लोडिंग के नाम पर रंगदारी तथा अवैध लेवी वसूली की जाती थी।

ईडी को संदेह है कि इन गतिविधियों से अर्जित अवैध धन को वैध दिखाने के लिए कथित तौर पर शेल कंपनियों और वित्तीय लेन-देन की कई परतें बनाई गईं। बाद में इस रकम से चल एवं अचल संपत्तियां खरीदी गई बताई जाती हैं।

पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

गौरतलब है कि इस मामले में इससे पहले नवंबर 2025 में भी ईडी ने अनिल गोयल, एलबी सिंह और उनसे जुड़े अन्य लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में अवैध कोयला नेटवर्क के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसियों की सक्रियता लगातार बढ़ रही है।

आगे की जांच

ईडी का कहना है कि बरामद दस्तावेजों, डिजिटल साक्ष्यों और वित्तीय रिकॉर्ड के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच आगे भी जारी रहेगी। जांच एजेंसी के अनुसार इन संपत्तियों का अधिग्रहण अपराध से अर्जित धन से किए जाने का संदेह है और आगामी चरण में और गिरफ्तारियां या संपत्ति कुर्की की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो बताता है कि केवल संपत्ति फ्रीज करने से इस तंत्र की जड़ें नहीं कटतीं। असली सवाल यह है कि ₹160 करोड़ के म्यूचुअल फंड और 200 से अधिक संपत्तियां इतने वर्षों तक बिना जांच के कैसे बनती रहीं। जब तक अभियोजन तेज़ और दोषसिद्धि दर ऊंची नहीं होती, इस तरह की छापेमारी नेटवर्क को बाधित करती है, समाप्त नहीं।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धनबाद कोयला मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने क्या कार्रवाई की?
ईडी ने 28 जुलाई 2026 को पीएमएलए के तहत धनबाद और आसपास के इलाकों में 31 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान एलबी सिंह के ₹160 करोड़ के म्यूचुअल फंड फ्रीज किए गए और ₹1.02 करोड़ नकद जब्त हुई।
एलबी सिंह कौन हैं और उन पर क्या आरोप हैं?
एलबी सिंह धनबाद के कोयला कारोबारी हैं जिन पर अवैध कोयला खनन, तस्करी और रंगदारी से अर्जित धन को शेल कंपनियों के ज़रिए वैध दिखाने का संदेह है। उनसे जुड़े करीब ₹160 करोड़ के म्यूचुअल फंड निवेश को ईडी ने फ्रीज किया है।
इस जांच का आधार क्या है?
यह जांच झारखंड पुलिस द्वारा दर्ज कई प्राथमिकी और आरोपपत्रों पर आधारित है, जिनमें धनबाद क्षेत्र में अवैध कोयला खनन, चोरी के कोयले की तस्करी और लेवी वसूली के आरोप हैं। ईडी ने पीएमएलए के तहत इन मामलों में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की।
क्या इस मामले में पहले भी कार्रवाई हुई थी?
हां, नवंबर 2025 में भी ईडी ने अनिल गोयल, एलबी सिंह और उनसे जुड़े अन्य लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। 28 जुलाई 2026 की कार्रवाई उसी जांच की अगली कड़ी है।
आगे की जांच में क्या होने की संभावना है?
ईडी ने कहा है कि बरामद दस्तावेजों, डिजिटल साक्ष्यों और वित्तीय रिकॉर्ड के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच जारी रहेगी। आगामी चरण में और संपत्तियों की कुर्की या गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
राष्ट्र प्रेस
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