धनबाद कोयला मनी लॉन्ड्रिंग: ईडी ने 31 ठिकानों पर छापा मारा, एलबी सिंह के ₹160 करोड़ के म्यूचुअल फंड फ्रीज
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 28 जुलाई 2026 को झारखंड के धनबाद में अवैध कोयला खनन, तस्करी, रंगदारी और लेवी वसूली से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 31 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई में कोयला कारोबारी एलबी सिंह से जुड़े करीब ₹160 करोड़ के म्यूचुअल फंड निवेश को फ्रीज किया गया और ₹1.02 करोड़ की बेहिसाबी नकदी जब्त की गई।
मुख्य घटनाक्रम
धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत की गई इस कार्रवाई में ईडी की टीमों ने कोयला कारोबारियों अनिल गोयल, एलबी सिंह, हरेंद्र चौहान तथा उनके सहयोगियों, रिश्तेदारों और संबंधित कंपनियों के निदेशकों के परिसरों की तलाशी ली। इस दायरे में गणेश यादव, पप्पू मंडल, रोहित यादव और माधो सिंह सहित कई अन्य लोग भी शामिल हैं।
तलाशी के दौरान बड़ी संख्या में डिजिटल उपकरण, वित्तीय खातों से जुड़े दस्तावेज और आपत्तिजनक रिकॉर्ड जब्त किए गए। जांच एजेंसी को 200 से अधिक मकानों, जमीनों और अन्य अचल संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज एवं डिजिटल डेटा भी मिला है।
आरोप और जांच का आधार
यह जांच झारखंड पुलिस द्वारा दर्ज कई प्राथमिकी और आरोपपत्रों पर आधारित है। इन मामलों में आरोप है कि धनबाद और आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अवैध कोयला खनन किया जाता था, चोरी के कोयले की तस्करी होती थी और कोयले की लोडिंग के नाम पर रंगदारी तथा अवैध लेवी वसूली की जाती थी।
ईडी को संदेह है कि इन गतिविधियों से अर्जित अवैध धन को वैध दिखाने के लिए कथित तौर पर शेल कंपनियों और वित्तीय लेन-देन की कई परतें बनाई गईं। बाद में इस रकम से चल एवं अचल संपत्तियां खरीदी गई बताई जाती हैं।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
गौरतलब है कि इस मामले में इससे पहले नवंबर 2025 में भी ईडी ने अनिल गोयल, एलबी सिंह और उनसे जुड़े अन्य लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में अवैध कोयला नेटवर्क के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसियों की सक्रियता लगातार बढ़ रही है।
आगे की जांच
ईडी का कहना है कि बरामद दस्तावेजों, डिजिटल साक्ष्यों और वित्तीय रिकॉर्ड के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच आगे भी जारी रहेगी। जांच एजेंसी के अनुसार इन संपत्तियों का अधिग्रहण अपराध से अर्जित धन से किए जाने का संदेह है और आगामी चरण में और गिरफ्तारियां या संपत्ति कुर्की की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।