धनबाद में ईडी की बड़ी छापेमारी: 25 ठिकानों पर कोयला माफिया के खिलाफ कार्रवाई, ₹150 करोड़ की संपत्ति जब्त होने की संभावना
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की रांची जोनल इकाई ने 28 जुलाई 2026 को तड़के झारखंड के धनबाद जिले में अवैध कोयला खनन, परिवहन, अवैध वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में 25 से अधिक ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। सूत्रों के अनुसार, इस कार्रवाई में सैकड़ों करोड़ रुपये की संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और बेनामी संपत्तियों का पता चला है, जबकि देर शाम तक ईडी की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।
छापेमारी का दायरा और लक्षित ठिकाने
केंद्रीय सुरक्षा बलों की मदद से की गई यह कार्रवाई धनबाद, झरिया, लोयाबाद, केंदुआ, महुदा और बरवाअड्डा सहित आसपास के इलाकों में एक साथ अंजाम दी गई। सूत्रों के मुताबिक, ईडी की कार्रवाई मुख्य रूप से कोयला कारोबारी एलबी सिंह और अनिल गोयल तथा उनसे जुड़े सहयोगियों के परिसरों पर केंद्रित रही।
जिन अन्य लोगों के ठिकानों पर तलाशी ली गई, उनमें गणेश यादव, पप्पू मंडल, रोहित यादव, हरेंद्र चौहान, माधो सिंह, महेंद्र प्रताप, इम्तियाज अली और रजनीकांत शर्मा समेत कई अन्य शामिल हैं। रिपोर्टों के अनुसार, इनमें से कुछ लोग विभिन्न राजनीतिक दलों से भी जुड़े रहे हैं।
कानूनी आधार और मामले का स्वरूप
यह पूरी कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दर्ज चार अलग-अलग ईसीआईआर (प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट) के आधार पर की गई है। मामला अवैध कोयला खनन, कोयला परिवहन में अवैध वसूली और उससे जुड़े व्यापक मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क से संबंधित है। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में कोयला क्षेत्र से जुड़े आर्थिक अपराधों की जाँच लंबे समय से केंद्रीय एजेंसियों के रडार पर है।
बरामदगी और साक्ष्य संग्रह
तलाशी के दौरान ईडी के अधिकारियों ने बैंक खातों के दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड, बेनामी संपत्तियों के कागजात, मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जाँच की। कई महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेज अपने कब्जे में लिए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जाँच में बड़े पैमाने पर निवेश, अचल संपत्तियों और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के नेटवर्क का संकेत मिला है।
सूत्रों ने बताया कि ईडी ₹150 करोड़ से अधिक मूल्य की चल-अचल संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर सकती है, हालाँकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
स्थानीय विरोध और सुरक्षा व्यवस्था
कार्रवाई के दौरान कुछ स्थानों पर स्थानीय लोगों ने विरोध किया, परंतु केंद्रीय सुरक्षा बलों की मौजूदगी में तलाशी की प्रक्रिया निर्बाध रूप से जारी रही। गौरतलब है कि धनबाद-झरिया कोयला क्षेत्र में इस तरह की छापेमारी के दौरान स्थानीय प्रतिरोध पहले भी देखा जा चुका है।
आगे की जाँच की दिशा
जाँच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि अवैध कोयला कारोबार से अर्जित धन का निवेश किन-किन क्षेत्रों और संपत्तियों में किया गया। सभी जब्त दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले में गिरफ्तारियाँ और संपत्ति कुर्की के आदेश अगले कुछ सप्ताहों में सामने आ सकते हैं।