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झारखंड कोयला घोटाला: ईडी ने कारोबारी एलबी सिंह की पत्नी आरती समेत 5 को समन, ₹160 करोड़ के म्यूचुअल फंड फ्रीज

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झारखंड कोयला घोटाला: ईडी ने कारोबारी एलबी सिंह की पत्नी आरती समेत 5 को समन, ₹160 करोड़ के म्यूचुअल फंड फ्रीज

सारांश

झारखंड के धनबाद कोयला घोटाले में ईडी ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए कारोबारी एलबी सिंह की पत्नी आरती सिंह समेत पाँच लोगों को समन जारी किए हैं। 28 जुलाई को 31 ठिकानों पर हुई छापेमारी में ₹160 करोड़ के म्यूचुअल फंड फ्रीज और ₹1.02 करोड़ नकद जब्त हो चुके हैं।

मुख्य बातें

ईडी ने झारखंड कोयला घोटाले में कारोबारी एलबी सिंह की पत्नी आरती सिंह समेत 5 लोगों को समन जारी किए।
आरती सिंह को 20 अगस्त , विश्वविजय सिंह को 14 अगस्त और रंजीत कुमार सिंह को 17 अगस्त को पेश होने का निर्देश।
28 जुलाई को धनबाद में 31 ठिकानों पर छापेमारी में ₹160 करोड़ के म्यूचुअल फंड फ्रीज किए गए।
करीब ₹1.02 करोड़ की बेहिसाबी नकदी, डिजिटल उपकरण और 200 से अधिक संपत्तियों के दस्तावेज जब्त।
जांच झारखंड पुलिस की प्राथमिकी पर आधारित; ईडी नवंबर 2025 में भी छापेमारी कर चुकी है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने झारखंड के धनबाद में अवैध कोयला खनन, तस्करी और कथित लेवी वसूली से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच को नई दिशा देते हुए कोयला कारोबारी एलबी सिंह और अनिल गोयल के करीबी पाँच लोगों को पूछताछ के लिए समन जारी किए हैं। इनमें एलबी सिंह की पत्नी आरती सिंह, उनके भाई विश्वविजय सिंह और साले रंजीत कुमार सिंह शामिल हैं। यह कार्रवाई 28 जुलाई को धनबाद में हुई व्यापक तलाशी के बाद जांच के अगले चरण के रूप में सामने आई है।

किसे कब बुलाया गया

ईडी ने आरती सिंह को 20 अगस्त को अपने क्षेत्रीय कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। विश्वविजय सिंह को 14 अगस्त और रंजीत कुमार सिंह को 17 अगस्त को पेश होने के लिए कहा गया है। अनिल गोयल से जुड़े शब्बीर आलम और महेंद्र सिंह को भी अगले सप्ताह पूछताछ के लिए बुलाया गया है।

28 जुलाई की तलाशी में क्या मिला

एजेंसी ने 28 जुलाई को धनबाद और आसपास के क्षेत्रों में 31 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। इस दौरान एलबी सिंह से जुड़े करीब ₹160 करोड़ के म्यूचुअल फंड निवेश को फ्रीज किया गया। इसके अलावा करीब ₹1.02 करोड़ की बेहिसाबी नकदी, डिजिटल उपकरण और वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए। एजेंसी को 200 से अधिक चल-अचल संपत्तियों से संबंधित सेल डीड और अन्य कागजात भी प्राप्त हुए।

मनी लॉन्ड्रिंग का कथित तरीका

ईडी के अनुसार, बरामद दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी है। एजेंसी को संदेह है कि अवैध कोयला कारोबार से अर्जित रकम का उपयोग चल और अचल संपत्तियाँ खरीदने तथा विभिन्न वित्तीय माध्यमों में निवेश करने में किया गया। कथित तौर पर अपराध से अर्जित धनराशि को विभिन्न वित्तीय लेन-देन और संस्थाओं के ज़रिए वैध स्वरूप देने का प्रयास किया गया।

जांच की पृष्ठभूमि

यह जांच झारखंड पुलिस की ओर से दर्ज कई प्राथमिकी और आरोपपत्रों के आधार पर चल रही है। इन मामलों में धनबाद और आसपास के क्षेत्रों में अवैध कोयला खनन, चोरी के कोयले की तस्करी तथा कोयला लोडिंग के नाम पर रंगदारी और अवैध लेवी वसूली के आरोप हैं। गौरतलब है कि ईडी नवंबर 2025 में भी इस मामले से जुड़े ठिकानों पर तलाशी ले चुकी है, यानी यह जांच कई महीनों से लगातार आगे बढ़ रही है।

आगे क्या होगा

परिवार और कारोबारी नेटवर्क से जुड़े लोगों को समन जाना जांच के विस्तार का संकेत है। विशेषज्ञों के अनुसार, ईडी आमतौर पर पूछताछ के बाद बयानों और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तारी या संपत्ति कुर्की की कार्रवाई करती है। धनबाद कोयला घोटाले की यह जांच झारखंड में अवैध खनन के व्यापक नेटवर्क को उजागर करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दशकों से राजनीतिक संरक्षण और आर्थिक नेटवर्क के बल पर फलती-फूलती रही है। ईडी का परिवार और कारोबारी नेटवर्क तक पहुँचना संकेत देता है कि जांच केवल कागजी नहीं है, लेकिन असली परीक्षा आरोप-पत्र और अदालती प्रक्रिया में होगी। ₹160 करोड़ के म्यूचुअल फंड फ्रीज और 200 से अधिक संपत्तियों के दस्तावेज मिलना बताता है कि कथित अपराध की रकम को व्यवस्थित तरीके से वैध बनाने की कोशिश हुई। सवाल यह है कि क्या यह जांच उन राजनीतिक और प्रशासनिक कड़ियों तक भी पहुँचेगी जिनके बिना इतने बड़े पैमाने पर अवैध कोयला कारोबार संभव नहीं होता।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड कोयला घोटाले में ईडी ने किन लोगों को समन जारी किए हैं?
ईडी ने कोयला कारोबारी एलबी सिंह की पत्नी आरती सिंह, उनके भाई विश्वविजय सिंह, साले रंजीत कुमार सिंह और अनिल गोयल से जुड़े शब्बीर आलम व महेंद्र सिंह — कुल पाँच लोगों को समन जारी किए हैं। इन्हें 14 से 20 अगस्त के बीच ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय में पेश होने का निर्देश दिया गया है।
28 जुलाई की ईडी छापेमारी में क्या बरामद हुआ?
28 जुलाई को धनबाद और आसपास के 31 ठिकानों पर हुई छापेमारी में ईडी ने एलबी सिंह से जुड़े करीब ₹160 करोड़ के म्यूचुअल फंड निवेश फ्रीज किए। इसके अलावा ₹1.02 करोड़ की बेहिसाबी नकदी, डिजिटल उपकरण और 200 से अधिक संपत्तियों के सेल डीड व अन्य दस्तावेज भी जब्त किए गए।
धनबाद कोयला घोटाले में आरोप क्या हैं?
इस मामले में धनबाद और आसपास के क्षेत्रों में अवैध कोयला खनन, चोरी के कोयले की तस्करी और कोयला लोडिंग के नाम पर रंगदारी व अवैध लेवी वसूली के आरोप हैं। ईडी को संदेह है कि इस अवैध कारोबार से अर्जित रकम को विभिन्न वित्तीय माध्यमों से वैध बनाया गया।
यह जांच कब से चल रही है और इसका आधार क्या है?
यह जांच झारखंड पुलिस की ओर से दर्ज कई प्राथमिकी और आरोपपत्रों के आधार पर चल रही है। ईडी नवंबर 2025 में भी इस मामले से जुड़े ठिकानों पर तलाशी ले चुकी है, और 28 जुलाई की कार्रवाई इसी जांच का विस्तार है।
ईडी की इस कार्रवाई के बाद आगे क्या हो सकता है?
पूछताछ के बाद बयानों और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर ईडी संपत्ति कुर्की या गिरफ्तारी की कार्रवाई कर सकती है। परिवार और कारोबारी नेटवर्क को समन जाना जांच के दायरे के विस्तार का संकेत माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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