झारखंड कोयला घोटाला: ईडी ने कारोबारी एलबी सिंह की पत्नी आरती समेत 5 को समन, ₹160 करोड़ के म्यूचुअल फंड फ्रीज
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने झारखंड के धनबाद में अवैध कोयला खनन, तस्करी और कथित लेवी वसूली से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच को नई दिशा देते हुए कोयला कारोबारी एलबी सिंह और अनिल गोयल के करीबी पाँच लोगों को पूछताछ के लिए समन जारी किए हैं। इनमें एलबी सिंह की पत्नी आरती सिंह, उनके भाई विश्वविजय सिंह और साले रंजीत कुमार सिंह शामिल हैं। यह कार्रवाई 28 जुलाई को धनबाद में हुई व्यापक तलाशी के बाद जांच के अगले चरण के रूप में सामने आई है।
किसे कब बुलाया गया
ईडी ने आरती सिंह को 20 अगस्त को अपने क्षेत्रीय कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। विश्वविजय सिंह को 14 अगस्त और रंजीत कुमार सिंह को 17 अगस्त को पेश होने के लिए कहा गया है। अनिल गोयल से जुड़े शब्बीर आलम और महेंद्र सिंह को भी अगले सप्ताह पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
28 जुलाई की तलाशी में क्या मिला
एजेंसी ने 28 जुलाई को धनबाद और आसपास के क्षेत्रों में 31 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। इस दौरान एलबी सिंह से जुड़े करीब ₹160 करोड़ के म्यूचुअल फंड निवेश को फ्रीज किया गया। इसके अलावा करीब ₹1.02 करोड़ की बेहिसाबी नकदी, डिजिटल उपकरण और वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए। एजेंसी को 200 से अधिक चल-अचल संपत्तियों से संबंधित सेल डीड और अन्य कागजात भी प्राप्त हुए।
मनी लॉन्ड्रिंग का कथित तरीका
ईडी के अनुसार, बरामद दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी है। एजेंसी को संदेह है कि अवैध कोयला कारोबार से अर्जित रकम का उपयोग चल और अचल संपत्तियाँ खरीदने तथा विभिन्न वित्तीय माध्यमों में निवेश करने में किया गया। कथित तौर पर अपराध से अर्जित धनराशि को विभिन्न वित्तीय लेन-देन और संस्थाओं के ज़रिए वैध स्वरूप देने का प्रयास किया गया।
जांच की पृष्ठभूमि
यह जांच झारखंड पुलिस की ओर से दर्ज कई प्राथमिकी और आरोपपत्रों के आधार पर चल रही है। इन मामलों में धनबाद और आसपास के क्षेत्रों में अवैध कोयला खनन, चोरी के कोयले की तस्करी तथा कोयला लोडिंग के नाम पर रंगदारी और अवैध लेवी वसूली के आरोप हैं। गौरतलब है कि ईडी नवंबर 2025 में भी इस मामले से जुड़े ठिकानों पर तलाशी ले चुकी है, यानी यह जांच कई महीनों से लगातार आगे बढ़ रही है।
आगे क्या होगा
परिवार और कारोबारी नेटवर्क से जुड़े लोगों को समन जाना जांच के विस्तार का संकेत है। विशेषज्ञों के अनुसार, ईडी आमतौर पर पूछताछ के बाद बयानों और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तारी या संपत्ति कुर्की की कार्रवाई करती है। धनबाद कोयला घोटाले की यह जांच झारखंड में अवैध खनन के व्यापक नेटवर्क को उजागर करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।