28 जुलाई 2026
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धनबाद में ईडी की बड़ी छापेमारी: कोयला तस्करी-मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 25 ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई

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धनबाद में ईडी की बड़ी छापेमारी: कोयला तस्करी-मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 25 ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई

सारांश

ईडी ने 28 जुलाई को धनबाद में कोयला तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में 25 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। नवंबर 2025 की कार्रवाई की अगली कड़ी में बीसीसीएल टेंडर और अवैध वित्तीय लेन-देन की जाँच जारी है; राजनीतिक संबंधों वाले कई नाम भी दायरे में।

मुख्य बातें

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 28 जुलाई 2026 को धनबाद में 25 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।
कार्रवाई कोयला कारोबारियों अनिल गोयल , एलबी सिंह और हरेंद्र चौहान से जुड़े ईसीआईआर के तहत हुई।
ईडी टीम सुबह सात बजे केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ पहुँची; वित्तीय दस्तावेज़, डिजिटल उपकरण खंगाले जा रहे हैं।
जाँच भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) के टेंडर और कथित अवैध कोयला कारोबार से जुड़ी है।
नवंबर 2025 में झारखंड-पश्चिम बंगाल में हुई छापेमारी की यह अगली कड़ी मानी जा रही है।
अब तक किसी गिरफ्तारी या जब्ती की आधिकारिक पुष्टि नहीं।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 28 जुलाई 2026 को झारखंड के धनबाद जिले में कोयला तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित मामले में 25 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई कोयला कारोबारियों अनिल गोयल, एलबी सिंह और हरेंद्र चौहान से जुड़े एन्फोर्समेंट केस इंफॉर्मेशन रिपोर्ट (ईसीआईआर) के तहत की गई। यह धनबाद के कोयला कारोबार और वित्तीय नेटवर्क पर ईडी की अब तक की सबसे बड़ी एकल-दिवसीय कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है।

कार्रवाई का विवरण

ईडी की टीम केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ मंगलवार सुबह करीब सात बजे विभिन्न परिसरों पर पहुँची और सभी स्थानों को सुरक्षा घेरे में लेकर तलाशी शुरू की। जिन लोगों के ठिकानों पर कार्रवाई की जा रही है, उनमें गणेश यादव, पप्पू मंडल, रोहित यादव, हरेंद्र चौहान, माधो सिंह, महेंद्र प्रताप, इम्तियाज अली, रजनीकांत शर्मा, शेखर यादव और आलोक सहित अन्य व्यक्ति शामिल हैं।

क्या-क्या खंगाला जा रहा है

तलाशी के दौरान ईडी अधिकारी वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेज़, बैंक रिकॉर्ड, संपत्ति संबंधी कागज़ात, मोबाइल फोन, लैपटॉप, हार्ड डिस्क और अन्य डिजिटल उपकरणों की जाँच कर रहे हैं। 28 जुलाई 2026 तक किसी की गिरफ्तारी या जब्ती की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी।

जाँच की पृष्ठभूमि

सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) के टेंडर, कथित अवैध कोयला कारोबार और उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन की व्यापक जाँच का हिस्सा है। गौरतलब है कि नवंबर 2025 में भी ईडी ने झारखंड और पश्चिम बंगाल में कई स्थानों पर छापेमारी की थी, जिसमें धनबाद में एलबी सिंह, अनिल गोयल और उनसे जुड़े लोगों के परिसर शामिल थे। मंगलवार की कार्रवाई उसी जाँच की अगली कड़ी मानी जा रही है।

राजनीतिक कनेक्शन और कारोबारी हलचल

रिपोर्टों के अनुसार जिन लोगों के ठिकानों पर छापेमारी हो रही है, उनमें विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े कुछ चेहरे भी कथित तौर पर शामिल हैं। इस कार्रवाई के बाद धनबाद के कोयला कारोबार और आउटसोर्सिंग क्षेत्र से जुड़े व्यवसायियों में हलचल देखी जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्रीय एजेंसियाँ झारखंड में कोयला आधारित वित्तीय अनियमितताओं पर अपना शिकंजा लगातार कसती आ रही हैं।

आगे क्या होगा

हाल में मिले नए साक्ष्यों और वित्तीय लेन-देन की जानकारी के आधार पर ईडी ने यह तलाशी अभियान चलाया है। जाँच पूरी होने के बाद गिरफ्तारी या संपत्ति जब्ती की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ईडी के अगले कदम पर धनबाद के कोयला और कारोबारी जगत की नज़रें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दर्शाती है कि जाँच का दायरा सिकुड़ नहीं, बल्कि विस्तृत हो रहा है। असली सवाल यह है कि बीसीसीएल जैसी सार्वजनिक कंपनी के टेंडर में कथित अनियमितताएँ इतने वर्षों तक बिना जवाबदेही के कैसे चलती रहीं। राजनीतिक दलों से जुड़े नामों की मौजूदगी इस मामले को महज़ कारोबारी धोखाधड़ी से आगे ले जाती है। गिरफ्तारी या संपत्ति जब्ती के बिना यह छापेमारी कितनी दूर तक जाती है — यही इस जाँच की असली कसौटी होगी।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धनबाद में ईडी की छापेमारी किस मामले में हुई है?
यह छापेमारी कोयला तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े ईसीआईआर के तहत हुई है, जिसमें भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) के टेंडर और कथित अवैध वित्तीय लेन-देन की जाँच शामिल है। कोयला कारोबारी अनिल गोयल, एलबी सिंह और हरेंद्र चौहान इस मामले के प्रमुख नाम हैं।
ईडी ने कितने और किन ठिकानों पर छापेमारी की?
28 जुलाई 2026 को ईडी ने धनबाद में करीब 25 ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की। इनमें गणेश यादव, पप्पू मंडल, रोहित यादव, माधो सिंह, महेंद्र प्रताप, इम्तियाज अली, रजनीकांत शर्मा, शेखर यादव और आलोक सहित अन्य लोगों के परिसर शामिल हैं।
क्या इस छापेमारी में कोई गिरफ्तारी हुई?
28 जुलाई 2026 तक किसी गिरफ्तारी या जब्ती की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी। ईडी की टीम वित्तीय दस्तावेज़, बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल उपकरणों की जाँच कर रही है।
क्या इससे पहले भी इन कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई हुई थी?
हाँ, नवंबर 2025 में ईडी ने झारखंड और पश्चिम बंगाल में कई स्थानों पर छापेमारी की थी, जिसमें धनबाद में एलबी सिंह और अनिल गोयल से जुड़े परिसर भी शामिल थे। मंगलवार की कार्रवाई उसी जाँच की अगली कड़ी मानी जा रही है।
इस मामले का राजनीतिक पहलू क्या है?
रिपोर्टों के अनुसार जिन लोगों के ठिकानों पर छापेमारी हो रही है, उनमें विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े कुछ चेहरे भी कथित तौर पर शामिल हैं। हालाँकि ईडी ने अभी तक किसी राजनीतिक नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
राष्ट्र प्रेस
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