15 जुलाई 2026
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धनबाद: ₹400 करोड़ की एलिवेटेड रोड पर BJP सांसद ढुल्लू महतो vs CPI-ML विधायक अरूप चटर्जी, निरसा में शक्ति प्रदर्शन

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धनबाद: ₹400 करोड़ की एलिवेटेड रोड पर BJP सांसद ढुल्लू महतो vs CPI-ML विधायक अरूप चटर्जी, निरसा में शक्ति प्रदर्शन

सारांश

धनबाद के निरसा में ₹400 करोड़ की एलिवेटेड रोड परियोजना BJP और CPI-ML के बीच सीधे टकराव की वजह बन गई। सांसद ढुल्लू महतो और विधायक अरूप चटर्जी ने एक साथ अलग-अलग शक्ति प्रदर्शन किए — एक ने विकास का झंडा उठाया, दूसरे ने भ्रष्टाचार का आरोप। बीच में खड़ी है स्थानीय जनता और एक अटकी परियोजना।

मुख्य बातें

15 जुलाई को धनबाद के निरसा में ₹400 करोड़ की एलिवेटेड रोड परियोजना पर BJP सांसद ढुल्लू महतो और CPI-ML समर्थित विधायक अरूप चटर्जी ने एक साथ अलग-अलग शक्ति प्रदर्शन किए।
सांसद महतो ने निर्माण स्थल के पास महाजुटान आयोजित किया; विधायक चटर्जी ने प्रतिवाद पदयात्रा निकाली।
चटर्जी ने परियोजना में कथित भ्रष्टाचार और जमीन कब्जे का आरोप लगाया; महतो ने आरोप खारिज कर चटर्जी को ₹2 करोड़ का मानहानि नोटिस भेजा।
ग्रामीण पुलिस अधीक्षक एस.
मोहम्मद याकूब ने स्वयं निरसा में कैंप कर निगरानी की; वज्र वाहन और दंगा नियंत्रण बल तैनात रहे।
दोनों कार्यक्रम शांतिपूर्ण रहे; कोई हिंसक झड़प नहीं हुई।

झारखंड के धनबाद जिले के निरसा में ₹400 करोड़ की प्रस्तावित एलिवेटेड रोड परियोजना बुधवार, 15 जुलाई को राजनीतिक टकराव का केंद्र बन गई, जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद ढुल्लू महतो और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) समर्थित मासस विधायक अरूप चटर्जी ने एक ही समय पर अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित कर अपनी-अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया। प्रशासन की कड़ी निगरानी के बीच दोनों कार्यक्रम शांतिपूर्ण रहे, लेकिन दोनों नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप तीखे रहे।

मुख्य घटनाक्रम

सांसद ढुल्लू महतो ने BJP और श्रमिक संगठनों के कार्यकर्ताओं के साथ एलिवेटेड रोड निर्माण स्थल के निकट महाजुटान आयोजित कर जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत इस महत्वपूर्ण सड़क परियोजना में विधायक अरूप चटर्जी निजी स्वार्थ के चलते बाधाएँ खड़ी कर रहे हैं। महतो ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों को किसी भी कीमत पर नहीं रोका जाएगा और अवरोध उत्पन्न करने वालों का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दिया जाएगा।

दूसरी ओर, विधायक अरूप चटर्जी ने भाकपा (माले) और बिहार कोलियरी कामगार यूनियन के बैनर तले प्रतिवाद पदयात्रा निकाली। उनका कहना था कि उनका विरोध विकास के विरुद्ध नहीं, बल्कि परियोजना की आड़ में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ है।

दोनों नेताओं के आरोप

चटर्जी ने आरोप लगाया कि इस परियोजना की आड़ में सांसद और उनके समर्थक कथित तौर पर अवैध आर्थिक लाभ उठाने और जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक प्रभाव बढ़ाने के लिए इस परियोजना का दुरुपयोग किया जा रहा है।

इससे पहले, चटर्जी ने दावा किया था कि उन्हें किसी गैंगस्टर के नाम पर धमकियाँ मिल रही हैं और इस संदर्भ में उन्होंने सांसद की भूमिका पर सवाल उठाए थे। जवाब में सांसद ढुल्लू महतो ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए चटर्जी पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया और उन्हें ₹2 करोड़ का मानहानि नोटिस भी भेजा है।

प्रशासन की तैयारी

दोनों कार्यक्रमों को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। ग्रामीण पुलिस अधीक्षक एस. मोहम्मद याकूब स्वयं निरसा में कैंप कर स्थिति की निगरानी करते रहे। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल, वज्र वाहन, दंगा नियंत्रण बल और अन्य सुरक्षा संसाधन तैनात किए गए। संभावित तनाव को देखते हुए पहले ही कई लोगों के खिलाफ एहतियाती कार्रवाई भी की गई थी।

विवाद की पृष्ठभूमि

यह टकराव अचानक नहीं उभरा — पिछले कुछ दिनों से दोनों नेताओं के बीच एलिवेटेड रोड परियोजना को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में विकास परियोजनाओं पर राजनीतिक नियंत्रण और स्थानीय प्रभाव को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तनाव बढ़ा है। गौरतलब है कि धनबाद जैसे कोयला-बहुल जिले में बुनियादी ढाँचा परियोजनाएँ अक्सर राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई का मैदान बन जाती हैं।

आगे की स्थिति

फिलहाल परियोजना विवाद में उलझी हुई है और दोनों पक्षों के बीच कानूनी-राजनीतिक टकराव जारी रहने के संकेत हैं। मानहानि नोटिस और धमकी के आरोपों के साथ यह मामला अदालत तक भी पहुँच सकता है। स्थानीय जनता के लिए यह परियोजना कब और किस रूप में पूरी होगी, यह अभी अनिश्चित बना हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ विकास और वर्चस्व अक्सर एक-दूसरे में घुले-मिले होते हैं। ₹400 करोड़ की एलिवेटेड रोड परियोजना पर सांसद और विधायक दोनों 'जनहित' का दावा करते हैं, लेकिन मानहानि नोटिस और गैंगस्टर-धमकी के आरोप बताते हैं कि असली दाँव कहीं और है। सवाल यह नहीं कि परियोजना होनी चाहिए या नहीं — सवाल यह है कि इसका लाभ किसे मिलेगा और जवाबदेही का तंत्र कहाँ है।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धनबाद के निरसा में एलिवेटेड रोड विवाद क्या है?
झारखंड के धनबाद जिले के निरसा में ₹400 करोड़ की प्रस्तावित एलिवेटेड रोड परियोजना को लेकर BJP सांसद ढुल्लू महतो और CPI-ML समर्थित विधायक अरूप चटर्जी के बीच राजनीतिक टकराव चल रहा है। सांसद परियोजना के समर्थन में हैं जबकि विधायक इसमें कथित भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहे हैं।
15 जुलाई को निरसा में क्या हुआ?
15 जुलाई को सांसद ढुल्लू महतो ने निर्माण स्थल के पास महाजुटान और जनसभा आयोजित की, जबकि विधायक अरूप चटर्जी ने भाकपा (माले) और बिहार कोलियरी कामगार यूनियन के बैनर तले प्रतिवाद पदयात्रा निकाली। प्रशासन की सतर्कता के बीच दोनों कार्यक्रम शांतिपूर्ण रहे।
ढुल्लू महतो ने अरूप चटर्जी को मानहानि नोटिस क्यों भेजा?
विधायक चटर्जी ने दावा किया था कि उन्हें गैंगस्टर के नाम पर धमकियाँ मिल रही हैं और इसमें सांसद की भूमिका पर सवाल उठाए थे। इन आरोपों को खारिज करते हुए सांसद ढुल्लू महतो ने चटर्जी को ₹2 करोड़ का मानहानि नोटिस भेजा है।
विधायक अरूप चटर्जी का एलिवेटेड रोड परियोजना पर क्या आरोप है?
चटर्जी का कहना है कि उनका विरोध विकास के खिलाफ नहीं है, बल्कि परियोजना की आड़ में कथित तौर पर अवैध आर्थिक लाभ उठाने और जमीन पर कब्जा करने की कोशिशों के खिलाफ है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस परियोजना का उपयोग राजनीतिक प्रभाव बढ़ाने के लिए किया जा रहा है।
निरसा में सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए थे?
ग्रामीण पुलिस अधीक्षक एस. मोहम्मद याकूब स्वयं निरसा में कैंप कर स्थिति की निगरानी करते रहे। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल, वज्र वाहन, दंगा नियंत्रण बल तैनात किए गए और कई लोगों के खिलाफ पहले ही एहतियाती कार्रवाई की गई थी।
राष्ट्र प्रेस
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