केन-बेतवा परियोजना: विस्थापित आदिवासी व किसानों के लिए न्याय की माँग, जीतू पटवारी ने छतरपुर में किया आंदोलनकारियों से मुलाकात
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मंगलवार, 12 मई को छतरपुर स्थित ढोढन बांध कार्यस्थल पर पहुँचकर केन-बेतवा लिंक परियोजना से विस्थापित आदिवासी एवं किसान परिवारों से मुलाकात की और उनके संघर्ष को न्याय की लड़ाई करार दिया। पटवारी ने राज्य सरकार से समुचित मुआवजा, पुनर्वास और अन्य सुविधाएँ देने की माँग करते हुए कहा कि यह लड़ाई केवल ज़मीन की नहीं, बल्कि जल, जंगल, संस्कृति और सम्मान की है।
मुख्य घटनाक्रम
बुंदेलखंड क्षेत्र में नदी जोड़ो योजना के अंतर्गत चल रही केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत बन रही जल संरचनाओं से कई गाँव और परिवार प्रभावित हो रहे हैं। पटवारी ने ढोढन बांध कार्यस्थल पर आंदोलनरत विस्थापित परिवारों से सीधे बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना।
गौरतलब है कि यह परियोजना मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश दोनों राज्यों में फैले बुंदेलखंड क्षेत्र की जल समस्या के समाधान के लिए केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पहल है। हालाँकि, विस्थापन और मुआवजे को लेकर प्रभावित परिवार लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं।
पुलिस तैनाती पर विवाद
पटवारी ने आरोप लगाया कि जब वे पीड़ित आदिवासियों से मिलने जा रहे थे, तब मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर भारी पुलिस बल तैनात कर उन्हें रोकने का प्रयास किया गया। उन्होंने प्रशासन के उस तर्क पर भी सवाल उठाया जिसमें कहा गया था कि उनके जाने से बाघ, चीते और हाथी परेशान होंगे।
पटवारी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार जनता की आवाज़ दबाने का प्रयास कर रही है, लेकिन कांग्रेस पार्टी आदिवासी, किसान और विस्थापित परिवारों के अधिकारों की लड़ाई लगातार लड़ती रहेगी।
सरकार पर आरोप
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश सरकार प्रभावित परिवारों को न्याय देने में विफल रही है और उन्हें उचित मुआवजा एवं पुनर्वास नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चाहे मुकदमे लगाए जाएँ या जेल भेजने की धमकी दी जाए, कांग्रेस पीड़ित परिवारों के साथ मज़बूती से खड़ी रहेगी।
आम जनता पर असर
विस्थापित परिवारों के लिए यह संकट बहुआयामी है — उनकी कृषि भूमि, वन अधिकार और सांस्कृतिक पहचान सभी दाँव पर हैं। आदिवासी समुदायों के लिए जल, जंगल और ज़मीन केवल आजीविका के साधन नहीं, बल्कि उनकी सामाजिक और सांस्कृतिक जड़ें भी हैं।
पटवारी ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) महात्मा गांधी के विचारों पर चलने वाली पार्टी है और अन्याय के खिलाफ संघर्ष से पीछे हटने वाली नहीं है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक दबाव और बढ़ने की संभावना है।