क्या तमिलनाडु सरकार चक्रवात दितवाह से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देगी?

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क्या तमिलनाडु सरकार चक्रवात दितवाह से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देगी?

सारांश

तमिलनाडु भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेन्द्रन ने चक्रवात दितवाह से प्रभावित किसानों के लिए 30,000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजा मांगा है। उन्होंने सत्तारूढ़ डीएमके सरकार पर राहत कार्यों में देरी करने का आरोप लगाया, जिससे किसान आर्थिक संकट में पड़ गए हैं।

मुख्य बातें

चक्रवात दितवाह से किसानों की फसलें नष्ट हुईं।
भाजपा ने मुआवजे की मांग की है।
सरकार पर राहत कार्यों में देरी का आरोप।
किसानों की आर्थिक स्थिति गंभीर है।
मुख्यमंत्री पर सवाल उठाए गए हैं।

चेन्नई, 24 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेन्द्रन ने चक्रवात दितवाह से प्रभावित किसानों को तुरंत 30,000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग उठाई है। उन्होंने सत्तारूढ़ डीएमके सरकार पर डेल्टा क्षेत्र के संकटग्रस्त किसानों के प्रति उदासीनता बरतने और राहत कार्यों में हफ्तों की देरी करने का आरोप लगाया।

बुधवार को जारी एक बयान में नैनार नागेन्द्रन ने कहा कि चक्रवात के कारण हुई भारी बारिश और तेज हवाओं से कई जिलों में किसानों की फसलें बुरी तरह नष्ट हो गईं, लेकिन अब तक राज्य सरकार की ओर से किसी भी तरह का मुआवजा नहीं दिया गया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि राहत की घोषणा में लगातार हो रही देरी के कारण किसान गंभीर आर्थिक संकट में फंसते जा रहे हैं, जिससे सरकार की किसान विरोधी मानसिकता उजागर होती है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बड़ी मात्रा में कटाई की गई धान की फसल असमय बारिश के कारण खराब हो गई। उन्होंने सरकारी धान भंडारण केंद्रों में बुनियादी ढांचे की कमी और समय पर खरीद न होने को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया।

नैनार के अनुसार, कई टन धान खुले में पड़े रहने से अंकुरित हो गया, जिससे वह पूरी तरह बेकार हो गया और किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया।

मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने प्रभावित किसानों से सीधे संवाद करने के बजाय केवल पैकेट में लाई गई फसल के नमूनों की समीक्षा तक खुद को सीमित रखा। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रतीकात्मक कदम जमीनी हकीकत को नहीं दर्शाते और न ही किसानों की पीड़ा को कम करते हैं।

नैनार नागेन्द्रन ने यह भी कहा कि चक्रवात के तुरंत बाद सरकारी निरीक्षण तो किए गए, लेकिन नुकसान की गंभीरता के अनुरूप कोई मुआवजा पैकेज अब तक घोषित नहीं किया गया।

उन्होंने कहा, “समीक्षा करना और फिर राहत देने में टालमटोल करना अन्यायपूर्ण और अस्वीकृत है।”

तिरुनेलवेली के विधायक नैनार ने मुख्यमंत्री के सार्वजनिक बयानों पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि केवल नारे और दावे किसानों की तकलीफ दूर नहीं कर सकते।

उन्होंने कहा, “खुद को बार-बार ‘डेल्टाकरण’ बताने के बजाय मुख्यमंत्री को 30,000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजे की घोषणा कर और तुरंत राहत राशि जारी कर इसे साबित करना चाहिए।”

भाजपा की मांग दोहराते हुए उन्होंने राज्य सरकार से अपील की कि वह तत्काल वित्तीय सहायता दे, धान की खरीद प्रक्रिया में तेजी लाए और चक्रवात दितवाह से प्रभावित किसानों का भरोसा बहाल करे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चक्रवात दितवाह से कितने किसान प्रभावित हुए हैं?
चक्रवात दितवाह से कई जिलों में किसानों की फसलें बुरी तरह नष्ट हुई हैं, लेकिन सटीक संख्या का अभी कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है।
भाजपा ने मुआवजे के लिए क्या राशि मांगी है?
भाजपा ने चक्रवात से प्रभावित किसानों के लिए 30,000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजा मांगा है।
डीएमके सरकार की प्रतिक्रिया क्या है?
डीएमके सरकार ने अभी तक इस मामले पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी है।
राष्ट्र प्रेस
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