क्या कांग्रेस श्योपुर के किसानों को मुआवजा दिलाने में सफल होगी?: जीतू पटवारी
सारांश
Key Takeaways
- श्योपुर के किसानों को मुआवजा दिलाने के लिए कांग्रेस का संघर्ष जारी है।
- कैलाश मीणा की आत्महत्या ने किसानों की गंभीर स्थिति को उजागर किया है।
- कांग्रेस ने प्रशासन को 1 दिसंबर तक का समय दिया है।
- किसान न्याय यात्रा का आयोजन किया गया है।
- किसानों के हक के लिए कांग्रेस का संकल्प मजबूत है।
श्योपुर, 21 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। प्राकृतिक आपदा ने मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के किसानों की फसल को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। इस संबंध में कांग्रेस ने सरकार से मुआवजे की मांग उठाई है।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि किसानों को मुआवजा दिलाने के लिए उनकी पार्टी हर संभव प्रयास करेगी। भारी वर्षा के कारण श्योपुर के किसानों की फसलें तबाह हो गईं। सर्वेक्षण के बावजूद, किसानों को अब तक कोई मुआवजा नहीं मिला है, जिसके कारण एक किसान ने आर्थिक तंगी और मानसिक दबाव के चलते आत्महत्या कर ली।
कांग्रेस का आरोप है कि कैलाश मीणा ने अपनी बर्बाद फसलों की स्थिति देखकर आत्महत्या कर ली, जबकि उनके परिवार को आज तक कोई मुआवज़ा नहीं दिया गया। श्योपुर से कांग्रेस विधायक बाबू जांडेल सिंह ने किसानों को मुआवज़ा दिलाने की मांग को लेकर धरने पर बैठकर आमरण अनशन शुरू किया। प्रशासन की तरफ से लिखित आश्वासन मिलने के बाद, मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के अनुरोध पर बाबू जांडेल सिंह ने अपना अनशन समाप्त किया और प्रशासन को 1 दिसंबर तक का समय दिया है। यदि तब तक किसानों को न्याय नहीं मिला, तो कांग्रेस भोपाल में बड़े पैमाने पर धरना-आंदोलन करेगी।
जीतू पटवारी ने किसानों की समस्याओं को सुना और प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी कि श्योपुर के हर किसान को उनका हक दिलाना कांग्रेस का संकल्प है। फसल बर्बाद, किसान बर्बाद और सरकार मूकदर्शक, यह अब और नहीं चलेगा। मुआवज़ा दिलाकर ही दम लेंगे।
किसान हितों की रक्षा के लिए श्योपुर में किसान न्याय यात्रा आयोजित की गई। जीतू पटवारी ने फिर से कहा कि कांग्रेस का हर संघर्ष किसान, युवा और आम आदमी के लिए है। श्योपुर के किसानों को उनका हक दिलाकर ही हम संतुष्ट होंगे। 1 दिसंबर की समय-सीमा सरकार के लिए अंतिम चेतावनी है।