11 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या कांग्रेस श्योपुर के किसानों को मुआवजा दिलाने में सफल होगी?: जीतू पटवारी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या कांग्रेस श्योपुर के किसानों को मुआवजा दिलाने में सफल होगी?: जीतू पटवारी

सारांश

क्या कांग्रेस श्योपुर के किसानों को मुआवजा दिलाने में सफल होगी? जानें इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का क्या कहना है। किसानों के संघर्ष और सरकारी वादों की सच्चाई पर एक नजर।

मुख्य बातें

श्योपुर के किसानों को मुआवजा दिलाने के लिए कांग्रेस का संघर्ष जारी है।
कैलाश मीणा की आत्महत्या ने किसानों की गंभीर स्थिति को उजागर किया है।
कांग्रेस ने प्रशासन को 1 दिसंबर तक का समय दिया है।
किसान न्याय यात्रा का आयोजन किया गया है।
किसानों के हक के लिए कांग्रेस का संकल्प मजबूत है।

श्योपुर, 21 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। प्राकृतिक आपदा ने मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के किसानों की फसल को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। इस संबंध में कांग्रेस ने सरकार से मुआवजे की मांग उठाई है।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि किसानों को मुआवजा दिलाने के लिए उनकी पार्टी हर संभव प्रयास करेगी। भारी वर्षा के कारण श्योपुर के किसानों की फसलें तबाह हो गईं। सर्वेक्षण के बावजूद, किसानों को अब तक कोई मुआवजा नहीं मिला है, जिसके कारण एक किसान ने आर्थिक तंगी और मानसिक दबाव के चलते आत्महत्या कर ली।

कांग्रेस का आरोप है कि कैलाश मीणा ने अपनी बर्बाद फसलों की स्थिति देखकर आत्महत्या कर ली, जबकि उनके परिवार को आज तक कोई मुआवज़ा नहीं दिया गया। श्योपुर से कांग्रेस विधायक बाबू जांडेल सिंह ने किसानों को मुआवज़ा दिलाने की मांग को लेकर धरने पर बैठकर आमरण अनशन शुरू किया। प्रशासन की तरफ से लिखित आश्वासन मिलने के बाद, मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के अनुरोध पर बाबू जांडेल सिंह ने अपना अनशन समाप्त किया और प्रशासन को 1 दिसंबर तक का समय दिया है। यदि तब तक किसानों को न्याय नहीं मिला, तो कांग्रेस भोपाल में बड़े पैमाने पर धरना-आंदोलन करेगी।

जीतू पटवारी ने किसानों की समस्याओं को सुना और प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी कि श्योपुर के हर किसान को उनका हक दिलाना कांग्रेस का संकल्प है। फसल बर्बाद, किसान बर्बाद और सरकार मूकदर्शक, यह अब और नहीं चलेगा। मुआवज़ा दिलाकर ही दम लेंगे।

किसान हितों की रक्षा के लिए श्योपुर में किसान न्याय यात्रा आयोजित की गई। जीतू पटवारी ने फिर से कहा कि कांग्रेस का हर संघर्ष किसान, युवा और आम आदमी के लिए है। श्योपुर के किसानों को उनका हक दिलाकर ही हम संतुष्ट होंगे। 1 दिसंबर की समय-सीमा सरकार के लिए अंतिम चेतावनी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

श्योपुर के किसानों की फसल बर्बाद होने के बाद मुआवजे की मांग ने एक गंभीर मुद्दा बना दिया है। राजनीतिक दलों को चाहिए कि वे किसानों के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझें और त्वरित कदम उठाएं।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या कांग्रेस किसानों को मुआवजा दिलाने में सफल होगी?
कांग्रेस ने इस मुद्दे पर जोरदार संघर्ष करने की घोषणा की है और यह देखना होगा कि वे सरकार पर कितना दबाव बना पाती हैं।
किसान कैलाश मीणा ने आत्महत्या क्यों की?
कैलाश ने अपनी बर्बाद फसलों की हालत देखकर आत्महत्या कर ली, जिससे यह स्पष्ट होता है कि किसानों पर आर्थिक और मानसिक दबाव कितना अधिक है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 7 महीने पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले