होटवार जेल में महिला कैदी के यौन शोषण के आरोप: राज्यपाल तक पहुंची शिकायत, जांच समितियां गठित

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होटवार जेल में महिला कैदी के यौन शोषण के आरोप: राज्यपाल तक पहुंची शिकायत, जांच समितियां गठित

सारांश

रांची की होटवार जेल में महिला कैदी के कथित यौन शोषण का मामला अब राज्यपाल तक पहुंच गया है। जेल प्रशासन ने आरोप नकारे, गर्भावस्था रिपोर्ट नकारात्मक बताई — लेकिन डालसा, प्रशासनिक समिति और राजनीतिक दल सभी जांच में जुट गए हैं।

मुख्य बातें

बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार, होटवार में न्यायिक हिरासत में बंद एक महिला कैदी के कथित यौन शोषण और गर्भावस्था के आरोप सामने आए।
जेएलकेएम ने 19 मई को राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की माँग की।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर जेल अधीक्षक व अधिकारियों की संलिप्तता की जांच माँगी।
BJP ने हाईकोर्ट के न्यायाधीश से न्यायिक जांच और जेल आईजी व अधीक्षक के तत्काल निलंबन की माँग की।
जेल अधीक्षक कुमार चंद्रशेखर ने सभी आरोप नकारे; महिला चिकित्सक द्वारा कराई जांच में गर्भावस्था रिपोर्ट नकारात्मक बताई।
डालसा की विशेष टीम ने पीड़िता का बयान दर्ज किया; तीन सदस्यीय प्रशासनिक जांच समिति भी सक्रिय।

रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में न्यायिक हिरासत में बंद एक महिला कैदी के कथित यौन शोषण और गर्भावस्था के आरोपों ने झारखंड के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में भूचाल ला दिया है। 19 मई को झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर उच्चस्तरीय जांच और कठोर कार्रवाई की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) और जिला प्रशासन दोनों ने स्वतंत्र जांच शुरू कर दी है।

मामला कैसे आया सामने

यह विवाद तब सार्वजनिक हुआ जब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर जेल अधीक्षक और अन्य अधिकारियों की कथित संलिप्तता की जांच की मांग की। मरांडी के पत्र के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) की झारखंड इकाई ने इसे अत्यंत संवेदनशील मामला बताते हुए हाईकोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश से न्यायिक जांच कराने और जेल आईजी व अधीक्षक को तत्काल निलंबित करने की माँग की।

गौरतलब है कि उच्च सुरक्षा वाली केंद्रीय जेल में इस तरह के आरोप लगना अपने आप में असाधारण है और यह मामला जेल प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

जांच समितियों की कार्रवाई

झालसा के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) की विशेष टीम ने जेल पहुंचकर पीड़िता का बयान दर्ज किया। डालसा की टीम जल्द ही अपनी जांच रिपोर्ट झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस एसएन प्रसाद को सौंपेगी। इसके समानांतर, रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री द्वारा गठित एडीएम (विधि-व्यवस्था) और एसडीएम स्तर के अधिकारियों की तीन सदस्यीय प्रशासनिक जांच समिति ने भी स्वतंत्र रूप से मामले की जांच आरंभ की है।

जेल प्रशासन का पक्ष

जेल अधीक्षक कुमार चंद्रशेखर ने सभी आरोपों को सिरे से नकारते हुए कहा कि संबंधित महिला नशे की आदी है और जेल में मोबाइल तथा वीआईपी सुविधाएं न मिलने के कारण वह अधिकारियों को फंसाने की धमकी दे रही थी। जेल प्रशासन के अनुसार, महिला चिकित्सक की देखरेख में कराई गई जांच में गर्भावस्था की रिपोर्ट नकारात्मक आई है।

जेएलकेएम का ज्ञापन और राज्यपाल से अपील

जेएलकेएम के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को सौंपे ज्ञापन में कहा कि यदि आरोप सत्य हैं, तो यह जेल प्रशासन, सुरक्षा व्यवस्था और महिला सम्मान पर गहरा प्रश्नचिह्न लगाता है। संगठन ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की माँग की है।

यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में जेल सुधार और महिला कैदियों की सुरक्षा को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं। अब सभी की निगाहें डालसा और प्रशासनिक समिति की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस मामले की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो अक्सर संस्थागत जवाबदेही से बचने का रास्ता बन जाता है। तीन समानांतर जांचें — डालसा, प्रशासनिक समिति और संभावित न्यायिक जांच — यदि समन्वित नहीं हुईं, तो परिणाम धुंधले रह सकते हैं। असली परीक्षा यह है कि क्या इनमें से कोई जांच स्वतंत्र, समयबद्ध और सार्वजनिक रूप से जवाबदेह होगी।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

होटवार जेल में महिला कैदी के यौन शोषण का मामला क्या है?
रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में न्यायिक हिरासत में बंद एक महिला कैदी पर कथित यौन शोषण और गर्भावस्था के आरोप लगे हैं। जेल प्रशासन ने आरोपों को नकारा है और महिला चिकित्सक की जांच में गर्भावस्था रिपोर्ट नकारात्मक बताई है।
इस मामले में कौन-कौन सी जांच एजेंसियां सक्रिय हैं?
झालसा के निर्देश पर डालसा की विशेष टीम ने पीड़िता का बयान दर्ज किया है और रिपोर्ट जस्टिस एसएन प्रसाद को सौंपेगी। इसके अलावा रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री द्वारा गठित एडीएम और एसडीएम स्तर की तीन सदस्यीय प्रशासनिक समिति भी जांच कर रही है।
BJP और विपक्ष ने इस मामले में क्या माँग की है?
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर जेल अधीक्षक व अधिकारियों की संलिप्तता की जांच माँगी। BJP ने हाईकोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश से न्यायिक जांच और जेल आईजी व अधीक्षक के तत्काल निलंबन की माँग की है।
जेएलकेएम ने राज्यपाल को ज्ञापन में क्या कहा?
जेएलकेएम के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को सौंपे ज्ञापन में कहा कि यदि आरोप सत्य हैं, तो यह जेल प्रशासन, सुरक्षा व्यवस्था और महिला सम्मान पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। संगठन ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की माँग की।
जेल प्रशासन ने आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया दी?
जेल अधीक्षक कुमार चंद्रशेखर ने सभी आरोपों को सिरे से नकारा है। उनके अनुसार संबंधित महिला नशे की आदी है और जेल में मोबाइल व वीआईपी सुविधाएं न मिलने के कारण अधिकारियों को फंसाने की धमकी दे रही थी।
राष्ट्र प्रेस
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