बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में महिला कैदी गर्भवती, बाबूलाल मरांडी ने CM हेमंत को लिखा पत्र — जेल अधिकारियों पर शोषण का आरोप

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में महिला कैदी गर्भवती, बाबूलाल मरांडी ने CM हेमंत को लिखा पत्र — जेल अधिकारियों पर शोषण का आरोप

सारांश

रांची की बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में एक महिला कैदी के कथित शोषण और गर्भवती होने का मामला सामने आया है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर वरिष्ठ जेल अधिकारियों पर साक्ष्य मिटाने और मामला दबाने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

मुख्य बातें

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने 17 मई 2025 को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार, रांची में महिला कैदी के कथित शोषण का आरोप लगाया।
आरोप के अनुसार, न्याय-अभिरक्षा में रखी महिला कैदी वर्तमान में गर्भवती है — कथित तौर पर वरिष्ठ जेल अधिकारियों द्वारा शोषण के परिणामस्वरूप।
मरांडी ने जेल महानिरीक्षक पर दोषी अधिकारियों को प्रशासनिक संरक्षण देने और फॉरेंसिक साक्ष्य मिटाने की कोशिशों का आरोप लगाया।
पीड़ित महिला को गुप्त स्थानों पर ले जाने और चश्मदीद कर्मचारियों को रातों-रात स्थानांतरित करने का भी आरोप है।
मरांडी ने माँग की है कि आरोपी अधिकारियों को तत्काल सेवामुक्त और गिरफ्तार किया जाए, अन्यथा सरकार की मूकदर्शिता स्वतः सिद्ध होगी।

झारखंड विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने 17 मई 2025 को मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखकर रांची स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में बंद एक महिला कैदी के कथित यौन एवं शारीरिक शोषण और उसके गर्भवती होने का गंभीर आरोप लगाया है। मरांडी के अनुसार, यह जानकारी उन्हें विश्वसनीय आंतरिक प्रशासनिक स्रोतों से प्राप्त हुई है। इस पत्र के सामने आने के बाद झारखंड के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

मुख्य आरोप: क्या कहा मरांडी ने

मरांडी ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि न्याय-अभिरक्षा में रखी गई उस महिला कैदी का वरिष्ठ कारागार अधिकारियों द्वारा मानसिक और शारीरिक शोषण किया गया, जिसके परिणामस्वरूप वह वर्तमान में गर्भवती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस संस्थागत अपराध की जानकारी मिलने के बाद भी दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के बजाय प्रशासनिक तंत्र के शीर्ष अधिकारी मामले को दबाने और फाइलें गायब करने में जुटे हैं।

नेता प्रतिपक्ष ने जेल महानिरीक्षक पर भी दोषी अधिकारियों को प्रशासनिक संरक्षण देने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि यह मामला केवल एक व्यक्तिगत अपराध नहीं, बल्कि एक सुनियोजित संस्थागत विफलता है।

साक्ष्य मिटाने की आशंका

पत्र में मरांडी ने गंभीर आशंका जताई है कि फॉरेंसिक और जैविक साक्ष्यों को नष्ट करने की सुनियोजित कोशिशें की जा रही हैं। उनके अनुसार, पीड़ित महिला कैदी को बीमारी और उपचार के बहाने कारागार परिसर से बाहर गुप्त स्थानों और चिकित्सालयों में ले जाया जा रहा है, ताकि अवैध चिकित्सकीय हस्तक्षेप के ज़रिए साक्ष्यों को मिटाया जा सके।

इसके अलावा, जेल के भीतर की गतिविधियों के चश्मदीद कर्मचारियों को रातों-रात स्थानांतरित कर दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है — जिसे मरांडी ने एक सोची-समझी रणनीति बताया।

सरकार को चेतावनी

मरांडी ने मुख्यमंत्री को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि आरोपी काराधीक्षक और साक्ष्य मिटाने के आरोपी उच्च अधिकारियों के विरुद्ध तत्काल सेवामुक्ति और गिरफ्तारी की कार्रवाई नहीं की जाती, तो यह माना जाएगा कि राज्य का शीर्ष नेतृत्व इस संस्थागत भ्रष्टाचार में मूकदर्शक बना हुआ है। उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रशासनिक विफलता की जवाबदेही वर्तमान राज्य सरकार की है।

राजनीतिक और प्रशासनिक असर

यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में जेल सुधार और महिला कैदियों की सुरक्षा को लेकर पहले से सवाल उठते रहे हैं। गौरतलब है कि बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार राज्य की सबसे बड़ी जेल है और यहाँ की सुरक्षा व्यवस्था सीधे गृह विभाग के अधीन आती है। विपक्ष के इस पत्र के बाद राज्य सरकार पर जवाब देने का दबाव बढ़ गया है। आने वाले दिनों में यह मामला विधानसभा में भी उठने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह मामला व्यक्तिगत अपराध से आगे बढ़कर संस्थागत षड्यंत्र की श्रेणी में आता है। झारखंड सरकार का अब तक का मौन और किसी स्वतंत्र जाँच की घोषणा न होना, विपक्ष के आरोपों को और बल देता है। सर्वोच्च न्यायालय और राष्ट्रीय महिला आयोग जैसी संस्थाओं का इस मामले में स्वतः संज्ञान लेना अब ज़रूरी हो गया है।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिरसा मुंडा जेल में महिला कैदी के गर्भवती होने का मामला क्या है?
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया है कि रांची की बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में न्याय-अभिरक्षा में बंद एक महिला कैदी का वरिष्ठ जेल अधिकारियों द्वारा कथित तौर पर शोषण किया गया, जिसके परिणामस्वरूप वह गर्भवती है। यह आरोप उन्होंने 17 मई 2025 को मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में लगाए हैं।
बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री से क्या माँग की है?
मरांडी ने माँग की है कि आरोपी काराधीक्षक और साक्ष्य मिटाने के आरोपी उच्च अधिकारियों को तत्काल सेवामुक्त कर गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि कार्रवाई न होने पर यह माना जाएगा कि सरकार का शीर्ष नेतृत्व इस संस्थागत भ्रष्टाचार में मूकदर्शक है।
क्या साक्ष्य मिटाने की कोशिश हो रही है?
मरांडी के आरोपों के अनुसार, पीड़ित महिला कैदी को बीमारी के बहाने गुप्त स्थानों और चिकित्सालयों में ले जाया जा रहा है ताकि जैविक और फॉरेंसिक साक्ष्यों को नष्ट किया जा सके। इसके अलावा, चश्मदीद कर्मचारियों को रातों-रात स्थानांतरित कर दिए जाने का भी आरोप है। ये सभी आरोप अभी तक सरकार द्वारा न पुष्टि किए गए हैं, न खंडन।
बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार कहाँ है और यह किसके अधीन है?
बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार झारखंड की राजधानी रांची में स्थित है और राज्य का सबसे बड़ा कारागार है। यह झारखंड सरकार के गृह विभाग के प्रत्यक्ष प्रशासनिक नियंत्रण में आता है।
इस मामले में आगे क्या हो सकता है?
विपक्ष के पत्र के बाद राज्य सरकार पर जवाब देने का दबाव बढ़ गया है और यह मामला झारखंड विधानसभा में उठने की संभावना है। यदि सरकार स्वतंत्र जाँच की घोषणा नहीं करती, तो राष्ट्रीय महिला आयोग या न्यायालय का हस्तक्षेप भी संभव है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 10 घंटे पहले
  2. 2 दिन पहले
  3. 5 दिन पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले