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क्या राज्य में सरकार-पुलिस-उग्रवादी गठजोड़ से हो रही है कोयला तस्करी?

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क्या राज्य में सरकार-पुलिस-उग्रवादी गठजोड़ से हो रही है कोयला तस्करी?

सारांश

झारखंड भाजपा के नेता बाबूलाल मरांडी ने राज्य में कोयला तस्करी को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, यह तस्करी एक बड़ा गठजोड़ है जिसमें सरकार, पुलिस, और उग्रवादी शामिल हैं। क्या यह आरोप सच हैं?

मुख्य बातें

कोयला तस्करी की गंभीरता पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
राज्य के संसाधनों की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाने चाहिए।
स्थानीय प्रशासन की जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।

रांची, 10 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और राज्य विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड में बड़े पैमाने पर हो रही कोयला तस्करी को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि कोयले की इस अवैध तस्करी में सरकार, पुलिस अधिकारी और उग्रवादी संगठनों का गठजोड़ काम कर रहा है।

मरांडी ने दावा किया कि केवल पलामू जिले के रास्ते से ही प्रतिमाह करीब 15 करोड़ रुपए की अवैध कमाई हो रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में कोयले का काला खेल अब केवल धनबाद, बोकारो और रामगढ़ जैसे पारंपरिक कोल बेल्ट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब यह पलामू और लातेहार जैसे जिलों तक फैल गया है। प्रतिदिन हजारों टन कोयला पलामू के रास्ते से बिहार के डेहरी और उत्तर प्रदेश के बनारस की मंडियों तक पहुंचाया जा रहा है।

नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि इस अवैध कारोबार से होने वाली करोड़ों की कमाई का बंटवारा सत्ता और सिस्टम से जुड़े लोगों के बीच हो रहा है। भाजपा नेता ने कहा कि यह गठजोड़ राज्य की प्रशासनिक और राजनीतिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

उन्होंने सरकार के मुखिया पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि उनके संरक्षण में पुलिस और उग्रवादी संगठन मिलकर झारखंड के प्राकृतिक संसाधनों की लूट मचा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पलामू जैसे जिलों से खुलेआम प्रतिदिन हजारों टन कोयला राज्य की सीमाओं से बाहर जा रहा है तो सरकार और पुलिस प्रशासन आखिर चुप क्यों हैं?

मरांडी ने कहा कि पूरे राज्य में अलग-अलग मार्गों से होने वाली कोयला तस्करी की काली कमाई का अनुमान लगाया जाए तो यह आंकड़ा प्रतिदिन करोड़ों में पहुंचता है। उन्होंने राज्यपाल से इस पूरे प्रकरण की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग की और कहा कि झारखंड के लोगों को यह जानने का अधिकार है कि राज्य के संसाधनों की लूट के पीछे कौन लोग हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और इसे समझने के लिए हमें इसकी तह तक जाना होगा। यह आरोप कि राज्य में सरकार और पुलिस का गठजोड़ है, लोगों के मन में अनिश्चितता पैदा कर रहा है। एक निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है ताकि वास्तविकता सामने आ सके।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोयला तस्करी के आरोप किसने लगाए हैं?
झारखंड प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कोयला तस्करी के आरोप लगाए हैं।
क्या तस्करी में सरकार शामिल है?
मरांडी के अनुसार, तस्करी में सरकार, पुलिस अधिकारी और उग्रवादी संगठनों का गठजोड़ शामिल है।
राष्ट्र प्रेस
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