तमिलनाडु विधानसभा चुनाव: डीएमके की 165 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी, स्टालिन का एकजुटता का संदेश
सारांश
Key Takeaways
- डीएमके का चुनावी लक्ष्य 165 सीटें
- गठबंधन में 26 पार्टियाँ शामिल
- धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय पर जोर
- उम्मीदवार चयन में 16,500 से अधिक प्रतिभागी
- गठबंधन की एकता और मजबूती का संदेश
चेन्नई, २५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) ने आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए अपनी रणनीति को अंतिम रूप दे दिया है। पार्टी कम से कम १६५ सीटों पर चुनाव लड़ने का इरादा रखती है और सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस (एसपीए) के अंतर्गत सीट बंटवारे की प्रक्रिया लगभग पूर्ण हो चुकी है।
इस गठबंधन में २६ दल शामिल हैं, जिनमें सहयोगी पार्टियों को कुल ६६ सीटें आवंटित की गई हैं। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को २८ सीटें दी गई हैं, जो इस गठबंधन की सबसे बड़ी सहयोगी पार्टी है।
इसके अलावा, विदुथलाई चिरुथइगल कच्ची (वीसीके) को ८ सीटें, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) को ५-५ सीटें, मरुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम को ४ सीटें, और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग तथा ह्यूमनिस्ट पीपुल्स पार्टी को २-२ सीटें दी गई हैं।
मुख्यमंत्री और डीएमके अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए घोषणा की है कि डीएमके और उसके सहयोगी दल १७५ विधानसभा सीटों पर ‘राइजिंग सन’ (उगता सूरज) चुनाव चिह्न के तहत चुनाव लड़ेंगे। इसे गठबंधन की एकता और मजबूती के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।
पार्टी कार्यकर्ताओं को लिखे पत्र में स्टालिन ने कहा कि सीट बंटवारे की प्रक्रिया सहयोगी दलों के साथ गहन विचार-विमर्श के बाद पूर्ण की गई है, ताकि संतुलन और लोकतांत्रिक भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने पिछले पांच वर्षों में डीएमके सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि “द्रविड़ मॉडल” ने राज्य में विकास और स्थिरता को पुनर्स्थापित किया है। उन्होंने सहयोगी दलों को धर्मनिरपेक्षता, सामाजिक न्याय और समानता पर आधारित नीतियों को आगे बढ़ाने का श्रेय भी दिया।
उम्मीदवार चयन प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए स्टालिन ने जानकारी दी कि १७ से २३ मार्च के बीच आयोजित इंटरव्यू में १६,५०० से अधिक इच्छुक उम्मीदवारों ने भाग लिया, जो पार्टी के जमीनी स्तर पर मजबूत संगठन को दर्शाता है।
एकजुटता की अपील करते हुए स्टालिन ने डीएमके कार्यकर्ताओं से सभी गठबंधन उम्मीदवारों का समर्थन करने की अपील की। उन्होंने कहा, “सभी २३४ विधानसभा सीटें हमारी हैं,” और जीत सुनिश्चित करने के लिए समन्वित प्रयासों पर बल दिया।
सीट बंटवारे की प्रक्रिया लगभग पूर्ण हो जाने के बाद, डीएमके का नेतृत्व वाला गठबंधन चुनाव प्रचार को तेज करने के लिए तैयार है और एकजुट होकर चुनावी मुकाबले में उतरने की रणनीति बना रहा है।