वीसीके के नेता थोल. थिरुमावलवन ने चुनावी अवसरों की कमी पर जताई चिंता

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वीसीके के नेता थोल. थिरुमावलवन ने चुनावी अवसरों की कमी पर जताई चिंता

सारांश

तमिलनाडु में विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके) पार्टी के नेता थोल. थिरुमावलवन ने 25 वर्षों के बाद भी चुनावी अवसरों की कमी पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने पार्टी के सामने मौजूद चुनौतियों और भविष्य की दिशा पर भी विचार साझा किया।

मुख्य बातें

वीसीके पार्टी की राजनीतिक यात्रा में चुनौतियाँ बनी हुई हैं।
गठबंधन में सीमित सीटों का बंटवारा एक बड़ी समस्या है।
उम्मीदवार चयन में दबाव बढ़ता है जब सीटें कम होती हैं।
पार्टी ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन करते हुए उम्मीदवारों का चयन किया है।
थिरुमावलवन ने अनुशासन और स्वायत्त निर्णय लेने पर जोर दिया।

चेन्नई, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु की राजनीति में सक्रिय विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके) पार्टी के नेता और सांसद थोल. थिरुमावलवन ने अपनी पार्टी को दरपेश चुनौतियों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि 25 वर्षों की राजनीतिक यात्रा के बाद भी पार्टी को आज भी पर्याप्त चुनावी अवसर प्राप्त करने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

फेसबुक लाइव पर पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद करते हुए थोल. थिरुमावलवन ने कहा, "25 वर्षों बाद भी यह राजनीतिक माहौल हमारे लिए नया जैसा प्रतीत होता है। हम पूरी तरह से इसके अनुरूप नहीं ढल पाए हैं और सामाजिक परिवेश भी हमारे पक्ष में नहीं रहा है।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ शक्तियाँ नहीं चाहतीं कि उनकी पार्टी एक सशक्त राजनीतिक शक्ति के रूप में उभरे।

थोल. थिरुमावलवन ने कहा, "आज भी एक बड़ा वर्ग ऐसा है जो नहीं चाहता कि हम सशक्त बनें या निर्णायक भूमिका में आएं। हमारे विकास के लिए प्रोत्साहन और समर्थन की कमी है।" फिर भी, उन्होंने यह बताया कि इन चुनौतियों के बावजूद वीसीके ने तमिलनाडु की राजनीति में अपनी उपस्थिति बनाए रखी है और धीरे-धीरे एक महत्वपूर्ण राजनीतिक ताकत के रूप में उभर रही है।

थिरुमावलवन ने पार्टी के आंतरिक मुद्दों पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि गठबंधन की राजनीति में सीटों का वितरण एक बड़ी चुनौती है। डीएमके-नीत गठबंधन में 20 से अधिक पार्टियाँ हैं, जिसमें वीसीके को सीमित सीटें ही मिल पाती हैं।

उन्होंने कहा, "जब हमें 10 से भी कम सीटें मिलती हैं, तो टिकट के दावेदारों की लंबी कतार होती है, जिससे उम्मीदवार चयन में दबाव बढ़ जाता है।" थोल. थिरुमावलवन ने स्पष्ट किया कि पार्टी सभी सीटों पर इच्छुक उम्मीदवारों से आवेदन मंगाती है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन करती है।

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि केवल आवेदन करना या इंटरव्यू देना टिकट की गारंटी नहीं है। अंतिम निर्णय कई पहलुओं को ध्यान में रखकर लिया जाता है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पीपुल्स वेलफेयर अलायंस के समय उन्हें अधिक सीटें मिलने के कारण उम्मीदवार चुनने में अधिक स्वतंत्रता थी।

'बाहरी उम्मीदवार' पर उठने वाली आलोचनाओं को उन्होंने खारिज किया और कहा कि पार्टी ने विभिन्न क्षेत्रों से उम्मीदवारों को उतारा और 6 में से 4 सीटों पर जीत हासिल की।

थिरुमावलवन ने पार्टी में अनुशासन और स्वायत्त निर्णय लेने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कम्युनिस्ट पार्टियों का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी उम्मीदवार चयन प्रक्रिया और फंड जुटाने का तरीका काफी संगठित है।

थोल. थिरुमावलवन ने कहा कि तमाम चुनौतियों के बावजूद वीसीके लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध है और अपने राजनीतिक विस्तार के लिए निरंतर प्रयास करती रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि यह दर्शाता है कि एक स्थापित पार्टी, जो लगभग एक चौथाई सदी से सक्रिय है, आज भी चुनावी अवसरों के लिए संघर्ष कर रही है। थोल. थिरुमावलवन की चिंता इस बात को उजागर करती है कि राजनीतिक स्थिरता और अवसरों की कमी की समस्या गहरी हो सकती है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वीसीके पार्टी किस प्रकार की चुनौतियों का सामना कर रही है?
वीसीके पार्टी को चुनावी अवसरों की कमी, गठबंधन राजनीति में सीमित सीटें, और सामाजिक माहौल के अनुकूल न होने जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
थोल. थिरुमावलवन ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि 25 वर्षों के बाद भी उनका राजनीतिक मैदान नया जैसा लगता है और उन्हें मजबूत बनने के लिए समर्थन की कमी महसूस होती है।
राष्ट्र प्रेस
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