थिरुमावलवन ने कट्टुमन्नारकोइल सीट से चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा की
सारांश
Key Takeaways
- थोल थिरुमावलवन ने कट्टुमन्नारकोइल सीट से चुनाव न लड़ने का निर्णय लिया।
- उन्होंने कहा कि उनका निर्णय जनहित में है।
- ज्योथिमणि को इस सीट पर पार्टी का उम्मीदवार बनाया जाएगा।
- आगामी चुनाव को दक्षिणपंथी ताकतों के खिलाफ लड़ाई बताया।
चेन्नई, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके) के प्रमुख थोल थिरुमावलवन ने 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में कट्टुमन्नारकोइल विधानसभा क्षेत्र से चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा की है, जिससे उनकी उम्मीदवारी से जुड़ी अटकलों पर विराम लग गया है।
मीडिया से बातचीत करते हुए थिरुमावलवन ने बताया कि उन्होंने पहले वंचित समुदायों की आवाज को विधानसभा में उठाने की इच्छा व्यक्त की थी, लेकिन हाल की राजनीतिक परिस्थितियों और गठबंधन की रणनीति के मद्देनजर उन्होंने पीछे हटने का निर्णय लिया।
उन्होंने कहा, “मैं सांसद के रूप में दो वर्ष पूरे कर चुका हूं और विधानसभा में जाकर दबे-कुचले वर्गों की आवाज बनना मेरी दीर्घकालिक सोच रही है।”
अपने राजनीतिक सफर पर बात करते हुए उन्होंने उल्लेख किया कि उनके सभी निर्णय हमेशा जनहित में रहे हैं, न कि व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा के आधार पर। उन्होंने 2004 में पद छोड़ने और 2006 में दूसरों को अवसर देने के लिए पीछे हटने का भी जिक्र किया।
थिरुमावलवन ने यह स्पष्ट किया कि वह उपमुख्यमंत्री पद की दौड़ में नहीं हैं और न ही त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति को ध्यान में रखते हुए कोई रणनीति बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह आरोप उनकी छवि को खराब करने और गठबंधन को कमजोर करने के लिए फैलाए जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि द्रमुक के दबाव में उनकी उम्मीदवारी नहीं रोकी गई, बल्कि सीट बंटवारे का निर्णय सामाजिक न्याय के सिद्धांतों पर आधारित है।
उन्होंने घोषणा की कि कट्टुमन्नारकोइल सीट से पार्टी की ओर से ज्योथिमणि (पूर्व नेता इलैयापेरुमल के छोटे बेटे) को उम्मीदवार बनाया जाएगा।
उन्होंने पार्टी में किसी भी तरह के मतभेद से इनकार करते हुए कहा कि सभी निर्णय पारदर्शिता के साथ लिए गए हैं।
आगामी 2026 चुनाव को उन्होंने तमिलनाडु में दक्षिणपंथी ताकतों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई बताया और कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य द्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन की जीत सुनिश्चित करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह गठबंधन 200 से अधिक सीटें जीतकर सत्ता में वापसी करेगा।
उन्होंने अंत में कहा, “मैं कभी भी पद के लिए राजनीति में नहीं आया। मेरे पिछले त्याग ही इसका प्रमाण हैं।”