ई20 पेट्रोल से पुराने वाहनों में माइलेज 3-5% घट सकता है, इंजन नुकसान का कोई प्रमाण नहीं: केंद्र सरकार
सारांश
मुख्य बातें
केंद्र सरकार ने 22 जुलाई 2026 को स्पष्ट किया कि ई20 पेट्रोल (20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) के उपयोग से ई10 मानक के लिए निर्मित कुछ पुराने वाहनों में ईंधन दक्षता में मामूली गिरावट आ सकती है, परंतु एथेनॉल मिश्रण के कारण बड़े पैमाने पर इंजन क्षति या वाहन खराबी का कोई सत्यापित प्रमाण सामने नहीं आया है। यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है जब ई20 पेट्रोल को लेकर सोशल मीडिया और विपक्षी हलकों में कई दावे किए जा रहे हैं।
राज्यसभा में सरकार का जवाब
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने राज्यसभा में लिखित उत्तर के माध्यम से बताया कि ई10 के लिए डिज़ाइन किए गए पुराने वाहनों में माइलेज में होने वाली गिरावट सामान्यतः 3 से 5 प्रतिशत तक ही सीमित रहती है। उन्होंने कहा, "ई10 के लिए डिज़ाइन किए गए कुछ पुराने वाहनों में ईंधन दक्षता में होने वाली कमी सामान्यतः मामूली (करीब 3-5 प्रतिशत) होती है।"
माइलेज को प्रभावित करने वाले अन्य कारक
मंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि किसी वाहन की ईंधन दक्षता केवल पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा पर निर्भर नहीं करती। ड्राइविंग की आदतें, वाहन का रखरखाव, टायर प्रेशर, व्हील अलाइनमेंट और एयर कंडीशनर (एसी) के उपयोग जैसे कई अन्य कारक भी माइलेज को प्रभावित करते हैं। सुरेश गोपी ने कहा, "कुछ पुराने वाहनों में माइलेज में हल्की गिरावट आ सकती है, लेकिन ई20 पेट्रोल के कई फायदे भी हैं — इसमें अधिक ऑक्टेन रेटिंग, बेहतर एंटी-नॉक प्रदर्शन, बेहतर दहन क्षमता और अधिक स्मूथ एक्सीलरेशन मिलता है।"
गडकरी की चुनौती: एक भी उदाहरण लाकर दिखाएँ
इससे पहले 7 जुलाई को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 'विकसित भारत कॉन्क्लेव' में ई20 पेट्रोल के आलोचकों को सीधी चुनौती दी थी। उन्होंने कहा था, "ई20 पेट्रोल की वजह से किसी भी कार में खराबी आने का एक भी मामला सामने नहीं आया है। अगर किसी वाहन में ई20 पेट्रोल से समस्या हुई है, तो उसका सिर्फ एक उदाहरण बता दीजिए।" गडकरी ने माइलेज कम होने और वाहन खराबी के दावों को 'पेड कैंपेन' का हिस्सा बताते हुए कहा, "उच्च एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर झूठे नैरेटिव फैलाए जा रहे हैं।"
ई20 पेट्रोल की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि भारत सरकार की राष्ट्रीय जैव-ईंधन नीति के तहत पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जा रहा है। ई20 मिश्रण का उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटाना, किसानों को अतिरिक्त आय देना और कार्बन उत्सर्जन कम करना है। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है।
आगे क्या
सरकार का कहना है कि 2025 के बाद निर्मित वाहन ई20 के लिए अनुकूलित हैं और उनमें माइलेज पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा। पुराने वाहन मालिकों को सलाह दी गई है कि वे नियमित रखरखाव सुनिश्चित करें और टायर प्रेशर व व्हील अलाइनमेंट की जाँच करते रहें, ताकि ईंधन दक्षता में किसी भी संभावित गिरावट को न्यूनतम किया जा सके।