7 अगस्त 2026
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जयशंकर और मिस्री की ल्यूक गोह से मुलाकात, भारत-सिंगापुर व्यापक रणनीतिक साझेदारी पर मंथन

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जयशंकर और मिस्री की ल्यूक गोह से मुलाकात, भारत-सिंगापुर व्यापक रणनीतिक साझेदारी पर मंथन

सारांश

विदेश मंत्री जयशंकर और विदेश सचिव मिस्री की सिंगापुर के ल्यूक गोह से नई दिल्ली में मुलाकात — विनिर्माण, प्रौद्योगिकी, खाद्य सुरक्षा और ऊर्जा पर चर्चा। FOC के 19वें दौर में व्यापक रणनीतिक साझेदारी के आठ क्षेत्रों की समीक्षा, ASEAN मंचों पर तालमेल पर ज़ोर।

मुख्य बातें

जयशंकर और विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने 6 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में सिंगापुर के स्थायी सचिव ल्यूक गोह से अलग-अलग मुलाकातें कीं।
चर्चा में विनिर्माण, प्रौद्योगिकी, खाद्य सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति में नई संभावनाओं पर ध्यान केंद्रित रहा।
भारत-सिंगापुर FOC के 19वें दौर में व्यापक रणनीतिक साझेदारी के आठ प्रमुख क्षेत्रों की प्रगति की समीक्षा हुई।
साझेदारी को सितंबर 2024 में PM मोदी की सिंगापुर यात्रा के दौरान 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक उन्नत किया गया था।
रोडमैप सितंबर 2025 में सिंगापुर के PM लॉरेंस वोंग की भारत यात्रा के दौरान लॉन्च हुआ था।
दोनों पक्षों ने ASEAN सहित अंतरराष्ट्रीय मंचों पर करीबी तालमेल के महत्व को दोहराया।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर और विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने 6 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में सिंगापुर के विदेश मंत्रालय के स्थायी सचिव (नीति) ल्यूक गोह से अलग-अलग मुलाकातें कीं। इन बैठकों में भारत-सिंगापुर व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने तथा क्षेत्रीय एवं वैश्विक घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया।

मुख्य घटनाक्रम

विदेश मंत्री जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट कर जानकारी दी कि उन्होंने गुरुवार को ल्यूक गोह से मुलाकात की और विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग), प्रौद्योगिकी, खाद्य सुरक्षा तथा ऊर्जा आपूर्ति जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। इसी दिन विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने भी ल्यूक गोह से अलग बैठक की, जिसकी पुष्टि विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर पोस्ट के ज़रिए की।

FOC का 19वाँ दौर और साझेदारी की समीक्षा

इन द्विपक्षीय बैठकों के साथ-साथ नई दिल्ली में भारत-सिंगापुर फॉरेन ऑफिस कंसल्टेशन्स (FOC) का 19वाँ दौर भी आयोजित हुआ। दोनों पक्षों ने 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' के तहत तय किए गए आठ प्रमुख क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की प्रगति की समीक्षा की। इन क्षेत्रों में आगे का काम भारत-सिंगापुर मंत्रीस्तरीय गोलमेज (ISMR) के ढाँचे के तहत जारी रहेगा।

साझेदारी की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि सितंबर 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सिंगापुर यात्रा के दौरान दोनों देशों के संबंधों को 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक उन्नत किया गया था। इसके बाद सितंबर 2025 में सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग की भारत यात्रा के दौरान इस साझेदारी का विस्तृत रोडमैप लॉन्च किया गया, जिसमें आर्थिक सहयोग, कौशल विकास, डिजिटलीकरण, स्थिरता, कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य सेवा, लोगों के बीच एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान, तथा रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग शामिल हैं।

क्षेत्रीय और वैश्विक संदर्भ

दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। साझा चुनौतियों से निपटने के लिए आसियान (ASEAN) सहित अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मंचों पर करीबी तालमेल के महत्व को दोनों पक्षों ने दोहराया। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भू-राजनीतिक हलचलें तेज़ हैं और भारत अपनी 'एक्ट ईस्ट' नीति को नई गति दे रहा है।

आगे की राह

FOC के इस दौर में हुई समीक्षा और मंत्रिस्तरीय संपर्कों से संकेत मिलता है कि दोनों देश साझेदारी के रोडमैप को ठोस परिणामों में बदलने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। ISMR के तहत आगामी बैठकें इस प्रक्रिया को और गति देंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि ठोस आर्थिक और सुरक्षा एजेंडे में बदलना चाहता है। विनिर्माण और ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पर ज़ोर इंडो-पैसिफिक में चीन की बढ़ती मौजूदगी के बीच भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति को व्यावहारिक आयाम देने की कोशिश है। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि 2024 और 2025 के उच्च-स्तरीय दौरों के बावजूद रोडमैप के आठ क्षेत्रों में मापने योग्य परिणाम अभी सार्वजनिक नहीं हुए हैं। ISMR जैसे ढाँचों की असली परीक्षा तब होगी जब बैठकों की संख्या नहीं, बल्कि साझेदारी के नतीजे गिने जाएँगे।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयशंकर और ल्यूक गोह की बैठक में क्या हुआ?
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 6 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में सिंगापुर के स्थायी सचिव ल्यूक गोह से मुलाकात की और विनिर्माण, प्रौद्योगिकी, खाद्य सुरक्षा तथा ऊर्जा आपूर्ति जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाओं पर चर्चा की। इसी दिन विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने भी ल्यूक गोह से अलग बैठक की।
भारत-सिंगापुर FOC का 19वाँ दौर किस पर केंद्रित था?
इस दौर में 'भारत-सिंगापुर व्यापक रणनीतिक साझेदारी' के तहत तय आठ प्रमुख क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की प्रगति की समीक्षा की गई। क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ।
भारत-सिंगापुर व्यापक रणनीतिक साझेदारी कब और कैसे बनी?
सितंबर 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सिंगापुर यात्रा के दौरान दोनों देशों के संबंधों को 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक उन्नत किया गया था। इसका विस्तृत रोडमैप सितंबर 2025 में सिंगापुर के PM लॉरेंस वोंग की भारत यात्रा के दौरान लॉन्च किया गया।
इस साझेदारी में कौन-से क्षेत्र शामिल हैं?
रोडमैप में आर्थिक सहयोग, कौशल विकास, डिजिटलीकरण, स्थिरता, कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य सेवा एवं चिकित्सा, लोगों के बीच एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान, तथा रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग — कुल आठ प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं।
ISMR क्या है और इसकी भूमिका क्या है?
भारत-सिंगापुर मंत्रीस्तरीय गोलमेज (ISMR) वह उच्च-स्तरीय ढाँचा है जिसके तहत दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी के आठ क्षेत्रों में आगे का काम किया जाता है। FOC के 19वें दौर में समीक्षा के बाद तय किए गए अगले कदम इसी ढाँचे के तहत आगे बढ़ेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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