29 जून 2026
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सुवेंदु अधिकारी ने हुमायूं कबीर को दी कड़ी चेतावनी: 'अपमानजनक भाषण बंद करो, नहीं तो कार्रवाई होगी'

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सुवेंदु अधिकारी ने हुमायूं कबीर को दी कड़ी चेतावनी: 'अपमानजनक भाषण बंद करो, नहीं तो कार्रवाई होगी'

सारांश

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने विधानसभा में AJUP प्रमुख हुमायूं कबीर को सीधी चेतावनी दी — भड़काऊ भाषण बंद करो या कार्रवाई झेलो। रेजीनगर उपचुनाव की पृष्ठभूमि में तीन एफआईआर दर्ज, और मुर्शिदाबाद दौरे का ऐलान — यह महज़ चेतावनी नहीं, राजनीतिक संदेश है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 29 जून 2026 को विधानसभा में हुमायूं कबीर को भड़काऊ भाषणों पर कड़ी चेतावनी दी।
26 जून की घटना पर रेजीनगर पुलिस स्टेशन में BNS की 8 धाराओं के तहत दो मामले (संख्या 219 और 226 ) और शक्तिपुर में एक और एफआईआर दर्ज।
अधिकारी ने हुमायूं के दो राजनीतिक एजेंडे गिनाए — पंचायतों को AJUP में मिलाना और रेजीनगर उपचुनाव में बेटे को जिताना।
रेजीनगर सीट पर 72 प्रतिशत मुस्लिम आबादी ; मुख्यमंत्री ने मुस्लिम वोट एकजुट करने की कोशिश का आरोप लगाया।
हुमायूं कबीर ने आरोप नकारते हुए कहा कि उन्होंने 4 मई के बाद BJP में शामिल हुए 'अशांति फैलाने वालों' के खिलाफ बोला था।
मुख्यमंत्री ने एक सप्ताह में मुर्शिदाबाद दौरे का ऐलान किया।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार, 29 जून 2026 को विधानसभा में विधायक और आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख हुमायूं कबीर को सार्वजनिक मंचों से भड़काऊ और अपमानजनक भाषण देने पर कड़ी चेतावनी दी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि रेजीनगर और शक्तिपुर में दिए गए भाषणों के आधार पर पहले ही दो एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी हैं और भविष्य में ऐसी भाषा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री अधिकारी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में हुमायूं कबीर के भाषणों के अंश पढ़कर सुनाए और कहा कि 26 जून की घटना के संदर्भ में रेजीनगर पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 152, 196, 197, 224, 299, 351(2), 352 और 353 के तहत मामला संख्या 219 और 226 दर्ज किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, शक्तिपुर पुलिस स्टेशन में BNS की धाराओं 176 और 226 के तहत एक और प्राथमिकी दर्ज की गई है।

अधिकारी ने विधानसभा में कहा, 'दो घटनाओं के बाद मुझे लगा कि अब बहुत हो चुका है। ऐसे लोगों को सबक सिखाने का समय आ गया है। मैं आपको साफ-साफ बता रहा हूं, ममता बनर्जी अब मुख्यमंत्री नहीं हैं।'

सुवेंदु का आरोप: दो राजनीतिक एजेंडे

मुख्यमंत्री ने हुमायूं कबीर के भाषणों के पीछे दो राजनीतिक मकसद गिनाए। उनके अनुसार, पहला उद्देश्य मुर्शिदाबाद जिले के भरतपुर, रेजीनगर और नौदा में चुनी हुई सभी पंचायतों को, चाहे वे किसी भी पार्टी की हों, AJUP में शामिल करना था।

दूसरे एजेंडे के बारे में अधिकारी ने कहा, 'आपने विधानसभा चुनाव में दो सीटें जीतीं। नियमों के अनुसार रेजीनगर सीट छोड़नी पड़ी। वहाँ अगले 2-3 महीनों में उपचुनाव होंगे। आप चाहते हैं कि उस सीट से आपका बेटा जीते। उस सीट पर 72 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है। आप मुस्लिम वोटों को एकजुट करने के लिए यह खेल खेल रहे हैं।'

सरकार की प्रतिक्रिया और चेतावनी

अधिकारी ने बिना नाम लिए संदेशखाली के शेख शाहजहां, कैनिंग के शौकत मोल्ला और फलता के जहांगीर खान का उदाहरण दिया, जिन्हें अलग-अलग अपराधों के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने कहा, 'कान खोलकर सुन लीजिए — मैं आपको इस तरह बात नहीं करने दूंगा।' साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि वे एक सप्ताह के भीतर मुर्शिदाबाद दौरे पर जाएंगे।

हुमायूं कबीर का पक्ष

मुख्यमंत्री के भाषण के बाद हुमायूं कबीर ने अपना बचाव करते हुए कहा, 'मैंने मुख्यमंत्री के खिलाफ कुछ नहीं कहा। मैंने उन लोगों के खिलाफ बात की जो 4 मई के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुए और इलाके में अशांति फैलाई। अगर इसके लिए मुझे गिरफ्तार किया जाता है, तो ठीक है।'

आगे क्या होगा

तीनों एफआईआर के साथ पुलिस कार्रवाई जारी है। रेजीनगर उपचुनाव आने वाले महीनों में प्रस्तावित है, जिसे देखते हुए यह राजनीतिक तनाव और गहरा हो सकता है। मुर्शिदाबाद में मुख्यमंत्री का दौरा स्थिति की गंभीरता का संकेत देता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

राजनीतिक है — रेजीनगर उपचुनाव से पहले AJUP को कमज़ोर करने की स्पष्ट कोशिश। यह ऐसे समय में आई है जब नई BJP सरकार बंगाल में 'मज़बूत मुख्यमंत्री' की छवि गढ़ने में जुटी है और विपक्षी विधायकों पर सख्ती को अपनी पहचान बना रही है। हुमायूं कबीर का पलटवार — कि उन्होंने 'BJP के नए सदस्यों' के खिलाफ बोला — इस विवाद की परतें खोलता है; असल सवाल यह है कि क्या FIR की धाराएँ न्यायिक जाँच में टिकेंगी। मुर्शिदाबाद में उपचुनाव की तारीख जैसे-जैसे नज़दीक आएगी, यह तनाव और तीखा होगा।
RashtraPress
29 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुवेंदु अधिकारी ने हुमायूं कबीर को चेतावनी क्यों दी?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने रेजीनगर और शक्तिपुर में हुमायूं कबीर द्वारा दिए गए भड़काऊ और अपमानजनक सार्वजनिक भाषणों को आधार बनाकर यह चेतावनी दी। उनके अनुसार इन भाषणों के चलते पहले ही तीन एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।
हुमायूं कबीर के खिलाफ कौन-सी धाराओं में मामले दर्ज हुए हैं?
रेजीनगर पुलिस स्टेशन में BNS की धाराओं 152, 196, 197, 224, 299, 351(2), 352 और 353 के तहत मामला संख्या 219 और 226 दर्ज हुए हैं। शक्तिपुर पुलिस स्टेशन में BNS की धाराओं 176 और 226 के तहत एक अलग मामला दर्ज किया गया है।
रेजीनगर उपचुनाव से इस विवाद का क्या संबंध है?
मुख्यमंत्री अधिकारी ने आरोप लगाया कि हुमायूं कबीर रेजीनगर उपचुनाव में अपने बेटे को जिताने के लिए मुस्लिम वोटों को एकजुट करने की कोशिश कर रहे हैं। हुमायूं ने यह सीट विधानसभा चुनाव में दो सीटें जीतने के बाद नियमानुसार खाली की थी, और उस सीट पर 72 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता हैं।
हुमायूं कबीर ने आरोपों पर क्या कहा?
हुमायूं कबीर ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री के खिलाफ कुछ नहीं कहा, बल्कि 4 मई के बाद BJP में शामिल हुए उन लोगों के खिलाफ बोला जिन्होंने इलाके में अशांति फैलाई। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी हो तो भी वे अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।
मुख्यमंत्री अधिकारी ने आगे क्या कदम उठाने का संकेत दिया?
अधिकारी ने विधानसभा में घोषणा की कि वे एक सप्ताह के भीतर मुर्शिदाबाद दौरे पर जाएंगे और पुलिस कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने हुमायूं को संयम बरतने और भविष्य में ऐसे शब्द बोलने से पहले 25 बार सोचने की सलाह दी।
राष्ट्र प्रेस
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