28 जुलाई 2026
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टीएमसी ने हुमायूं कबीर के खिलाफ चुनाव आयोग में दर्ज की शिकायत

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टीएमसी ने हुमायूं कबीर के खिलाफ चुनाव आयोग में दर्ज की शिकायत

सारांश

कोलकाता, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। टीएमसी ने हुमायूं कबीर पर गंभीर आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग में शिकायत की है। इस मामले में कार्रवाई की मांग की गई है।

मुख्य बातें

टीएमसी ने हुमायूं कबीर के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज की है।
कबीर पर आचार संहिता का उल्लंघन करने का आरोप है।
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है।
टीएमसी ने एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
शिकायत में कई धाराओं का उल्लंघन बताया गया है।

कोलकाता, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। टीएमसी ने आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के संस्थापक और प्रत्याशी हुमायूं कबीर के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।

यह शिकायत पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजी गई है। टीएमसी ने यह दावा किया है कि हुमायूं कबीर ने बीएनएस, 2023 के तहत दंडनीय अपराध किए हैं और आचार संहिता का उल्लंघन किया है।

शिकायत में बताया गया है कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से फैल रहा है, जिसमें हुमायूं कबीर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भाषण देते हुए दिख रहे हैं। इस दौरान उन्होंने बेलडांगा-II ब्लॉक के निवासी मैनुल हक राणा के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं।

टीएमसी ने यह भी कहा कि कबीर ने अभिषेक बनर्जी, उनके पीए सुमित रॉय और पार्टी से जुड़े अन्य व्यक्तियों के खिलाफ भी अपमानजनक, भ्रामक और मानहानिकारक बयान दिए।

शिकायत में यह उल्लेख किया गया है कि इस वीडियो से स्पष्ट होता है कि हुमायूं कबीर ने टीएमसी के नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों को डराने-धमकाने का प्रयास किया। उन पर आरोप है कि उन्होंने चुनावी माहौल को प्रभावित करने के इरादे से ऐसे बयान दिए ताकि मतदाताओं की सोच पर असर हो सके। यहां तक कि उन्होंने हत्या करने और शव को दफनाने जैसी धमकियां भी दीं।

टीएमसी ने कहा कि यह कार्य आचार संहिता का खुलेआम उल्लंघन है। आचार संहिता के अनुसार, कोई भी उम्मीदवार या पार्टी किसी व्यक्ति के व्यक्तिगत जीवन पर हमला नहीं कर सकती और न ही अनैतिक या अपमानजनक बयान दे सकती है। इसके अतिरिक्त, बिना सत्यापन के आरोप लगाना और अन्य दलों के नेताओं की निजी जिंदगी पर टिप्पणी करना भी प्रतिबंधित है।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि यह मामला भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं का उल्लंघन करता है। इसमें धारा 356 (मानहानि), धारा 351 (आपराधिक धमकी) और धारा 174 (चुनाव के दौरान अनुचित प्रभाव या प्रतिरूपण) शामिल हैं।

टीएमसी ने चुनाव आयोग से अनुरोध किया है कि हुमायूं कबीर को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए, उनके खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए और इस मामले में सख्त और उदाहरणात्मक कार्रवाई की जाए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टीएमसी ने कबीर के खिलाफ क्या आरोप लगाए हैं?
टीएमसी ने आरोप लगाया है कि हुमायूं कबीर ने आचार संहिता का उल्लंघन किया है और अपमानजनक बयान दिए हैं।
क्या हुमायूं कबीर के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई है?
टीएमसी ने चुनाव आयोग से हुमायूं कबीर के खिलाफ कारण बताओ नोटिस देने और एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
इस शिकायत का क्या प्रभाव पड़ेगा?
यदि आयोग इस शिकायत पर कार्रवाई करता है, तो यह आगामी चुनावों पर प्रभाव डाल सकता है।
क्या यह मामला न्याय संहिता का उल्लंघन है?
हां, टीएमसी ने इस मामले को भारतीय न्याय संहिता के कई धाराओं का उल्लंघन बताया है।
वीडियो में क्या कहा गया है?
वीडियो में कबीर ने टीएमसी नेताओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां की हैं।
राष्ट्र प्रेस
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