भारत सरकार ने 15 प्रमुख बैंकों को सोना-चांदी आयात की अनुमति दी
सारांश
Key Takeaways
- 15 प्रमुख बैंकों को सोना-चांदी आयात की अनुमति
- बुलियन आयात में पारदर्शिता
- डिजिटल गोल्ड की बढ़ती मांग
नई दिल्ली, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को 15 प्रमुख बैंकों को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2029 तक सोने और चांदी के आयात की अनुमति दे दी है। इस सूची में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसे महत्वपूर्ण बैंकों का समावेश है।
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और स्बरबैंक को इस समयावधि में केवल सोने का आयात करने की अनुमति प्राप्त हुई है। यह सूचना डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (डीजीएफटी) द्वारा जारी की गई है।
सरकार का यह कदम बुलियन (सोना-चांदी) के आयात को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। केवल अधिकृत बैंकों के माध्यम से आयात करने से लेनदेन की निगरानी आसान होगी और अनियमितताओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा अधिकृत बैंकों में एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, डॉयचे बैंक, फेडरल बैंक, इंडसइंड बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, यस बैंक सहित कई अन्य बैंक शामिल हैं, जिन्हें सोना और चांदी, दोनों आयात करने की अनुमति दी गई है।
इस बीच, मार्च 2026 में भारत का सोने का आयात घटकर 3.1 अरब डॉलर पर आ गया, जो कि 9 महीने का निचला स्तर है। मात्रा के अनुसार यह लगभग 20-25 टन रहा, जो पिछले 12 महीनों के औसत 62 टन से काफी कम है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (डब्ल्यूजीसी) के अनुसार, इसकी वजह मांग में कमी और मध्य पूर्व से सप्लाई में बाधाएं हैं, जो भारत के लिए एक महत्वपूर्ण ट्रांजिट हब है।
अप्रैल में सोने की कीमतों में कुछ सुधार देखने को मिला है। जबकि, आयात में कमी और सप्लाई की दिक्कतों के कारण घरेलू बाजार में छूट (डिस्काउंट) भी कम हुई है।
सूचीबद्ध ज्वैलरी कंपनियों ने 2026 की पहली तिमाही में अच्छा प्रदर्शन किया, जिसमें शादी के सीजन, बढ़ते खर्च और व्यवसाय विस्तार का योगदान रहा।
इसके अतिरिक्त, भारत में गोल्ड ईटीएफ में निवेश लगातार 11वें महीने भी जारी रहा। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स ऑफ इंडिया (एएमएफआई) के आंकड़ों के अनुसार, ईटीएफ में मार्च 2026 में लगभग 22.7 अरब रुपए (244 मिलियन अमेरिकी डॉलर) का शुद्ध निवेश हुआ। बयान में कहा गया है कि गोल्ड ईटीएफ में निवेशकों की रुचि बनी हुई है और खातों या फोलियो की संख्या में वृद्धि से यह स्पष्ट होता है कि यह रुचि धीरे-धीरे बढ़ रही है।
डिजिटल गोल्ड की खरीदारी भी मजबूत बनी रही। फरवरी में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के जरिए लगभग 30.3 अरब रुपए का डिजिटल गोल्ड खरीदा गया, जो मात्रा के अनुसार लगभग 1.9 टन के बराबर है।