डीटीसी ने घाटे से मुनाफे की ओर उठाया बड़ा कदम, आय में 173 करोड़ की वृद्धि: पंकज कुमार सिंह
सारांश
Key Takeaways
- डीटीसी ने 173 करोड़ रुपए की आय वृद्धि की है।
- आय के विभिन्न स्रोतों में सुधार हुआ है।
- परिवहन मंत्री ने सुधारों के लिए सरकार की सराहना की।
- नई योजनाओं से यात्रियों का अनुभव बेहतर होगा।
- डीटीसी का वित्तीय स्वास्थ्य सुधारने के लिए सतत प्रयास जारी हैं।
नई दिल्ली, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) ने घाटे की स्थिति से मुनाफे की ओर महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जिससे उसकी वित्तीय स्थिति में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। यह सुधार दिल्ली सरकार के अंतर्गत चल रहे सतत प्रयासों और बेहतर परिचालन दक्षता का परिणाम है। नवीनतम वित्तीय रिपोर्ट के अनुसार, डीटीसी की कुल आय 2024-25 में 822.53 करोड़ रुपए से बढ़कर 2025-26 में 26 मार्च तक 995.55 करोड़ रुपए हो गई है, जिसमें लगभग 173 करोड़ रुपए की वृद्धि शामिल है।
आय के विभिन्न स्रोतों का विश्लेषण करने पर इस वृद्धि का स्पष्ट चित्रण होता है। टिकटों की बिक्री से होने वाली आय में 327.23 करोड़ रुपए से बढ़कर 379.77 करोड़ रुपए तक की वृद्धि हुई है, जो सालाना आधार पर 52.54 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी है। इसी तरह, स्पेशल हायर सेवाओं से आय 82.65 करोड़ रुपए से बढ़कर 99.21 करोड़ रुपए हो गई है, जो इस अवधि में 16.56 करोड़ रुपए की वृद्धि को दर्शाती है।
आय के दूसरे स्रोतों (मिसलेनियस) में सबसे अधिक वृद्धि देखी गई है, जो 342.67 करोड़ रुपए से बढ़कर 446.59 करोड़ रुपए तक पहुंच गई है, यानी 103.92 करोड़ रुपए की उल्लेखनीय वृद्धि। यह वृद्धि विज्ञापन, किराया प्राप्ति और जुर्माने की वसूली जैसे विभिन्न स्रोतों से हुई है, जो डीटीसी के वित्तीय सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। परिवहन निगम ने अपनी औसत मासिक आय में भी 68.54 करोड़ रुपए से 82.96 करोड़ रुपए तक वृद्धि दर्ज की है, जो मजबूत वित्तीय अनुशासन और संसाधनों के कुशल उपयोग को दर्शाती है।
इस उपलब्धि पर बात करते हुए परिवहन मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने कहा कि यह बदलाव पूरे डीटीसी परिवार के सामूहिक प्रयासों, प्रतिबद्धता और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने दिल्ली की माननीय मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि उनके निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग के बिना यह बदलाव संभव नहीं था।
डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने जोर देकर कहा कि पिछली सरकारों ने डीटीसी को आर्थिक रूप से बेहद कमजोर स्थिति में छोड़ दिया था। डीटीसी पर घाटे और अक्षमताओं का भारी बोझ था। इसके विपरीत, हमारी सरकार ने परिवहन निगम को पुनर्जीवित करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
उन्होने आगे कहा कि हमारी सरकार का दृष्टिकोण केवल राजस्व बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि हमारा मुख्य ध्यान संस्थागत क्षमता को मजबूत करने, सेवा वितरण में सुधार लाने और यह सुनिश्चित करने पर है कि दिल्ली के हर नागरिक को विश्वसनीय, सुरक्षित और सुलभ परिवहन सेवाएं प्राप्त हों।
दिल्ली सरकार डीटीसी को और अधिक सक्षम बनाने के लिए सतत सुधारों, राजस्व के स्रोतों का विस्तार और आधुनिक परिवहन समाधानों को शामिल करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि यात्रियों के अनुभव को और भी बेहतर बनाया जा सके।