सुप्रीम कोर्ट ने उदयकुमार कस्टोडियल डेथ मामले में सीबीआई की अपील पर नोटिस जारी किया

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सुप्रीम कोर्ट ने उदयकुमार कस्टोडियल डेथ मामले में सीबीआई की अपील पर नोटिस जारी किया

सारांश

सुप्रीम कोर्ट ने उदयकुमार कस्टोडियल डेथ मामले में सीबीआई द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी किया है। यह मामला केरल उच्च न्यायालय द्वारा सभी आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले को चुनौती देता है।

Key Takeaways

  • सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की अपील पर नोटिस जारी किया।
  • उदयकुमार की मौत के मामले में आरोपियों को बरी किया गया था।
  • मामले की अगली सुनवाई 19 मई, 2026 को होगी।
  • केरल उच्च न्यायालय ने सीबीआई की जांच में खामियों की पहचान की।
  • यह मामला न्याय प्रणाली पर गंभीर प्रश्न उठाता है।

नई दिल्ली, १७ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। शुक्रवार को, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दायर उस याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें उदयकुमार कस्टोडियल डेथ मामले में आरोपित पुलिस अधिकारियों को बरी किए जाने को चुनौती दी गई है।

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने सीबीआई की विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) पर जवाब मांगा और इस मामले की अगली सुनवाई १९ मई, २०२६ को निर्धारित की।

यह अपील केरल उच्च न्यायालय के अगस्त २०२५ के उस निर्णय के खिलाफ दायर की गई है, जिसमें सीबीआई की जांच में गंभीर खामियों का हवाला देते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया था।

केरल उच्च न्यायालय ने अपने विवादास्पद फैसले में बताया था कि २८ वर्षीय श्रमिक उदयकुमार को २७ सितंबर, २००५ को तिरुवनंतपुरम में पुलिस अधिकारियों द्वारा हिरासत में लिया गया था, जहां उसे यातनाएं दी गईं, जिसके परिणामस्वरूप उसी रात उसकी मृत्यु हो गई।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, उदयकुमार को श्रीकन्तेश्वरम पार्क से उठाया गया और फोर्ट पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहां पूछताछ के दौरान उसे कथित तौर पर पीटा गया। पोस्टमॉर्टम में उसकी जांघों पर गंभीर चोटें पाई गईं, जिन्हें उसकी मृत्यु का कारण बताया गया।

आगे यह आरोप लगाया गया कि उनकी मृत्यु के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने आरोपी कर्मियों को बचाने और हिंसा के सबूतों को दबाने के लिए आधिकारिक दस्तावेजों में हेरफेर करने की साजिश रची।

इस मामले की सुनवाई में कई आरोपियों को दोषी ठहराया गया था। दो पुलिसकर्मियों को हत्या के लिए मौत की सजा सुनाई गई, जबकि वरिष्ठ अधिकारियों को साजिश रचने और सबूत नष्ट करने के लिए दोषी ठहराया गया।

हालांकि, केरल उच्च न्यायालय ने गवाहों के बयानों में विसंगतियों और गवाहों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए दोषसिद्धि को पलट दिया।

इसमें यह उल्लेख किया गया कि मुकदमे के शुरुआती चरणों में कई प्रमुख गवाह मुकर गए थे, जिससे अभियोजन पक्ष के मामले पर संदेह पैदा हो गया था।

घटना के लगभग दो दशक बाद भी इस मामले की कानूनी जांच जारी है, और अब सुप्रीम कोर्ट ने हिरासत में हुई मौत के मामले में सभी आरोपियों को बरी करने वाले केरल उच्च न्यायालय के फैसले की वैधता की जांच करने का निर्णय लिया है।

Point of View

NationPress
17/04/2026

Frequently Asked Questions

उदयकुमार कस्टोडियल डेथ मामला क्या है?
उदयकुमार कस्टोडियल डेथ मामला 2005 में हुआ था, जब 28 वर्षीय मजदूर उदयकुमार को पुलिस हिरासत में लिया गया और उसकी मौत हो गई।
सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की अपील पर क्या निर्णय दिया?
सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की अपील पर नोटिस जारी किया और मामले की अगली सुनवाई 19 मई, 2026 को निर्धारित की है।
केरल उच्च न्यायालय ने क्या फैसला सुनाया था?
केरल उच्च न्यायालय ने सभी आरोपियों को बरी करते हुए सीबीआई की जांच में गंभीर खामियों का हवाला दिया था।
क्या इस मामले में किसी को सजा मिली थी?
हां, प्रारंभिक सुनवाई में कुछ पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराया गया था और दो को हत्या के लिए मौत की सजा सुनाई गई थी।
इस मामले में अब क्या हो रहा है?
मामले की कानूनी जांच अभी भी जारी है और सुप्रीम कोर्ट ने बरी किए गए आरोपियों के मामले की वैधता पर विचार करने का निर्णय लिया है।
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