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पूर्णिया में 40,000 रुपए की रिश्वत लेते दो सरकारी कर्मचारियों की गिरफ्तारी

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पूर्णिया में 40,000 रुपए की रिश्वत लेते दो सरकारी कर्मचारियों की गिरफ्तारी

सारांश

पूर्णिया में बिहार सतर्कता जांच ब्यूरो ने दो सरकारी कर्मचारियों को 40,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। यह मामला ललिता देवी की शिकायत से शुरू हुआ था, जिन्होंने अधिकारियों पर पैसे की मांग का आरोप लगाया था।

मुख्य बातें

भ्रष्टाचार: दो सरकारी कर्मचारियों की गिरफ्तारी ने भ्रष्टाचार के मुद्दे को उजागर किया।
जांच: मामला ललिता देवी की शिकायत से शुरू हुआ था।
कार्रवाई: भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई जारी है।
संभावित नेटवर्क: सतर्कता अधिकारियों का मानना है कि एक बड़ा नेटवर्क शामिल हो सकता है।
सुधार की आवश्यकता: प्रशासनिक तंत्र में सुधार की आवश्यकता है।

पटना, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में सतर्कता जांच ब्यूरो ने शुक्रवार को पूर्णिया जिले में 40,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए दो सरकारी कर्मचारियों को गिरफ्तार किया।

राजस्व कर्मचारी लाल बाबू राजक और अभिलेखागार कर्मचारी रूमी कुंडू को पूर्णिया पूर्वी ब्लॉक कार्यालय में सतर्कता दल द्वारा बिछाए गए जाल में रंगे हाथ पकड़ा गया।

यह कार्रवाई प्रशासनिक तंत्र में चिंता का विषय बन गई है, खासकर जब राज्य के राजस्व विभाग के कर्मचारी हड़ताल पर हैं।

इस मामले की शुरुआत ललिता देवी की शिकायत से हुई, जिन्होंने कहा कि उनकी जमीन का केवला (स्वामित्व पत्र) ब्लॉक सूची में डाल दिया गया था।

उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने नाम हटाने और भूमि अभिलेखों को सही करने के लिए 50,000 रुपए की मांग की थी।

शिकायत की पुष्टि के बाद, सतर्कता विभाग ने एक जाल बिछाया, जिसके तहत आरोपियों को रिश्वत की राशि का एक हिस्सा लेते हुए गिरफ्तार किया गया।

प्रारंभिक जांच में यह पता चला है कि भूमि अभिलेखों में हेराफेरी और सरकारी पदों के दुरुपयोग से संबंधित एक संगठित गिरोह शामिल है।

राजस्व कर्मचारी लाल बाबू राजक प्रमुख शहरी क्षेत्रों (हल्का 1ए, 1बी, 1सी) का कार्यभार संभाल रहे थे, जबकि रूमी कुंडू दस्तावेज स्कैनिंग और अभिलेख प्रसंस्करण के लिए जिम्मेदार थीं।

अधिकारियों का मानना है कि दोनों ने मिलकर भूमि अभिलेख प्रणाली में प्रक्रियात्मक बाधाओं का फायदा उठाया और नागरिकों से दस्तावेजीकरण और अभिलेख सुधार संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए पैसे की मांग की।

इन गिरफ्तारियों ने भूमि प्रशासन और राजस्व कार्यालयों में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर गंभीर चिंताएं बढ़ा दी हैं।

सतर्कता अधिकारियों का मानना है कि यह नेटवर्क बड़ा हो सकता है, और आगे की जांच में अन्य कर्मचारियों की संलिप्तता भी संभावित है।

दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।

उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और कानूनी कार्रवाई जारी है।

यह अभियान भूमि संबंधी सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने में मौजूद चुनौतियों को उजागर करता है, साथ ही जमीनी स्तर पर भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई में सतर्कता एजेंसियों की भूमिका को भी दर्शाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पूर्णिया में गिरफ्तार किए गए अधिकारी कौन हैं?
गिरफ्तार किए गए अधिकारी राजस्व कर्मचारी लाल बाबू राजक और अभिलेखागार कर्मचारी रूमी कुंडू हैं।
इन अधिकारियों पर क्या आरोप हैं?
इन अधिकारियों पर 40,000 रुपए की रिश्वत लेने का आरोप है।
यह मामला कैसे शुरू हुआ?
यह मामला ललिता देवी की शिकायत से शुरू हुआ, जिन्होंने अधिकारियों पर पैसे की मांग का आरोप लगाया।
क्या इन अधिकारियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई की गई है?
हां, इनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
क्या इस मामले में अन्य कर्मचारियों की संलिप्तता हो सकती है?
सतर्कता अधिकारियों का मानना है कि यह नेटवर्क बड़ा हो सकता है और अन्य कर्मचारियों की संलिप्तता भी संभावित है।
राष्ट्र प्रेस
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