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मध्य प्रदेश में पोषण 2.0 डिजिटल पहलों से न्यूट्रिशन में असाधारण प्रगति: सरकार

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मध्य प्रदेश में पोषण 2.0 डिजिटल पहलों से न्यूट्रिशन में असाधारण प्रगति: सरकार

सारांश

मध्य प्रदेश सरकार ने डिजिटल पहलों के माध्यम से न्यूट्रिशन और हेल्थ क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। यह पहल लाभार्थियों की सेवा वितरण में सुधार लाने में मददगार साबित हुई है।

मुख्य बातें

डिजिटल परिवर्तन ने न्यूट्रिशन क्षेत्र में काफी सुधार किया है।
आभा आईडी कवरेज में वृद्धि हुई है।
बच्चों के लिए डिजिटल पहचानकर्ता का उपयोग बढ़ा है।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवाओं में सुधार हुआ है।
पारदर्शिता में सुधार के लिए डिजिटल सत्यापन आवश्यक है।

भोपाल, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को जानकारी दी कि राज्य में डिजिटल पहलों को मजबूत करने के परिणामस्वरूप पिछले वर्ष में मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 के अंतर्गत न्यूट्रिशन और हेल्थ क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।

सरकार के अनुसार, न्यूट्रिशन ट्रैकर के उपयोग ने निगरानी और सेवा वितरण में एक नई क्रांति लाने का कार्य किया है, जिससे लाभार्थियों की वास्तविक समय में ट्रैकिंग संभव हो गई है और योजना में सुधार हुआ है। इसके परिणामस्वरूप, मार्च 2025 की तुलना में महत्वपूर्ण संकेतकों में सुधार देखा गया है।

डिजिटल परिवर्तन पर ध्यान केंद्रित करते हुए सरकार ने बताया कि स्वास्थ्य पहचान पत्र का कवरेज तेजी से बढ़ा है।

आभा आईडी कवरेज 7.21 प्रतिशत से बढ़कर 80.87 प्रतिशत तक पहुंच गया है।

इसके अतिरिक्त, राज्य में छात्रों को आवंटित 12 अंकों का डिजिटल पहचानकर्ता, ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (आपार आईडी) का उपयोग बच्चों में 32.12 प्रतिशत से बढ़कर 92.60 प्रतिशत तक पहुंच गया है।

सरकार ने बताया कि यह न्यूट्रिशन एंड हेल्थ के क्षेत्र में एक डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

सरकार का कहना है कि इस पहल का प्रभाव जमीनी स्तर पर स्पष्ट दिख रहा है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर सेवाएं देने का प्रतिशत 91.65 प्रतिशत से बढ़कर 98.44 प्रतिशत हो गया है, जो बेहतर पहुंच और सेवा वितरण को दर्शाता है। ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता और पोषण दिवसों का आयोजन भी 73.43 प्रतिशत से बढ़कर 93.33 प्रतिशत हो गया है, जिससे सेवाओं तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित हुई है।

सरकार ने यह भी बताया कि डिजिटल सत्यापन से पारदर्शिता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

आधार आधारित चेहरा पहचान प्रणाली (एफआरएस) का दायरा 31.93 प्रतिशत से बढ़कर 95 प्रतिशत से अधिक हो गया है, जिससे लाभार्थियों की सटीक पहचान सुनिश्चित हुई है और राशन एवं पोषण सहायता वितरण में गड़बड़ियों में कमी आई है।

इस अवधि में सामुदायिक भागीदारी में भी सुधार हुआ है।

सरकार ने कहा कि सामुदायिक स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों का प्रतिशत 88 प्रतिशत से बढ़कर 96.97 प्रतिशत हो गया है।

सरकार ने जमीनी स्तर पर डिजिटल परिवर्तन में सहयोग देने के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रयासों की सराहना की और कहा कि उनके प्रयासों से योजनाओं का बेहतर कार्यान्वयन संभव हुआ है।

सरकार ने कहा कि प्रौद्योगिकी और जमीनी स्तर पर किए गए कार्यों के संयोजन से बेहतर परिणाम प्राप्त हुए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सामुदायिक भागीदारी और पारदर्शिता को भी बढ़ावा देता है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश में पोषण 2.0 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
पोषण 2.0 का मुख्य उद्देश्य न्यूट्रिशन और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार लाना और लाभार्थियों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है।
डिजिटल पहलों से क्या लाभ हुआ है?
डिजिटल पहलों के माध्यम से लाभार्थियों की सेवा वितरण में सुधार और पारदर्शिता में बढ़ोतरी हुई है।
आभा आईडी कवरेज में क्या वृद्धि हुई है?
आभा आईडी कवरेज 7.21 प्रतिशत से बढ़कर 80.87 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका क्या है?
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर सेवाएं प्रदान कर रहे हैं, जिससे सेवा वितरण में सुधार हुआ है।
डिजिटल सत्यापन का क्या महत्व है?
डिजिटल सत्यापन से पारदर्शिता में सुधार होता है और लाभार्थियों की सटीक पहचान सुनिश्चित होती है।
राष्ट्र प्रेस
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