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मध्य प्रदेश: ABDM के तहत 5.86 करोड़ आभा आईडी, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने दिए डिजिटल स्वास्थ्य विस्तार के निर्देश

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मध्य प्रदेश: ABDM के तहत 5.86 करोड़ आभा आईडी, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने दिए डिजिटल स्वास्थ्य विस्तार के निर्देश

सारांश

मध्य प्रदेश में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत 5.86 करोड़ आभा आईडी बन चुकी हैं और 20 हज़ार स्वास्थ्य संस्थान पंजीकृत हैं। डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को प्रदेश के हर कोने तक पहुँचाने और पंजीयन में तेज़ी लाने के निर्देश दिए।

मुख्य बातें

मध्य प्रदेश में ABDM के तहत अब तक लगभग 5.86 करोड़ आभा आईडी बनाई जा चुकी हैं।
लगभग 20 हज़ार स्वास्थ्य संस्थान हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री में और लगभग 18 हज़ार स्वास्थ्य पेशेवर हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री में पंजीकृत।
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने 8 जुलाई 2026 को भोपाल में ABDM प्रगति की समीक्षा की।
चिकित्सकों, नर्सों, आयुष व दंत चिकित्सकों सहित सभी स्वास्थ्य कर्मियों का पंजीयन तेज़ी से पूरा करने के निर्देश।
सभी स्वास्थ्य संस्थानों में प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने पर ज़ोर।

मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने 8 जुलाई 2026 को भोपाल स्थित मंत्रालय में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) की प्रगति समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए स्पष्ट किया कि डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्रदेश के हर अंतिम नागरिक तक पहुँचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में सामने आया कि अब तक प्रदेश में लगभग 5.86 करोड़ आभा आईडी (ABHA ID) तैयार की जा चुकी हैं और 20 हज़ार से अधिक स्वास्थ्य संस्थान हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री में दर्ज हो चुके हैं।

मुख्य घटनाक्रम

उपमुख्यमंत्री शुक्ल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासकीय एवं निजी स्वास्थ्य संस्थानों के साथ-साथ चिकित्सकों, नर्सों, आयुष चिकित्सकों, दंत चिकित्सकों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों का पंजीयन तेज़ गति से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि तकनीक के प्रभावी उपयोग से नागरिकों को बेहतर, त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ सुनिश्चित की जानी चाहिए।

आभा आईडी और डिजिटल स्वास्थ्य तंत्र

शुक्ल ने बताया कि आभा आईडी, हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री और हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री के माध्यम से राज्य में एकीकृत डिजिटल स्वास्थ्य इकोसिस्टम विकसित किया जा रहा है। आभा आईडी से नागरिक अपने स्वास्थ्य रिकॉर्ड को सुरक्षित रूप से प्राप्त और साझा कर सकते हैं। यह ऐसे समय में महत्त्वपूर्ण है जब ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य रिकॉर्ड की अनुपलब्धता उपचार की निरंतरता में बड़ी बाधा रही है।

प्रगति के आँकड़े

बैठक में सीईओ आयुष्मान अरविंद शाह ने जानकारी दी कि प्रदेश में अब तक लगभग 5.86 करोड़ ABHA आईडी बनाई जा चुकी हैं। इसके अतिरिक्त, लगभग 20 हज़ार स्वास्थ्य संस्थान हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री में पंजीकृत हैं और लगभग 18 हज़ार स्वास्थ्य पेशेवर हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री से जुड़ चुके हैं। ये आँकड़े ABDM की राज्यस्तरीय पहुँच का संकेत देते हैं, हालाँकि सक्रिय उपयोग की दर अभी स्पष्ट नहीं की गई।

आम जनता पर असर

ABDM के अंतर्गत मरीज़, चिकित्सक, प्रयोगशाला, फार्मेसी, अस्पताल और बीमा सेवाओं के बीच स्वास्थ्य संबंधी जानकारी का सुरक्षित एवं निर्बाध आदान-प्रदान संभव होगा। शुक्ल के अनुसार इससे उपचार की निरंतरता, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और प्रशासनिक पारदर्शिता में सुधार अपेक्षित है।

क्या होगा आगे

उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में डिजिटल सेवाओं के उपयोग को बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। राज्य का लक्ष्य है कि ABDM का लाभ प्रदेश के दूरदराज़ क्षेत्रों तक पहुँचे और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं में मध्य प्रदेश अग्रणी राज्यों में शामिल हो।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इनमें से कितनी आईडी सक्रिय रूप से उपयोग हो रही हैं — यह बैठक में स्पष्ट नहीं किया गया। देशभर में ABDM के अनुभव बताते हैं कि पंजीयन और वास्तविक उपयोग के बीच की खाई अक्सर बड़ी होती है। ग्रामीण मध्य प्रदेश में इंटरनेट कनेक्टिविटी और डिजिटल साक्षरता की सीमाओं को देखते हुए, 'अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने' के लक्ष्य को केवल पंजीयन संख्याओं से नहीं मापा जा सकता। जब तक सक्रिय उपयोग, रिकॉर्ड-लिंकिंग और सेवा-वितरण के स्वतंत्र आँकड़े सामने नहीं आते, यह समीक्षा बैठक महत्त्वाकांक्षा की घोषणा तो है, पर उपलब्धि का प्रमाण नहीं।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) क्या है?
ABDM केंद्र सरकार की एक पहल है जिसका उद्देश्य देश में एकीकृत और परस्पर जुड़ा डिजिटल स्वास्थ्य इकोसिस्टम विकसित करना है। इसके तहत नागरिकों को आभा आईडी दी जाती है, जिससे वे अपने स्वास्थ्य रिकॉर्ड सुरक्षित रूप से साझा कर सकते हैं।
मध्य प्रदेश में अब तक कितनी आभा आईडी बनाई गई हैं?
सीईओ आयुष्मान अरविंद शाह के अनुसार, मध्य प्रदेश में अब तक लगभग 5.86 करोड़ ABHA आईडी बनाई जा चुकी हैं। इसके साथ ही लगभग 20 हज़ार स्वास्थ्य संस्थान और 18 हज़ार स्वास्थ्य पेशेवर संबंधित रजिस्ट्री में पंजीकृत हो चुके हैं।
डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने अधिकारियों को क्या निर्देश दिए?
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने 8 जुलाई 2026 को भोपाल में ABDM समीक्षा बैठक में निर्देश दिए कि डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्रदेश के हर नागरिक तक पहुँचे। उन्होंने चिकित्सकों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों का पंजीयन तेज़ी से पूरा करने और सभी संस्थानों में प्रशिक्षण व निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।
आभा आईडी से आम नागरिक को क्या फ़ायदा होगा?
आभा आईडी से नागरिक अपने स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में सुरक्षित रख सकते हैं और किसी भी पंजीकृत अस्पताल या चिकित्सक के साथ साझा कर सकते हैं। इससे मरीज़, चिकित्सक, प्रयोगशाला, फार्मेसी और बीमा सेवाओं के बीच स्वास्थ्य जानकारी का निर्बाध आदान-प्रदान संभव होगा।
मध्य प्रदेश में ABDM के विस्तार की अगली योजना क्या है?
राज्य सरकार का लक्ष्य है कि सभी शासकीय और निजी स्वास्थ्य संस्थानों में डिजिटल सेवाओं का उपयोग बढ़ाया जाए। इसके लिए आवश्यक प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि दूरदराज़ के क्षेत्रों तक भी डिजिटल स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँच सकें।
राष्ट्र प्रेस
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