आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन: 104 करोड़ से अधिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड 93 करोड़ ABHA खातों से जुड़े
सारांश
मुख्य बातें
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) ने 104 करोड़ से अधिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड को 93 करोड़ से ज़्यादा आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (ABHA) से जोड़कर विश्व के सबसे बड़े डिजिटल स्वास्थ्य नेटवर्कों में स्थान बना लिया है। केंद्र सरकार द्वारा 6 जुलाई को जारी आधिकारिक फैक्टशीट में यह जानकारी सामने आई है। सितंबर 2021 में शुरू हुई यह महत्वाकांक्षी पहल देशभर में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के लिए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के उद्देश्य से चल रही है।
मिशन का दायरा और उपलब्धियाँ
सरकारी फैक्टशीट के अनुसार, ABDM नागरिकों को केंद्र में रखते हुए एक एकीकृत डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था विकसित कर रहा है। इस प्रणाली के ज़रिए मरीज़ अपने स्वास्थ्य रिकॉर्ड सुरक्षित तरीके से प्रबंधित कर सकते हैं, अस्पतालों में कागज़ी प्रक्रियाएँ कम होती हैं और पंजीकरण व इलाज की प्रतीक्षा अवधि घटती है। मरीज़ों, अस्पतालों, डॉक्टरों और बीमा कंपनियों के बीच एकीकृत डिजिटल नेटवर्क के माध्यम से बेहतर समन्वय स्थापित हो रहा है।
गौरतलब है कि ABHA प्रत्येक नागरिक के लिए एक विशिष्ट डिजिटल हेल्थ आईडी के रूप में कार्य करता है। मरीज़ की सहमति के आधार पर यह आईडी उसके मेडिकल रिकॉर्ड को अस्पतालों, प्रयोगशालाओं, बीमा कंपनियों और विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों से सुरक्षित रूप से जोड़ती है।
आरोग्य सेतु 2.0 और नई सुविधाएँ
सरकार ने हाल ही में आरोग्य सेतु 2.0 को ABDM के तहत एक डिजिटल स्वास्थ्य एप्लिकेशन के रूप में लॉन्च किया है। इस ऐप के ज़रिए उपयोगकर्ता ABHA अकाउंट बना सकते हैं, डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड का प्रबंधन कर सकते हैं, टेली-कंसल्टेशन और अस्पताल की अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं, बीमा संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, आसपास की स्वास्थ्य सुविधाओं का पता लगा सकते हैं और वियरेबल डिवाइस के ज़रिए अपने स्वास्थ्य की निगरानी कर सकते हैं।
ओपीडी पंजीकरण और डिजिटल टोकन
नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (NHA) की 'स्कैन एंड शेयर' सेवा ने अस्पतालों में ओपीडी पंजीकरण प्रक्रिया को काफी तेज़ बना दिया है। फैक्टशीट के अनुसार, 18 जून तक देशभर के स्वास्थ्य संस्थानों में 23.21 करोड़ से अधिक ABHA-लिंक्ड डिजिटल टोकन जारी किए जा चुके थे। यह आँकड़ा दर्शाता है कि ग्राउंड-लेवल पर अस्पताल इस प्रणाली को अपना रहे हैं।
प्रोत्साहन राशि का वितरण
सरकारी आँकड़ों के अनुसार, 18 जून तक इस मिशन के तहत अस्पतालों को ₹107 करोड़ से अधिक, डायग्नोस्टिक सेंटर, लैब और फार्मेसी को ₹2.95 करोड़ से अधिक तथा डिजिटल समाधान उपलब्ध कराने वाली कंपनियों को ₹26 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि वितरित की जा चुकी है।
छोटे क्लीनिकों तक पहुँच: ई-सुश्रुत प्लेटफॉर्म
इसके अतिरिक्त, 2,200 से अधिक स्वास्थ्य संस्थानों को 'ई-सुश्रुत क्लिनिक' प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है। यह सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (C-DAC) द्वारा विकसित एक हल्का हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (HMIS) है, जो छोटे क्लीनिकों को मरीज़ों के रिकॉर्ड और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण में सहायता करता है। यह विशेष रूप से उन ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण है जहाँ बड़े अस्पताल प्रबंधन सॉफ़्टवेयर की पहुँच सीमित है। आने वाले समय में ABDM का विस्तार और अधिक स्वास्थ्य संस्थानों को इस नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में जारी रहने की उम्मीद है।