गोवा को भारत का पहला डिजिटल हेल्थ राज्य बनाने की दिशा में सीएम सावंत और NHA सीईओ की अहम बैठक
सारांश
मुख्य बातें
गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने 1 जुलाई 2026 को पणजी में राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील कुमार बरनवाल और उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें गोवा की स्वास्थ्य व्यवस्था के व्यापक डिजिटल रूपांतरण पर विचार-विमर्श किया गया। राज्य स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी इस बैठक में शामिल रहे।
भारत के पहले डिजिटल हेल्थ राज्य का लक्ष्य
गोवा सरकार आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के तहत राज्य को भारत का पहला पूर्णतः डिजिटाइज्ड हेल्थकेयर राज्य बनाने की दिशा में तेज़ी से कदम बढ़ा रही है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ने भी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट में यह रेखांकित किया है कि गोवा में यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने की पूरी क्षमता है।
इस पहल के तहत दीन दयाल स्वास्थ्य सेवा योजना के लाभार्थियों को देशभर में बिना किसी बाधा के स्वास्थ्य सुविधाएँ मिल सकेंगी, क्योंकि स्वास्थ्य सेवाओं को ABDM के साथ एकीकृत किया जा रहा है।
डिजिटल क्लेम निपटान और फंड का उपयोग
बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय यह लिया गया कि दीन दयाल स्वास्थ्य सेवा योजना के अंतर्गत सभी बीमा दावों का निपटान अब पूरी तरह राष्ट्रीय स्वास्थ्य क्लेम्स एक्सचेंज के माध्यम से डिजिटल प्रणाली से किया जाएगा। इससे दावा प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति दोनों सुनिश्चित होंगी।
इसके अतिरिक्त, राज्य के सरकारी अस्पतालों की आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के लिए प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) के तहत प्राप्त होने वाले फंड का उपयोग किया जाएगा।
नॉर्थ गोवा मॉडल जिला पहल
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत नॉर्थ गोवा मॉडल जिला पहल की राज्य-स्तरीय उद्घाटन कार्यशाला को संबोधित करते हुए NHA के सीईओ सुनील कुमार बरनवाल ने कहा कि 'डिजिटल स्वास्थ्य का अगला चरण तकनीक बनाने का नहीं, बल्कि उसे अपनाने का है।'
उन्होंने स्वास्थ्य संस्थानों से आग्रह किया कि वे कागज़-आधारित प्रक्रियाओं से बाहर निकलकर ABDM-सक्षम स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली अपनाएँ, जिससे आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता (ABHA)-लिंक्ड डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड्स तैयार हो सकें।
आम नागरिकों पर असर
सरकारी बयान के अनुसार, यह डिजिटल रूपांतरण स्वास्थ्यकर्मियों पर प्रशासनिक बोझ घटाएगा और डेटा-आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को ज़मीन पर उतारने में मदद करेगा। इससे गोवा के हर नागरिक को समय पर, पारदर्शी और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ मिल सकेंगी।
यह पहल ऐसे समय में आई है जब केंद्र सरकार पूरे देश में ABDM के विस्तार को प्राथमिकता दे रही है। गोवा यदि यह लक्ष्य हासिल करता है, तो वह अन्य छोटे राज्यों के लिए एक अनुकरणीय मॉडल बन सकता है।