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आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन: 100 करोड़ हेल्थ रिकॉर्ड आभा से लिंक, 15 महीनों में दोगुनी हुई संख्या

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आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन: 100 करोड़ हेल्थ रिकॉर्ड आभा से लिंक, 15 महीनों में दोगुनी हुई संख्या

सारांश

भारत के डिजिटल स्वास्थ्य अभियान ने नया मुकाम हासिल किया — 100 करोड़ हेल्थ रिकॉर्ड आभा से लिंक, और रफ्तार ऐसी कि हर दो-तीन महीने में 10 करोड़ नए रिकॉर्ड जुड़ रहे हैं। 450 से अधिक स्वास्थ्य-तकनीक भागीदारों के साथ ABDM अब दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम में शुमार है।

मुख्य बातें

100 करोड़ से अधिक हेल्थ रिकॉर्ड आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) से लिंक हो चुके हैं।
फरवरी 2025 में 50 करोड़ रिकॉर्ड से बढ़कर महज 15 महीनों में संख्या दोगुनी हुई।
अब हर 2-3 महीनों में लगभग 10 करोड़ नए हेल्थ रिकॉर्ड जोड़े जा रहे हैं।
बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और गुजरात अग्रणी राज्यों में शामिल।
450 से अधिक सार्वजनिक और निजी स्वास्थ्य-तकनीक समाधान ABDM इकोसिस्टम से एकीकृत।
सुनील कुमार बर्नवाल ने इसे नागरिकों को सहमति-आधारित स्वास्थ्य पहुँच देने वाला मील का पत्थर बताया।

आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) ने 22 मई 2026 को एक ऐतिहासिक पड़ाव पार किया — 100 करोड़ से अधिक हेल्थ रिकॉर्ड अब आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) से लिंक हो चुके हैं। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) द्वारा लागू इस मिशन ने फरवरी 2025 में 50 करोड़ रिकॉर्ड के आँकड़े से महज 15 महीनों में यह संख्या दोगुनी कर दी है।

मुख्य उपलब्धि और विकास की रफ्तार

मंत्रालय के आधिकारिक बयान के अनुसार, अब हर दो से तीन महीनों में लगभग 10 करोड़ नए हेल्थ रिकॉर्ड आभा से जोड़े जा रहे हैं। यह गति उल्लेखनीय है — मिशन की शुरुआत में जहाँ 1,000 से भी कम रिकॉर्ड लिंक थे, वहीं आज यह संख्या 100 करोड़ के पार जा चुकी है। मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि इससे ABDM विश्व के सबसे बड़े डिजिटल स्वास्थ्य इकोसिस्टम में से एक बन गया है।

अग्रणी राज्यों का प्रदर्शन

हिंदी भाषी राज्यों ने इस अभियान में विशेष सक्रियता दिखाई है। बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और गुजरात ने हेल्थ रिकॉर्ड लिंकिंग में बेहतर प्रदर्शन किया है। गौरतलब है कि ये वे राज्य हैं जहाँ स्वास्थ्य सेवाओं की डिजिटल पहुँच पारंपरिक रूप से सीमित रही है, जो इस उपलब्धि को और अधिक महत्वपूर्ण बनाता है।

आभा की भूमिका और इकोसिस्टम का विस्तार

आभा एक अद्वितीय डिजिटल स्वास्थ्य पहचान के रूप में कार्य करता है, जो नागरिकों को अस्पतालों, क्लीनिकों, प्रयोगशालाओं और अन्य स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के बीच अपने रिकॉर्ड सुरक्षित रूप से साझा करने और उन तक पहुँचने में सक्षम बनाता है। फिलहाल 450 से अधिक सार्वजनिक और निजी स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी समाधान ABDM इकोसिस्टम के साथ एकीकृत हो चुके हैं। यह एकीकरण सरकारी स्वास्थ्य कार्यक्रमों, राज्य प्लेटफॉर्म और निजी स्वास्थ्य-तकनीक भागीदारों को एक साझा ढाँचे में जोड़ता है।

विशेषज्ञ की राय

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के सीईओ डॉ. सुनील कुमार बर्नवाल ने इस उपलब्धि पर कहा, "100 करोड़ से ज़्यादा हेल्थ रिकॉर्ड को आभा से जोड़ना, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के सफर में एक अहम पड़ाव है। यह सरकारी कार्यक्रमों, राज्यों, स्वास्थ्य केंद्रों और निजी टेक्नोलॉजी पार्टनर्स के बीच डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल को दिखाता है। आभा से जुड़े हेल्थ रिकॉर्ड नागरिकों को उनकी स्वास्थ्य जानकारी तक सुरक्षित और सहमति-आधारित पहुँच देकर उन्हें सशक्त बनाते हैं, और पूरे हेल्थकेयर सिस्टम में इलाज की निरंतरता को बनाए रखने में मदद करते हैं।"

आगे की राह

यह उपलब्धि एक एकीकृत, नागरिक-केंद्रित और अंतर-संचालनीय डिजिटल स्वास्थ्य इकोसिस्टम की दिशा में भारत की प्रगति को रेखांकित करती है। यह ऐसे समय में आई है जब देश की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली पर सार्वभौमिक कवरेज और डेटा-संचालित देखभाल के लिए दबाव बढ़ रहा है। अगले चरण में रिकॉर्ड की गुणवत्ता, डेटा सुरक्षा और ग्रामीण क्षेत्रों में पहुँच सुनिश्चित करना प्रमुख परीक्षा होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इनमें से कितने रिकॉर्ड सक्रिय रूप से उपयोग में हैं और कितने केवल पंजीकृत हैं। भारत में डिजिटल स्वास्थ्य योजनाओं का इतिहास बताता है कि नामांकन संख्याएँ अक्सर वास्तविक उपयोग से आगे निकल जाती हैं। ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी और डिजिटल साक्षरता की बाधाएँ अभी भी बनी हुई हैं, जो इस इकोसिस्टम की व्यापक सफलता की असली कसौटी होंगी। डेटा सुरक्षा और सहमति-आधारित पहुँच के ढाँचे को लेकर पारदर्शिता बढ़ाना इस मिशन की विश्वसनीयता के लिए अगला ज़रूरी कदम है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) क्या है?
ABDM भारत सरकार का डिजिटल स्वास्थ्य अभियान है, जिसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण लागू कर रहा है। इसका लक्ष्य आभा (आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट) के ज़रिए नागरिकों के हेल्थ रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से एकीकृत करना है, ताकि अस्पतालों, क्लीनिकों और प्रयोगशालाओं के बीच निर्बाध स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित हो सके।
100 करोड़ हेल्थ रिकॉर्ड लिंक होने का क्या महत्व है?
यह उपलब्धि दर्शाती है कि ABDM दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम में से एक बन चुका है। फरवरी 2025 में 50 करोड़ से बढ़कर 15 महीनों में 100 करोड़ रिकॉर्ड लिंक होना इस मिशन की तेज़ रफ्तार को दर्शाता है।
आभा (ABHA) कैसे काम करता है?
आभा एक अद्वितीय डिजिटल स्वास्थ्य पहचान संख्या है जो प्रत्येक नागरिक को दी जाती है। इसके ज़रिए नागरिक अपने हेल्थ रिकॉर्ड — जैसे प्रिस्क्रिप्शन, लैब रिपोर्ट, डिस्चार्ज सारांश — को सुरक्षित और सहमति-आधारित तरीके से विभिन्न स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के साथ साझा कर सकते हैं।
किन राज्यों ने ABDM में सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है?
बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और गुजरात ने ABDM के तहत हेल्थ रिकॉर्ड लिंकिंग में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। ये राज्य हिंदी भाषी क्षेत्रों में डिजिटल स्वास्थ्य अपनाने की बढ़ती गति को दर्शाते हैं।
ABDM इकोसिस्टम में कितने स्वास्थ्य-तकनीक भागीदार जुड़े हैं?
वर्तमान में 450 से अधिक सार्वजनिक और निजी स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी समाधान ABDM इकोसिस्टम के साथ सफलतापूर्वक एकीकृत हो चुके हैं। इनमें सरकारी स्वास्थ्य कार्यक्रम, राज्य प्लेटफॉर्म और निजी हेल्थ-टेक कंपनियाँ शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
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