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दूरस्थ क्षेत्रों में डॉक्टरों की भर्ती सर्वोच्च प्राथमिकता: मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल

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दूरस्थ क्षेत्रों में डॉक्टरों की भर्ती सर्वोच्च प्राथमिकता: मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल

सारांश

मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने भोपाल में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में डॉक्टरों की भर्ती को सर्वोच्च प्राथमिकता देने, आयुष्मान भारत में कैंसर पैकेज जोड़ने और स्थानांतरण प्रक्रिया को संवेदनशील बनाने के निर्देश दिए।

मुख्य बातें

उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने 28 मई 2025 को भोपाल मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की विस्तृत समीक्षा की।
दूरस्थ एवं अंडरसर्व्ड क्षेत्रों में चिकित्सकों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश।
आयुष्मान भारत योजना में कैंसर उपचार पैकेज शामिल करने का प्रस्ताव शीघ्र तैयार करने के आदेश।
सीएम केयर्स के तहत अंग प्रत्यारोपण प्रकरणों में जरूरतमंद मरीजों को समयबद्ध सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश।
सागर कैंसर हॉस्पिटल के लिए पदों की स्वीकृति और नर्सिंग कॉलेजों के निर्माण की प्रगति की भी समीक्षा।
स्थानांतरण प्रक्रिया में विधवा, दिव्यांग आश्रित, गंभीर बीमारी जैसे संवेदनशील प्रकरणों को प्राथमिकता देने के आदेश।

मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने 28 मई 2025 को भोपाल मंत्रालय में स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य के अंडरसर्व्ड एवं दूरस्थ क्षेत्रों में चिकित्सकों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, ताकि अंतिम पंक्ति के नागरिकों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुँच सकें। उन्होंने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की योजनाओं, अधोसंरचना विकास और मानव संसाधन विषयों की विस्तृत समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।

बैठक में किन विषयों की हुई समीक्षा

गुरुवार को हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में चिकित्सकों एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती, नर्सिंग कॉलेजों के निर्माण कार्यों की प्रगति, चिकित्सालयों के रख-रखाव, सागर स्थित कैंसर हॉस्पिटल हेतु पदों की स्वीकृति, प्रयोगशालाओं के सुदृढ़ीकरण और स्वास्थ्य संस्थाओं में आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराने जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि केवल चिकित्सकों की उपलब्धता ही नहीं, बल्कि नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ की पर्याप्त तैनाती भी सशक्त स्वास्थ्य सेवा प्रदायगी के लिए उतनी ही अनिवार्य है। उन्होंने इस दिशा में ठोस एवं प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए।

आयुष्मान भारत और कैंसर उपचार पर निर्देश

बैठक में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत कैंसर उपचार पैकेज को शामिल किए जाने के लिए आवश्यक प्रस्ताव शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए गए, जिससे कैंसर रोगियों को अधिक आर्थिक सहायता मिल सके और गुणवत्तापूर्ण उपचार तक उनकी पहुँच सुगम हो सके।

सीएम केयर्स योजना के अंतर्गत अंग प्रत्यारोपण (ऑर्गन ट्रांसप्लांट) से जुड़े प्रकरणों में अतिरिक्त व्यय की प्रतिपूर्ति पर भी चर्चा हुई। शुक्ल ने निर्देश दिए कि जरूरतमंद मरीजों को समयबद्ध सहायता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रावधान किए जाएं।

स्थानांतरण प्रक्रिया में पारदर्शिता और संवेदनशीलता पर जोर

उप मुख्यमंत्री ने विभागीय स्थानांतरण प्रक्रिया को पारदर्शी, सहज एवं संवेदनशील बनाए जाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जनजातीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों में चिकित्सकों की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे।

साथ ही गंभीर बीमारी, पति-पत्नी की एक ही स्थान पर पदस्थापना, दिव्यांग आश्रित, विधवा एवं परित्यक्ता जैसे संवेदनशील प्रकरणों को स्थानांतरण प्रक्रिया में प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। यह निर्देश ऐसे समय में आए हैं जब राज्य के आदिवासी और दूरदराज के इलाकों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी लंबे समय से चर्चा का विषय रही है।

आगे की राह

विभाग को निर्देश दिया गया है कि भर्ती प्रक्रिया, नर्सिंग कॉलेजों के निर्माण और प्रयोगशाला सुदृढ़ीकरण पर शीघ्र कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। सागर कैंसर हॉस्पिटल के लिए पदों की स्वीकृति और आयुष्मान भारत में कैंसर पैकेज जोड़ने का प्रस्ताव भी प्राथमिकता सूची में है। इन कदमों का असर मध्य प्रदेश के ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाओं पर दीर्घकालिक रूप से पड़ने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर जमीनी बदलाव सीमित रहता है। असली कसौटी यह है कि क्या इस बार भर्ती निर्देश ठोस समयसीमा और जवाबदेही तंत्र के साथ आते हैं, या महज प्रशासनिक रिकॉर्ड में दर्ज होकर रह जाते हैं। आयुष्मान भारत में कैंसर पैकेज जोड़ने की पहल सराहनीय है, लेकिन प्रस्ताव तैयार करने और केंद्र से अनुमोदन मिलने के बीच की दूरी अक्सर मरीजों के लिए सबसे कठिन होती है। स्थानांतरण नीति में संवेदनशील प्रकरणों को प्राथमिकता देना सही दिशा है, बशर्ते इसका पालन पारदर्शी तरीके से हो।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने स्वास्थ्य विभाग को क्या निर्देश दिए?
उन्होंने दूरस्थ और अंडरसर्व्ड क्षेत्रों में चिकित्सकों एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती को सर्वोच्च प्राथमिकता देने, नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करने और स्थानांतरण प्रक्रिया को पारदर्शी व संवेदनशील बनाने के निर्देश दिए।
आयुष्मान भारत में कैंसर उपचार पैकेज क्यों जोड़ा जाना है?
इसका उद्देश्य कैंसर रोगियों को अधिक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना और गुणवत्तापूर्ण उपचार तक उनकी पहुँच को सुगम बनाना है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने इस संबंध में आवश्यक प्रस्ताव शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
सीएम केयर्स योजना के तहत अंग प्रत्यारोपण पर क्या निर्णय हुआ?
सीएम केयर्स के अंतर्गत अंग प्रत्यारोपण से जुड़े प्रकरणों में अतिरिक्त व्यय की प्रतिपूर्ति पर चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जरूरतमंद मरीजों को समयबद्ध सहायता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रावधान किए जाएं।
स्थानांतरण प्रक्रिया में किन संवेदनशील प्रकरणों को प्राथमिकता मिलेगी?
गंभीर बीमारी, पति-पत्नी की एक ही स्थान पर पदस्थापना, दिव्यांग आश्रित, विधवा एवं परित्यक्ता जैसे मामलों को स्थानांतरण प्रक्रिया में प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।
सागर कैंसर हॉस्पिटल के संबंध में क्या निर्णय हुआ?
बैठक में सागर स्थित कैंसर हॉस्पिटल के लिए आवश्यक पदों की स्वीकृति के विषय पर समीक्षा की गई और इसे प्राथमिकता सूची में रखा गया है।
राष्ट्र प्रेस
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