क्या मध्य प्रदेश के अस्पतालों में बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन नियमों का पालन होगा?
सारांश
Key Takeaways
- बायो मेडिकल वेस्ट नियमों का पालन आवश्यक है।
- स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार पर जोर।
- निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।
- ग्रामीण और शहरी स्वास्थ्य सेवाओं का उन्नयन प्राथमिकता है।
- निर्णय प्रक्रिया में विलंब न हो, इसके लिए शीघ्रता से आगे बढ़ने के निर्देश।
भोपाल, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के अस्पतालों में बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन नियमों का कड़ा पालन सुनिश्चित करने के लिए लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री और उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता और गुणवत्ता में सुधार पर जोर दिया।
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने मंत्रालय में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने, चिकित्सा अधोसंरचना के विस्तार से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने रीवा, सिंगरौली, ग्वालियर, सागर एवं बुधनी मेडिकल कॉलेजों के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही, आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता, मानव संसाधन की नियुक्ति और शैक्षणिक एवं चिकित्सकीय गतिविधियों के सुचारू संचालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने बायोमेडिकल वेस्ट के वैज्ञानिक एवं सुनियोजित प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, पृथक्करण, संग्रहण, परिवहन एवं निस्तारण की व्यवस्था को प्रभावी बनाने और पर्यावरण संरक्षण के मानकों का पालन करने के निर्देश दिए।
बैठक में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और जिला चिकित्सालयों के उन्नयन से संबंधित प्रस्तावों की भी समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता और गुणवत्ता में सुधार शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने उन्नयन प्रस्तावों को व्यावहारिक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने ऐसे सभी विषयों एवं प्रस्तावों, जिनके लिए सक्षम समिति अथवा मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की स्वीकृति अपेक्षित है, उन्हें प्राथमता के आधार पर शीघ्र अग्रेषित करने के निर्देश दिए, ताकि निर्णय प्रक्रिया में विलंब न हो और योजनाओं का लाभ आमजन तक समय पर पहुंच सके। इस बैठक में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, आयुक्त तरुण राठी उपस्थित थे।