मध्य प्रदेश स्वास्थ्य विभाग में रिक्तियों की भर्ती में तेजी लाने के निर्देश: राजेंद्र शुक्ल
सारांश
Key Takeaways
- भर्तियों को तेजी से पूरा करने के निर्देश
- स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए कदम
- आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता
- प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की आवश्यकता
भोपाल, २४ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने के लिए सरकार ने नए कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। राज्य के उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने स्वास्थ्य संसाधनों को सुधारने और विभाग में भर्तियों को तेजी से पूरा करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए हैं।
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए उचित दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय भर्ती प्रक्रियाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सभी लंबित भर्तियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में मानव संसाधन की कमी को जल्द से जल्द दूर किया जा सके।
उन्होंने कर्मचारी चयन बोर्ड (ईएसबी) और मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (पीएससी) के साथ लगातार संपर्क और समन्वय बनाए रखने के लिए कहा, ताकि भर्ती प्रक्रिया में कोई भी अनावश्यक देरी न हो। इसके साथ ही, सभी आवश्यक प्रशासनिक और तकनीकी औपचारिकताओं को समय पर पूरा करने की भी बात कही।
उपमुख्यमंत्री शुक्ल ने अस्पताल सहायक के रिक्त पदों की भर्ती के संबंध में प्रस्ताव को शीघ्र कर्मचारी चयन बोर्ड को भेजने का निर्देश देते हुए कहा कि यह पद स्वास्थ्य संस्थानों के सुचारू संचालन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, और इसके लिए प्रक्रिया में कोई देरी नहीं होनी चाहिए।
मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य विभाग में नर्सिंग शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई और प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित एवं योग्य नर्सिंग स्टाफ स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए योजनाबद्ध और चरणबद्ध कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
बैठक में आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा धनराजू एस. और अपर संचालक मनोज कुमार सरियाम भी उपस्थित रहे। राज्य के सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ के पदों की बड़ी संख्या में रिक्तता है, और भर्ती प्रक्रिया की गति धीमी है। इसी कारण से, सरकार लगातार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए भर्ती प्रक्रिया को तेज करने का प्रयास कर रही है।