एनआरआई की हर समस्या सुलझाएगी पंजाब सरकार, भगवंत मान फिर बनेंगे सीएम: मंत्री रवजोत सिंह
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के एनआरआई मामलों के मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने 8 जुलाई 2026 को चंडीगढ़ में आयोजित ऑनलाइन एनआरआई बैठक के बाद प्रवासी पंजाबियों की समस्याओं, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर उनकी शंकाओं और राजनीतिक मुद्दों पर विस्तार से अपना पक्ष रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार विदेशों में बसे पंजाबियों की हर समस्या के त्वरित समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।
ऑनलाइन एनआरआई बैठक में क्या हुआ
चंडीगढ़ में आयोजित इस ऑनलाइन बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, एडीसी, सचिव और विशेष सचिव समेत कई प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री रवजोत सिंह के अनुसार, बैठक को बड़ी संख्या में विदेशों में रह रहे पंजाबियों ने ऑनलाइन माध्यम से जोड़ा और इसे काफी अच्छा प्रतिसाद मिला।
बैठक में प्रवासी भारतीयों ने मुख्य रूप से संपत्ति पर अवैध कब्जे, वैवाहिक विवाद और अन्य व्यक्तिगत समस्याएं उठाईं। इसके अलावा, मतदाता सूची से जुड़े एसआईआर को लेकर भी कई एनआरआई के मन में सवाल थे।
एसआईआर और मतदाता सूची की चिंताएं
मंत्री ने बताया कि कई प्रवासी भारतीय इस बात को लेकर चिंतित हैं कि यदि पंजाब में उनका कोई परिजन मौजूद नहीं है, तो मतदाता सूची से जुड़े आवश्यक प्रपत्र कैसे भरे जाएंगे। उन्हें यह भी आशंका है कि अनुपस्थिति के कारण उनका नाम मतदाता सूची से हट सकता है।
रवजोत सिंह ने कहा कि जिन एनआरआई के परिजन पंजाब में हैं, उनके लिए प्रक्रिया अपेक्षाकृत आसान है, लेकिन जो भारतीय पासपोर्ट धारक होते हुए भी विदेश में स्थायी रूप से रह रहे हैं और जिनका यहां कोई रिश्तेदार नहीं है, उनकी चिंताओं का समाधान करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के साथ बैठक कर इन शंकाओं को दूर किया जाएगा। चुनाव आयोग की अनुमति मिलने पर एनआरआई समुदाय के साथ एक वर्चुअल बैठक भी आयोजित की जाएगी।
अगली बैठक और संपर्क के साधन
मंत्री ने जानकारी दी कि पंजाब सरकार हर महीने एनआरआई समुदाय के साथ एक ऑनलाइन और एक ऑफलाइन बैठक आयोजित करती है। अगली ऑफलाइन बैठक 22 जुलाई को लुधियाना में होगी, जिसमें लुधियाना के साथ-साथ संगरूर, बरनाला और मलेरकोटला जिलों के प्रवासी भारतीय भी अपनी समस्याएं रख सकेंगे।
विभाग से संपर्क के लिए सरकार ने एक व्हाट्सएप नंबर और आधिकारिक ई-मेल आईडी भी उपलब्ध कराई है, जिसके माध्यम से एनआरआई अपनी शिकायतें और समस्याएं सीधे भेज सकते हैं।
भगवंत मान और राजनीतिक परिदृश्य
पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी कलह पर टिप्पणी करते हुए रवजोत सिंह ने कहा कि यह कांग्रेस का आंतरिक मामला है। उन्होंने दावा किया कि पूरे पंजाब की जनता मुख्यमंत्री भगवंत मान के कामकाज से संतुष्ट है और राज्य के हर वर्ग के लोग चाहते हैं कि वे आगामी चुनाव में दोबारा मुख्यमंत्री बनें तथा आम आदमी पार्टी (AAP) फिर से सरकार बनाए।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर प्रतिक्रिया
राम मंदिर चढ़ावा मामले पर मंत्री रवजोत सिंह ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को घेरते हुए कहा कि यदि मंदिरों से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों को कानून के अनुसार दंड मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, 'जनता सब कुछ देख रही है और अंततः सच्चाई समय के साथ सामने आ जाएगी।' आगामी चुनाव में एनआरआई समुदाय की भागीदारी और उनकी समस्याओं का समाधान AAP सरकार की प्राथमिकता सूची में बना रहेगा।