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एनआरआई की हर समस्या सुलझाएगी पंजाब सरकार, भगवंत मान फिर बनेंगे सीएम: मंत्री रवजोत सिंह

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एनआरआई की हर समस्या सुलझाएगी पंजाब सरकार, भगवंत मान फिर बनेंगे सीएम: मंत्री रवजोत सिंह

सारांश

पंजाब के एनआरआई मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने चंडीगढ़ में ऑनलाइन बैठक के बाद प्रवासी पंजाबियों की संपत्ति विवाद, मतदाता सूची और एसआईआर से जुड़ी चिंताओं पर सरकार की प्रतिबद्धता जताई। 22 जुलाई को लुधियाना में अगली ऑफलाइन बैठक निर्धारित है।

मुख्य बातें

पंजाब के एनआरआई मंत्री डॉ.
रवजोत सिंह ने 8 जुलाई 2026 को चंडीगढ़ में ऑनलाइन एनआरआई बैठक आयोजित की।
बैठक में संपत्ति कब्जे , वैवाहिक विवाद और एसआईआर से जुड़ी शंकाएं प्रमुखता से उठीं।
अगली ऑफलाइन बैठक 22 जुलाई को लुधियाना में होगी; संगरूर, बरनाला और मलेरकोटला के एनआरआई भी शामिल होंगे।
सरकार शीघ्र ही मुख्य निर्वाचन अधिकारी के साथ बैठक कर एनआरआई मतदाता सूची की शंकाएं दूर करेगी।
रवजोत सिंह ने दावा किया कि भगवंत मान आगामी चुनाव में दोबारा मुख्यमंत्री बनेंगे और AAP फिर सरकार बनाएगी।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर मंत्री ने निष्पक्ष जांच और दोषियों को दंड की माँग की।

पंजाब के एनआरआई मामलों के मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने 8 जुलाई 2026 को चंडीगढ़ में आयोजित ऑनलाइन एनआरआई बैठक के बाद प्रवासी पंजाबियों की समस्याओं, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर उनकी शंकाओं और राजनीतिक मुद्दों पर विस्तार से अपना पक्ष रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार विदेशों में बसे पंजाबियों की हर समस्या के त्वरित समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।

ऑनलाइन एनआरआई बैठक में क्या हुआ

चंडीगढ़ में आयोजित इस ऑनलाइन बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, एडीसी, सचिव और विशेष सचिव समेत कई प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री रवजोत सिंह के अनुसार, बैठक को बड़ी संख्या में विदेशों में रह रहे पंजाबियों ने ऑनलाइन माध्यम से जोड़ा और इसे काफी अच्छा प्रतिसाद मिला।

बैठक में प्रवासी भारतीयों ने मुख्य रूप से संपत्ति पर अवैध कब्जे, वैवाहिक विवाद और अन्य व्यक्तिगत समस्याएं उठाईं। इसके अलावा, मतदाता सूची से जुड़े एसआईआर को लेकर भी कई एनआरआई के मन में सवाल थे।

एसआईआर और मतदाता सूची की चिंताएं

मंत्री ने बताया कि कई प्रवासी भारतीय इस बात को लेकर चिंतित हैं कि यदि पंजाब में उनका कोई परिजन मौजूद नहीं है, तो मतदाता सूची से जुड़े आवश्यक प्रपत्र कैसे भरे जाएंगे। उन्हें यह भी आशंका है कि अनुपस्थिति के कारण उनका नाम मतदाता सूची से हट सकता है।

रवजोत सिंह ने कहा कि जिन एनआरआई के परिजन पंजाब में हैं, उनके लिए प्रक्रिया अपेक्षाकृत आसान है, लेकिन जो भारतीय पासपोर्ट धारक होते हुए भी विदेश में स्थायी रूप से रह रहे हैं और जिनका यहां कोई रिश्तेदार नहीं है, उनकी चिंताओं का समाधान करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के साथ बैठक कर इन शंकाओं को दूर किया जाएगा। चुनाव आयोग की अनुमति मिलने पर एनआरआई समुदाय के साथ एक वर्चुअल बैठक भी आयोजित की जाएगी।

अगली बैठक और संपर्क के साधन

मंत्री ने जानकारी दी कि पंजाब सरकार हर महीने एनआरआई समुदाय के साथ एक ऑनलाइन और एक ऑफलाइन बैठक आयोजित करती है। अगली ऑफलाइन बैठक 22 जुलाई को लुधियाना में होगी, जिसमें लुधियाना के साथ-साथ संगरूर, बरनाला और मलेरकोटला जिलों के प्रवासी भारतीय भी अपनी समस्याएं रख सकेंगे।

विभाग से संपर्क के लिए सरकार ने एक व्हाट्सएप नंबर और आधिकारिक ई-मेल आईडी भी उपलब्ध कराई है, जिसके माध्यम से एनआरआई अपनी शिकायतें और समस्याएं सीधे भेज सकते हैं।

भगवंत मान और राजनीतिक परिदृश्य

पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी कलह पर टिप्पणी करते हुए रवजोत सिंह ने कहा कि यह कांग्रेस का आंतरिक मामला है। उन्होंने दावा किया कि पूरे पंजाब की जनता मुख्यमंत्री भगवंत मान के कामकाज से संतुष्ट है और राज्य के हर वर्ग के लोग चाहते हैं कि वे आगामी चुनाव में दोबारा मुख्यमंत्री बनें तथा आम आदमी पार्टी (AAP) फिर से सरकार बनाए।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर प्रतिक्रिया

राम मंदिर चढ़ावा मामले पर मंत्री रवजोत सिंह ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को घेरते हुए कहा कि यदि मंदिरों से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों को कानून के अनुसार दंड मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, 'जनता सब कुछ देख रही है और अंततः सच्चाई समय के साथ सामने आ जाएगी।' आगामी चुनाव में एनआरआई समुदाय की भागीदारी और उनकी समस्याओं का समाधान AAP सरकार की प्राथमिकता सूची में बना रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मासिक बैठकों का यह ढांचा अब तक कितने मामलों का वास्तविक निपटारा कर पाया है, इसका कोई सार्वजनिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। भगवंत मान की वापसी का दावा राजनीतिक आत्मविश्वास दर्शाता है, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि एनआरआई समुदाय की शिकायतों का समाधान चुनाव से पहले ज़मीन पर कितना दिखता है।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंजाब सरकार एनआरआई की समस्याओं के लिए क्या कर रही है?
पंजाब सरकार हर महीने एनआरआई समुदाय के साथ एक ऑनलाइन और एक ऑफलाइन बैठक आयोजित करती है। इसके अलावा, विभाग ने एक व्हाट्सएप नंबर और आधिकारिक ई-मेल आईडी भी जारी की है जिससे प्रवासी भारतीय अपनी शिकायतें सीधे भेज सकते हैं।
एनआरआई के लिए अगली ऑफलाइन बैठक कब और कहां होगी?
अगली ऑफलाइन बैठक 22 जुलाई को लुधियाना में आयोजित होगी। इसमें लुधियाना के साथ-साथ संगरूर, बरनाला और मलेरकोटला जिलों के प्रवासी भारतीय भी अपनी समस्याएं रख सकेंगे।
एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) को लेकर एनआरआई की क्या चिंताएं हैं?
कई एनआरआई चिंतित हैं कि विदेश में रहने और पंजाब में कोई परिजन न होने की स्थिति में मतदाता सूची से जुड़े प्रपत्र कैसे भरे जाएंगे और कहीं उनका नाम सूची से हट न जाए। सरकार इन शंकाओं को दूर करने के लिए जल्द ही मुख्य निर्वाचन अधिकारी के साथ बैठक करेगी।
क्या भगवंत मान अगले चुनाव में फिर मुख्यमंत्री बनेंगे?
एनआरआई मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने दावा किया है कि पंजाब की जनता भगवंत मान के कामकाज से संतुष्ट है और आगामी चुनाव में AAP फिर सरकार बनाएगी। हालांकि यह AAP का राजनीतिक दावा है, अंतिम फैसला मतदाताओं का होगा।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर पंजाब सरकार का क्या रुख है?
मंत्री रवजोत सिंह ने कहा कि मंदिरों से जुड़े मामलों में यदि कोई अनियमितता हुई है तो निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों को कानून के अनुसार दंड मिलना चाहिए। उन्होंने BJP को इस मुद्दे पर घेरते हुए कहा कि सच्चाई समय के साथ सामने आएगी।
राष्ट्र प्रेस
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