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राहुल गांधी का बयान: 'संविधान पर हमले को हराया', इंडिया ने किया विरोध

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राहुल गांधी का बयान: 'संविधान पर हमले को हराया', इंडिया ने किया विरोध

सारांश

लोकसभा में 131वां संशोधन विधेयक पारित नहीं हो सका। राहुल गांधी ने इसे संविधान पर हमले का नाम दिया है और इसे रोकने की जीत करार दिया। क्या यह भारतीय राजनीति में एक नया मोड़ है?

मुख्य बातें

संविधान के 131वें संशोधन विधेयक का गिरना एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटना है।
राहुल गांधी ने इसे संविधान पर हमला माना।
प्रियंका गांधी का कहना है कि यह लोकतंत्र की अखंडता से जुड़ा मुद्दा है।
विपक्ष ने एकजुटता दिखाई और सरकार को चुनौती दी।
यह घटना भविष्य की राजनीतिक दिशा को प्रभावित कर सकती है।

नई दिल्ली, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में शुक्रवार को संविधान का 131वां संशोधन विधेयक सफल नहीं हो पाया। इस विधेयक को पारित करने के लिए दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता थी, लेकिन सरकार आवश्यक समर्थन प्राप्त करने में असफल रही।

मतदान के दौरान, विधेयक के पक्ष में 298 सांसदों ने वोट दिया, जबकि 230 सांसदों ने इसके विरोध में मतदान किया, जिससे यह विधेयक पारित नहीं हो सका। इस महत्वपूर्ण विधेयक के गिरने के बाद, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा की प्रतिक्रियाएँ सामने आईं।

राहुल गांधी ने कहा, "हमने संविधान पर हुए इस हमले को हरा दिया है। यह महिला आरक्षण बिल नहीं, बल्कि भारत की राजनीतिक संरचना को बदलने का एक प्रयास था। हमने इसे रोक दिया।" उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि 2023 में लाए गए महिला बिल को लागू किया जाए, जिस पर पूरा विपक्ष समर्थन देने के लिए तैयार है।

प्रियंका गांधी ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "यह केवल महिला आरक्षण का मुद्दा नहीं था, बल्कि हमारे लोकतंत्र और अखंडता से जुड़ा विषय था। हम इस बात से सहमत नहीं हो सकते कि महिला आरक्षण को परिसीमन के साथ इस तरह जोड़ा जाए कि वह पुरानी जनगणना पर आधारित हो, जिसमें ओबीसी वर्ग शामिल नहीं है। इस कारण से इस विधेयक का पारित होना संभव नहीं था।"

बिल के गिरने पर राहुल गांधी ने 'एक्स' पर लिखा, "संशोधन विधेयक गिर गया। महिलाओं के नाम पर, संविधान को तोड़ने के लिए, असंवैधानिक तरकीब का इस्तेमाल किया गया। भारत ने देख लियाइंडिया ने रोक दिया। जय संविधान।"

प्रियंका गांधी ने इसे लोकतंत्र और देश की एकता के लिए एक बड़ी जीत कहा। उन्होंने कहा कि विपक्ष शुरू से ही इस विधेयक के मौजूदा स्वरूप का विरोध कर रहा था, और अंततः यह विधेयक संसद में पास नहीं हो सका।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने लिखा, "तमिलनाडु ने दिल्ली को हराया! 23 अप्रैल को हम दिल्ली के घमंड और उसे समर्थन देने वालों को एक साथ हराएंगे!"

बता दें कि संविधान के अनुच्छेद 368 के उपबंधों के अनुसार, विधेयक को सभा की कुल सदस्य संख्या के बहुमत द्वारा और उपस्थित एवं मत देने वाले सदस्यों के कम से कम दो तिहाई बहुमत द्वारा पारित नहीं किया गया।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारतीय राजनीति की दिशा को प्रभावित करने वाला एक महत्वपूर्ण मोड़ है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संविधान का 131वां संशोधन विधेयक क्या था?
यह विधेयक महिला आरक्षण से संबंधित था, लेकिन इसे संविधान पर हमले के रूप में देखा गया।
राहुल गांधी ने इस पर क्या कहा?
राहुल गांधी ने इसे संविधान पर हमला मानते हुए इसे रोकने की जीत बताया।
प्रियंका गांधी का क्या मत है?
प्रियंका गांधी ने कहा कि यह केवल महिला आरक्षण का मुद्दा नहीं था, बल्कि लोकतंत्र की अखंडता से जुड़ा था।
बिल का गिरना क्यों महत्वपूर्ण है?
यह घटना भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ है और यह दिखाता है कि विपक्ष एकजुट होकर सरकार को चुनौती दे सकता है।
इस विधेयक के गिरने के बाद क्या हुआ?
विपक्ष ने इसे अपनी जीत मानते हुए एकजुटता दिखाई, और यह दिखाया कि वे सरकार के खिलाफ खड़े हो सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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