डॉ. जितेंद्र शेलके की सड़क दुर्घटना में मृत्यु: अशोक खरात मामले का महत्वपूर्ण गवाह
सारांश
Key Takeaways
- डॉ. जितेंद्र शेलके सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गए।
- उनकी पत्नी भी हादसे में जान गंवा चुकी हैं।
- बेटा गंभीर हालत में अस्पताल में है।
- आशंका है कि यह हादसा महज एक दुर्घटना नहीं हो सकता।
- अशोक खरात के खिलाफ कई गंभीर मामले चल रहे हैं।
मुंबई, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भोंदू अशोक खरात मामले के एक महत्वपूर्ण गवाह की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई है। समृद्धि महामार्ग पर हुए इस भयानक हादसे में डॉ. जितेंद्र शेलके की जान गई। इस दुर्घटना में उनकी पत्नी अनुराधा शेलके की भी तत्काल मृत्यु हुई, जबकि उनका बेटा गंभीर रूप से घायल है और अस्पताल में उसका इलाज जारी है।
जानकारी के अनुसार, डॉ. शेलके शनिवार दोपहर अपने परिवार के साथ छत्रपति संभाजीनगर से शिर्डी की ओर जा रहे थे। इस दौरान धोत्रे गांव के पास उनकी कार सड़क के किनारे खड़े एक कंटेनर से टकरा गई। टक्कर इतनी गंभीर थी कि कार सीधे कंटेनर के नीचे चली गई और पूरी तरह नष्ट हो गई।
हादसे के बाद कार कंटेनर के नीचे फंसी रही। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से तीनों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक डॉ. शेलके और उनकी पत्नी की मृत्यु हो चुकी थी। उनके बेटे को गंभीर स्थिति में अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज जारी है।
सूत्रों के अनुसार, डॉ. जितेंद्र शेलके इस चर्चित मामले में एक अहम गवाह थे। वे शिवनिका ट्रस्ट के उपाध्यक्ष भी थे और खरात के करीबी सहयोगी माने जाते थे। इसलिए, इस हादसे के बाद कई सवाल उठ रहे हैं और मामले को लेकर अटकलों का दौर तेज हो गया है।
अहमदनगर क्राइम ब्रांच ने इस घटना की पुष्टि की है। अधिकारियों के अनुसार, यह हादसा समृद्धि हाईवे पर खड़े एक कंटेनर से टकराने के कारण हुआ है, लेकिन पूरे मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां इस हादसे के सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह केवल एक दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई और कारण है।
अशोक खरात के खिलाफ नासिक, शिर्डी, वावी और सरकारवाड़ा में पहले से कई एफआईआर दर्ज हैं। इन मामलों में उस पर दुष्कर्म, धोखे से यौन संबंध बनाने और अंधविश्वास फैलाने जैसे गंभीर आरोप हैं।