रेजीनगर उपचुनाव: हुमायूं कबीर ने बेटे गुलाम नबी आजाद को उतारा, बोले — मुकाबला सिर्फ भाजपा से
सारांश
मुख्य बातें
आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के चेयरमैन एवं विधायक हुमायूं कबीर ने 22 अगस्त को मुर्शीदाबाद में रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव को लेकर बड़ा ऐलान करते हुए अपने बेटे गुलाम नबी आजाद उर्फ रॉबिन को पार्टी का आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया। कबीर ने स्पष्ट किया कि उनका सीधा मुकाबला भारतीय जनता पार्टी (BJP) से है, जबकि शेष दलों की असली प्रतिस्पर्धा नोटा (NOTA) से होगी।
उम्मीदवारी का ऐलान और जीत का दावा
हुमायूं कबीर ने कहा, 'रेजीनगर विधानसभा के उपचुनाव के लिए मैंने पार्टी का उम्मीदवार पहले ही घोषित कर दिया है। गुलाम नबी आजाद, जो मेरा बेटा है, उस पर मुझे पूरा भरोसा है।' उन्होंने पिछले चुनाव परिणाम का हवाला देते हुए जोड़ा कि रेजीनगर की जनता ने उन्हें 59 हजार वोटों से BJP को हराकर और 81 हजार वोटों से तृणमूल कांग्रेस (TMC) को तीसरे स्थान पर धकेलकर जिताया था। कबीर ने दावा किया कि उन्हें जीत का 110 प्रतिशत भरोसा है और वे चुनाव की आधिकारिक घोषणा से पहले ही प्रचार मैदान में उतर चुके हैं, क्योंकि BJP ने भी पहले से प्रचार आरंभ कर दिया है।
अन्नपूर्णा योजना पर कबीर की राय
अन्नपूर्णा योजना के क्रियान्वयन पर टिप्पणी करते हुए कबीर ने कहा कि यदि महिलाओं को दी जाने वाली राशि कुछ को मिले और कुछ को न मिले, तो असंतोष स्वाभाविक है। उनके अनुसार, यह लाभ उन लोगों को प्राथमिकता से मिलना चाहिए जो बेरोजगार हैं या जिनकी आय सीमित है। उन्होंने कहा कि असमान वितरण ही विवाद की जड़ है।
आरक्षण और जंतर-मंतर प्रदर्शन
नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आरक्षण को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन पर कबीर ने कहा कि एससी-एसटी और अल्पसंख्यक समुदायों को पूरे देश में आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि आरक्षण नीति में संशोधन या बदलाव का अधिकार संसद और सत्ता में बैठे लोगों का है, और इस विषय पर अपनी सीमा को रेखांकित करते हुए कहा, 'इस पर बोलने का मेरा कोई अधिकार नहीं है।'
जादवपुर विश्वविद्यालय घटना और दिलीप घोष पर निशाना
जादवपुर विश्वविद्यालय घटना पर BJP नेता दिलीप घोष के बयानों की आलोचना करते हुए कबीर ने कहा कि घोष की आदत है मीडिया में बने रहने के लिए उल्टा-सीधा बोलने की। उन्होंने सवाल उठाया कि 'सर्जिकल स्ट्राइक' की बात करने का क्या अर्थ है — क्या वे सीआरपीएफ और बीएसएफ लेकर जादवपुर जाएंगे? कबीर ने यह भी बताया कि BJP के अपने शिक्षा मंत्री और स्थानीय महिला विधायक के बयान आपस में विरोधाभासी हैं।
सेंट्रल फोर्स तैनाती पर सवाल
कबीर ने केंद्रीय बलों की तैनाती पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि उनके घर से 300 मीटर की दूरी पर स्थित एक स्कूल को फिलहाल पढ़ाई-लिखाई बंद कर 150 सीआरपीएफ जवानों का कैंप बना दिया गया है। उनका कहना था कि जब सभी थाने एसपी के अधीन हैं, तो गृह मंत्री से यह पूछना ज़रूरी है कि आखिर 50 कंपनियाँ किस उद्देश्य से भेजी गईं। रेजीनगर उपचुनाव की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है, लेकिन राजनीतिक सरगर्मी पहले ही तेज हो चुकी है।