23 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

रेजीनगर उपचुनाव: हुमायूं कबीर ने बेटे गुलाम नबी आजाद को उतारा, बोले — मुकाबला सिर्फ भाजपा से

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
रेजीनगर उपचुनाव: हुमायूं कबीर ने बेटे गुलाम नबी आजाद को उतारा, बोले — मुकाबला सिर्फ भाजपा से

सारांश

रेजीनगर उपचुनाव की घोषणा से पहले ही एजेयूपी विधायक हुमायूं कबीर ने बेटे गुलाम नबी आजाद उर्फ रॉबिन को मैदान में उतारा और दावा किया कि असली मुकाबला सिर्फ BJP से है। पिछले चुनाव में 59 हजार वोटों की जीत का हवाला देते हुए उन्होंने 110 प्रतिशत जीत का भरोसा जताया।

मुख्य बातें

हुमायूं कबीर ने रेजीनगर उपचुनाव के लिए बेटे गुलाम नबी आजाद उर्फ रॉबिन को एजेयूपी का उम्मीदवार घोषित किया।
कबीर का दावा — जीत का 110 प्रतिशत भरोसा; सीधा मुकाबला सिर्फ BJP से, अन्य दलों की लड़ाई NOTA से।
पिछले चुनाव में कबीर ने BJP को 59 हजार वोटों से और TMC को 81 हजार वोटों के अंतर से तीसरे स्थान पर धकेला था।
कबीर ने उनके घर से 300 मीटर दूर स्कूल में 150 सीआरपीएफ जवानों की तैनाती और 50 कंपनियाँ भेजने पर सवाल उठाए।
अन्नपूर्णा योजना के असमान वितरण और जादवपुर विश्वविद्यालय घटना पर BJP के आंतरिक विरोधाभास को भी उजागर किया।

आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के चेयरमैन एवं विधायक हुमायूं कबीर ने 22 अगस्त को मुर्शीदाबाद में रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव को लेकर बड़ा ऐलान करते हुए अपने बेटे गुलाम नबी आजाद उर्फ रॉबिन को पार्टी का आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया। कबीर ने स्पष्ट किया कि उनका सीधा मुकाबला भारतीय जनता पार्टी (BJP) से है, जबकि शेष दलों की असली प्रतिस्पर्धा नोटा (NOTA) से होगी।

उम्मीदवारी का ऐलान और जीत का दावा

हुमायूं कबीर ने कहा, 'रेजीनगर विधानसभा के उपचुनाव के लिए मैंने पार्टी का उम्मीदवार पहले ही घोषित कर दिया है। गुलाम नबी आजाद, जो मेरा बेटा है, उस पर मुझे पूरा भरोसा है।' उन्होंने पिछले चुनाव परिणाम का हवाला देते हुए जोड़ा कि रेजीनगर की जनता ने उन्हें 59 हजार वोटों से BJP को हराकर और 81 हजार वोटों से तृणमूल कांग्रेस (TMC) को तीसरे स्थान पर धकेलकर जिताया था। कबीर ने दावा किया कि उन्हें जीत का 110 प्रतिशत भरोसा है और वे चुनाव की आधिकारिक घोषणा से पहले ही प्रचार मैदान में उतर चुके हैं, क्योंकि BJP ने भी पहले से प्रचार आरंभ कर दिया है।

अन्नपूर्णा योजना पर कबीर की राय

अन्नपूर्णा योजना के क्रियान्वयन पर टिप्पणी करते हुए कबीर ने कहा कि यदि महिलाओं को दी जाने वाली राशि कुछ को मिले और कुछ को न मिले, तो असंतोष स्वाभाविक है। उनके अनुसार, यह लाभ उन लोगों को प्राथमिकता से मिलना चाहिए जो बेरोजगार हैं या जिनकी आय सीमित है। उन्होंने कहा कि असमान वितरण ही विवाद की जड़ है।

आरक्षण और जंतर-मंतर प्रदर्शन

नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आरक्षण को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन पर कबीर ने कहा कि एससी-एसटी और अल्पसंख्यक समुदायों को पूरे देश में आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि आरक्षण नीति में संशोधन या बदलाव का अधिकार संसद और सत्ता में बैठे लोगों का है, और इस विषय पर अपनी सीमा को रेखांकित करते हुए कहा, 'इस पर बोलने का मेरा कोई अधिकार नहीं है।'

जादवपुर विश्वविद्यालय घटना और दिलीप घोष पर निशाना

जादवपुर विश्वविद्यालय घटना पर BJP नेता दिलीप घोष के बयानों की आलोचना करते हुए कबीर ने कहा कि घोष की आदत है मीडिया में बने रहने के लिए उल्टा-सीधा बोलने की। उन्होंने सवाल उठाया कि 'सर्जिकल स्ट्राइक' की बात करने का क्या अर्थ है — क्या वे सीआरपीएफ और बीएसएफ लेकर जादवपुर जाएंगे? कबीर ने यह भी बताया कि BJP के अपने शिक्षा मंत्री और स्थानीय महिला विधायक के बयान आपस में विरोधाभासी हैं।

सेंट्रल फोर्स तैनाती पर सवाल

कबीर ने केंद्रीय बलों की तैनाती पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि उनके घर से 300 मीटर की दूरी पर स्थित एक स्कूल को फिलहाल पढ़ाई-लिखाई बंद कर 150 सीआरपीएफ जवानों का कैंप बना दिया गया है। उनका कहना था कि जब सभी थाने एसपी के अधीन हैं, तो गृह मंत्री से यह पूछना ज़रूरी है कि आखिर 50 कंपनियाँ किस उद्देश्य से भेजी गईं। रेजीनगर उपचुनाव की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है, लेकिन राजनीतिक सरगर्मी पहले ही तेज हो चुकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे वे 'भरोसे' के आवरण में प्रस्तुत कर रहे हैं। पिछली जीत के आँकड़े प्रभावशाली हैं, लेकिन उपचुनाव की गतिशीलता अलग होती है — मतदाता अक्सर व्यक्ति की जगह पार्टी को नहीं, बल्कि मुद्दे को वोट देते हैं। सेंट्रल फोर्स पर उनके सवाल वैध हैं, पर यह भी ध्यान देने योग्य है कि वे स्वयं सत्तारूढ़ गठबंधन की परिधि में हैं। NOTA को प्रतिद्वंद्वी बताना एक चतुर बयानबाजी है — इससे वे विपक्षी दलों को सीधे चुनौती दिए बिना उन्हें हाशिये पर धकेलते हैं।
RashtraPress
23 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रेजीनगर उपचुनाव में एजेयूपी का उम्मीदवार कौन है?
एजेयूपी के चेयरमैन हुमायूं कबीर ने अपने बेटे गुलाम नबी आजाद उर्फ रॉबिन को रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव के लिए पार्टी का आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया है। उपचुनाव की आधिकारिक तारीख अभी तक घोषित नहीं हुई है।
हुमायूं कबीर ने अन्य दलों को NOTA से क्यों जोड़ा?
कबीर का कहना है कि रेजीनगर में असली मुकाबला केवल उनकी पार्टी एजेयूपी और BJP के बीच है। उनके अनुसार, बाकी दलों की उपस्थिति इतनी कमज़ोर है कि उनकी प्रतिस्पर्धा NOTA से ही होगी, न कि किसी प्रमुख दल से।
हुमायूं कबीर ने जादवपुर विश्वविद्यालय घटना पर क्या कहा?
कबीर ने BJP नेता दिलीप घोष के 'सर्जिकल स्ट्राइक' वाले बयान को मीडिया में बने रहने की आदत बताया। उन्होंने यह भी कहा कि BJP के शिक्षा मंत्री और स्थानीय महिला विधायक के बयान आपस में विरोधाभासी हैं।
कबीर ने सेंट्रल फोर्स की तैनाती पर क्या सवाल उठाए?
विधायक हुमायूं कबीर ने बताया कि उनके घर से 300 मीटर दूर एक स्कूल में 150 सीआरपीएफ जवानों का कैंप बनाया गया है और पढ़ाई बंद है। उन्होंने गृह मंत्री से पूछा कि जब थाने एसपी के अधीन हैं, तो 50 कंपनियाँ भेजने का क्या औचित्य है।
अन्नपूर्णा योजना पर कबीर का क्या रुख है?
कबीर ने कहा कि अन्नपूर्णा योजना का लाभ सभी पात्र महिलाओं को समान रूप से मिलना चाहिए, विशेषकर उन्हें जो बेरोजगार हैं या जिनकी आय कम है। असमान वितरण ही जनता में असंतोष का कारण बनता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले