एजेयूपी प्रमुख हुमायूं कबीर का सुवेंदु अधिकारी पर वार: 'झूठे आश्वासन दे रहे मुख्यमंत्री, जनता को धोखा'
सारांश
मुख्य बातें
आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के प्रमुख हुमायूं कबीर ने 4 अक्टूबर 2026 को मुर्शिदाबाद में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री जनता के बीच जाकर झूठे आश्वासन दे रहे हैं और लोगों को धोखा देने का काम कर रहे हैं।
रेजीनगर के मुद्दे पर कबीर का निशाना
रेजीनगर में मुस्लिम मतदाताओं से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की अपील के संदर्भ में हुमायूं कबीर ने कहा, "सरकार को साढ़े पाँच महीने हो चुके हैं, लेकिन रेजीनगर के पास की विधानसभा में, जहाँ भाजपा जीती, कौन सा मॉडल तैयार हुआ है।" उन्होंने तर्क दिया कि भाजपा पश्चिम बंगाल में पहले केवल 2 सीटों पर थी, अब 208 सीटें जीतकर सरकार बनाई है, फिर भी ज़मीनी बदलाव नहीं दिखा।
कबीर ने कहा, "मुख्यमंत्री सुवेंदु आज लोगों को झूठा आश्वासन दे रहे हैं कि रेजीनगर में भाजपा की जीत के बाद उसे मॉडल विधानसभा क्षेत्र बना देंगे।" उनके अनुसार, यह केवल राजनीतिक लोकलुभावन बयानबाज़ी है, जिसका ज़मीनी हकीकत से कोई संबंध नहीं।
सुवेंदु अधिकारी पर 'जुल्म' का आरोप
हुमायूं कबीर ने मुख्यमंत्री की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, "सुवेंदु अधिकारी बंगाल की आम जनता पर जुल्म कर रहे हैं।" उन्होंने सवाल उठाया कि क्या लोगों को डराना और उन पर हमला करना भाजपा की विचारधारा है।
कबीर के अनुसार, रेजीनगर उपचुनाव के दौरान चुनाव घोषणा के दिन से ही उनके पार्टी कार्यकर्ताओं समेत लगभग 50 लोगों को उठाया गया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर वे भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व से मिलकर पूछताछ करने की मंशा रखते हैं।
BJP में शामिल होने की अटकलों का खंडन
हुमायूं कबीर ने BJP के केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात और पार्टी में शामिल होने की अटकलों को स्पष्ट रूप से खारिज किया। उन्होंने कहा, "मैंने कभी नहीं कहा कि मैं उनके पैर पकड़ूंगा या उनकी पार्टी में शामिल हो जाऊंगा।"
गौरतलब है कि हुमायूं कबीर ने 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में एजेयूपी के बैनर तले लगभग 100 सीटों पर चुनाव लड़ा था और जिन 2 सीटों पर स्वयं मैदान में उतरे, दोनों पर जीत दर्ज की। उन्होंने चुनाव आयोग द्वारा शांतिपूर्ण ढंग से चुनाव कराने की सराहना भी की।
सरकार गिरने की चेतावनी
हुमायूं कबीर ने अंत में एक कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा, "पश्चिम बंगाल की वर्तमान सरकार एक समय लोगों का भरोसा खो देगी और आखिरकार गिर जाएगी।" यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य की नई सरकार को अभी साढ़े पाँच महीने ही हुए हैं और विपक्षी दलों व छोटे क्षेत्रीय दलों की ओर से शासन को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, रेजीनगर उपचुनाव में BJP की जीत के बाद सत्तारूढ़ दल और छोटे क्षेत्रीय दलों के बीच तनाव का यह पहला खुला संकेत है। आने वाले महीनों में सरकार के कामकाज पर और अधिक जाँच परख होने की उम्मीद है।