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रेजीनगर उपचुनाव: पुलिसकर्मी का कॉलर पकड़ने पर विधायक हुमायूं कबीर गिरफ्तार

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रेजीनगर उपचुनाव: पुलिसकर्मी का कॉलर पकड़ने पर विधायक हुमायूं कबीर गिरफ्तार

सारांश

रेजीनगर उपचुनाव में मतदान के दौरान एजेयूपी विधायक हुमायूं कबीर ने पुलिसकर्मी का कॉलर पकड़ा और सुरक्षाबलों को लाठी से मुकाबले की धमकी दी — नतीजा: उनकी गिरफ्तारी। 65% अल्पसंख्यक मतदाताओं वाली इस सीट पर 14 उम्मीदवार और CAPF की 34 कंपनियाँ तैनात हैं।

मुख्य बातें

हुमायूं कबीर , एजेयूपी संस्थापक और विधायक, को 6 अक्टूबर 2026 को रेजीनगर उपचुनाव के दौरान गिरफ्तार किया गया।
कबीर पर पश्चिम बंगाल पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर का कॉलर पकड़ने और सुरक्षाकर्मियों को धमकी देने का आरोप है।
कबीर के पुत्र गुलाम नबी आजाद इस बार रेजीनगर से एजेयूपी के उम्मीदवार हैं।
रेजीनगर में 65% से अधिक मतदाता अल्पसंख्यक समुदाय से हैं; 14 उम्मीदवार मैदान में हैं।
मतदान की निगरानी के लिए CAPF की 34 कंपनियाँ तैनात की गई हैं।
कबीर ने BJP और जिला पुलिस पर अल्पसंख्यक मतदाताओं को परेशान करने का आरोप लगाया।

मुर्शिदाबाद जिले की रेजीनगर विधानसभा सीट पर 6 अक्टूबर 2026 को हो रहे उपचुनाव के दौरान आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के संस्थापक और विधायक हुमायूं कबीर को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया। कबीर पर पश्चिम बंगाल पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर का कॉलर पकड़ने और सुरक्षाकर्मियों को खुलेआम लाठी से मुकाबले की धमकी देने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें रेजीनगर पुलिस स्टेशन ले जाया गया।

घटनाक्रम कैसे बढ़ा

हुमायूं कबीर मंगलवार सुबह अपने परिवार के साथ वोट डालने के लिए पोलिंग बूथ पहुंचे। मतदान के बाद पोलिंग स्टेशन से बाहर निकलते ही उन्होंने मीडियाकर्मियों से बात की और राज्य पुलिस व केंद्रीय बलों के खिलाफ आक्रामक बयान दिए। इसके बाद तैनात पुलिसकर्मियों के साथ बार-बार बहस और धक्का-मुक्की हुई। एक वीडियो में कबीर को पश्चिम बंगाल पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर का कॉलर पकड़े हुए देखा गया, जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया।

कबीर के आरोप और बयान

गिरफ्तारी से पहले कबीर ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जिला पुलिस प्रशासन उपचुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद से ही रेजीनगर के मतदाताओं, खासकर अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को परेशान कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, 'पुलिसकर्मी मंगलवार सुबह से ही मेरे घर को घेरे हुए हैं। अगर पुलिस हमें पीटने आती है, तो क्या हम उन्हें छोड़ देंगे? हम लाठियों से उनका मुकाबला करेंगे।' कबीर ने यह भी आरोप लगाया कि आम मतदाताओं के घरों में तोड़-फोड़ और लूटपाट की गई है, और महिला मतदाताओं के साथ भी दुर्व्यवहार के प्रयास हुए हैं।

उपचुनाव का राजनीतिक संदर्भ

गौरतलब है कि इस साल की शुरुआत में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में कबीर ने मुर्शिदाबाद जिले की नौदा और रेजीनगर दोनों सीटें जीती थीं। बाद में उन्होंने नौदा सीट अपने पास रखने का निर्णय लिया, जिससे रेजीनगर सीट रिक्त हो गई और उपचुनाव आवश्यक हो गया। इस बार रेजीनगर से एजेयूपी के उम्मीदवार कबीर के पुत्र गुलाम नबी आजाद हैं।

रेजीनगर सीट पर 65 प्रतिशत से अधिक मतदाता अल्पसंख्यक समुदाय से हैं, जिससे यह सीट राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील मानी जाती है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में उपचुनावों के दौरान हिंसा और प्रशासनिक टकराव की घटनाएँ नई नहीं हैं।

मैदान में उम्मीदवार और सुरक्षा व्यवस्था

रेजीनगर में इस बार 14 उम्मीदवार मैदान में हैं और कुल छह राजनीतिक दलों के बीच कड़ा मुकाबला है — जिनमें BJP, एजेयूपी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC), ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC), डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — CPI(M) और रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (RSP) शामिल हैं। मतदान की शांतिपूर्ण प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 34 कंपनियाँ तैनात की गई हैं।

आगे क्या होगा

कबीर की गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थकों और पुलिस के बीच तनाव का माहौल बना हुआ है। मतगणना के परिणाम आने तक रेजीनगर में राजनीतिक हलचल बनी रहने की उम्मीद है। यह मामला पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया के दौरान कानून-व्यवस्था और राजनीतिक जवाबदेही पर व्यापक बहस को और तेज कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

कबीर के आरोप — अल्पसंख्यक मतदाताओं को डराना, घरों में तोड़-फोड़ — यदि सत्यापित होते हैं, तो वे भी उतने ही गंभीर हैं और जाँच की माँग करते हैं। CAPF की 34 कंपनियों की तैनाती बताती है कि प्रशासन को पहले से ही स्थिति की नाजुकता का अंदाज़ा था, फिर भी हालात बिगड़े — यह चुनावी प्रशासन की सीमाओं पर सवाल खड़ा करता है।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हुमायूं कबीर को रेजीनगर उपचुनाव में क्यों गिरफ्तार किया गया?
हुमायूं कबीर को 6 अक्टूबर 2026 को रेजीनगर उपचुनाव के दौरान पश्चिम बंगाल पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर का कॉलर पकड़ने और सुरक्षाकर्मियों को लाठी से मुकाबले की खुली धमकी देने के बाद गिरफ्तार किया गया। उन्हें रेजीनगर पुलिस स्टेशन ले जाया गया।
रेजीनगर में उपचुनाव क्यों हो रहा है?
हुमायूं कबीर ने इस साल की शुरुआत में हुए विधानसभा चुनावों में मुर्शिदाबाद जिले की नौदा और रेजीनगर दोनों सीटें जीती थीं। बाद में उन्होंने नौदा सीट अपने पास रखने का निर्णय लिया, जिससे रेजीनगर सीट रिक्त हो गई और वहाँ उपचुनाव की ज़रूरत पड़ी।
रेजीनगर उपचुनाव में कितने उम्मीदवार और कौन-कौन से दल हैं?
रेजीनगर उपचुनाव में कुल 14 उम्मीदवार मैदान में हैं। प्रमुख दलों में BJP, एजेयूपी, कांग्रेस (INC), ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC), डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस, CPI(M) और रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (RSP) शामिल हैं। एजेयूपी की ओर से कबीर के पुत्र गुलाम नबी आजाद उम्मीदवार हैं।
रेजीनगर में मतदान के लिए कितनी सुरक्षा तैनात की गई है?
रेजीनगर उपचुनाव में शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 34 कंपनियाँ तैनात की गई हैं। सीट पर 65% से अधिक अल्पसंख्यक मतदाता होने के कारण इसे संवेदनशील माना जाता है।
कबीर ने BJP और पुलिस पर क्या आरोप लगाए?
कबीर ने आरोप लगाया कि उपचुनाव की घोषणा के बाद से जिला पुलिस प्रशासन अल्पसंख्यक मतदाताओं को परेशान कर रहा है, उनके घरों में तोड़-फोड़ हुई है और महिला मतदाताओं के साथ दुर्व्यवहार के प्रयास भी हुए हैं। BJP और राज्य पुलिस पर मतदान प्रक्रिया में गड़बड़ी करने का भी आरोप लगाया। ये आरोप अभी सत्यापित नहीं हुए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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