रेजीनगर उपचुनाव: AJUP विधायक हुमायूं कबीर का पुलिस स्टेशन के बाहर धरना, TMC पर पक्षपात का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के चेयरमैन एवं विधायक हुमायूं कबीर ने 24 सितंबर 2026 को मुर्शिदाबाद जिले के रेजीनगर पुलिस स्टेशन के मुख्य द्वार के बाहर धरना दिया। कबीर का आरोप है कि पुलिस 6 अक्टूबर 2026 को होने वाले रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव से पहले जानबूझकर उनकी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर प्रचार अभियान को बाधित कर रही है।
धरने का घटनाक्रम
कबीर गुरुवार को एक कुर्सी लेकर पुलिस स्टेशन पहुँचे और बाहर बैठ गए। उन्होंने दावा किया कि अन्य दलों के कार्यकर्ताओं को प्रचार की खुली छूट दी जा रही है, जबकि AJUP कार्यकर्ताओं को इलाके से हटने का आदेश दिया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थिति नहीं बदली तो वे 6 अक्टूबर को मतदान के दिन भी इसी तरह धरना देंगे। कबीर ने यह भी बताया कि वे शुक्रवार सुबह 8 बजे तक वहाँ डटे रहेंगे और उनके साथ पार्टी की एक महिला नेता भी मौजूद हैं।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है — 13 सितंबर 2026 को भी कबीर ने शक्तिपुर पुलिस स्टेशन के बाहर इसी तर्ज पर विरोध प्रदर्शन किया था।
गिरफ्तारियाँ और पार्टी पर असर
कबीर के अनुसार, पुलिस ने शनिवार रात और रविवार सुबह के बीच रेजीनगर और शक्तिपुर इलाकों में पार्टी के कई प्रमुख नेताओं को हिरासत में लिया। गिरफ्तार किए गए लोगों में मंजूर रहमान उर्फ लेबू (जिनकी पत्नी बेलडांगा-2 पंचायत समिति की सदस्य हैं), हक मल्लिक (पार्टी के रेजीनगर ब्लॉक उपाध्यक्ष, छह क्षेत्रों की देखरेख), और अब्दुल अलीम (दादपुर क्षेत्र के अध्यक्ष) शामिल हैं। इसके अलावा, मोहम्मद नसीम शेख को शक्तिपुर के मियाग्राम से गिरफ्तार किया गया — नसीम को कबीर का करीबी सहयोगी माना जाता है। सोमवार को एक और व्यक्ति की गिरफ्तारी भी हुई।
पुलिस और प्रशासन पर आरोप
कबीर ने खुलकर आरोप लगाया कि रेजीनगर में पुलिस राज्य की सत्ताधारी पार्टी के लिए काम कर रही है। उन्होंने माँग की कि संबंधित पुलिस अधिकारियों को हटाया जाए। उनका यह भी कहना है कि बहरामपुर पुलिस जिले के सुपरिटेंडेंट सीधे तौर पर चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश में लगे हैं। कबीर ने कहा, 'प्रशासन मनमाने ढंग से मेरे लोगों को गिरफ्तार कर रहा है। अगर वे चाहें तो मुझे भी गिरफ्तार कर सकते हैं।'
चुनाव आयोग को शिकायत
कबीर ने इन गिरफ्तारियों के संदर्भ में चुनाव आयोग को पहले ही पत्र लिखकर हस्तक्षेप की माँग की है। उनका तर्क है कि उपचुनाव से ठीक पहले की जा रही ये कार्रवाइयाँ स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया के विरुद्ध हैं।
उपचुनाव की पृष्ठभूमि
यह उल्लेखनीय है कि हुमायूं कबीर ने रेजीनगर और नौदा — दोनों विधानसभा सीटों से चुनाव जीता था। बाद में उन्होंने रेजीनगर सीट छोड़ी, जिससे यह उपचुनाव आवश्यक हो गया। इस बार उन्होंने उसी सीट पर अपने बेटे को उम्मीदवार बनाया है। 6 अक्टूबर 2026 को होने वाले इस उपचुनाव के नतीजे मुर्शिदाबाद की राजनीतिक दिशा पर असर डाल सकते हैं।