ऑडियो क्लिप विवाद: नाउदा विधायक हुमायूं कबीर को बहरामपुर पुलिस का समन, 21 सितंबर को तलब
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल में आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के संस्थापक और नाउदा से विधायक हुमायूं कबीर को कथित ऑडियो क्लिप मामले में बहरामपुर पुलिस ने पूछताछ के लिए समन भेजा है। उन्हें 21 सितंबर 2026 को सुबह 11 बजे बहरामपुर पुलिस थाने में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब रेजीनगर विधानसभा सीट पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होने वाला है।
समन कैसे पहुँचा
शनिवार दोपहर बहरामपुर पुलिस थाने के अधिकारी मुर्शिदाबाद जिले स्थित हुमायूं कबीर के आवास पहुँचे। उस दौरान कबीर घर पर नहीं थे। पुलिस ने समन उनके बेटे गुलाम नबी आजाद को सौंपा, जो रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव में एजेयूपी उम्मीदवार हैं — उन्होंने नोटिस प्राप्त कर उस पर हस्ताक्षर किए।
मामले की पृष्ठभूमि
पुलिस के अनुसार यह प्रकरण हुमायूं कबीर और एक अन्य व्यक्ति के बीच की कथित टेलीफोन बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग से जुड़ा है, जो हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। इस ऑडियो क्लिप की प्रामाणिकता स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ऑडियो में कबीर ने भड़काऊ टिप्पणियाँ की हैं।
अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि कबीर को जाँच अधिकारी रवींद्रनाथ बिस्वास के साथ सहयोग करना होगा, अन्यथा बीएनएस की धारा 208 के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
विधायक की प्रतिक्रिया
समन पर प्रतिक्रिया देते हुए हुमायूं कबीर ने कहा, 'मैं घर पर नहीं था। मुझे पता चला कि पुलिस आई थी और नोटिस देकर गई है। ऐसा पहले भी किया गया है। यह मतदाताओं को डराने-धमकाने की कोशिश है।' उन्होंने यह भी कहा कि वह उचित समय पर जाँच अधिकारी से मिलेंगे और सभी सवालों के जवाब देंगे।
कबीर ने इसे साजिश करार देते हुए दावा किया, 'मुझे मेरे मोबाइल पर फोन कर फंसाने की कोशिश की गई। मैंने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक को ई-मेल भेजकर निष्पक्ष जाँच की माँग की है।'
उपचुनाव से जुड़ा राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि हुमायूं कबीर ने रेजीनगर और नाउदा दोनों विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की थी। बाद में उन्होंने रेजीनगर सीट छोड़ दी, जिसके कारण 6 अक्टूबर को वहाँ उपचुनाव कराया जा रहा है। इस उपचुनाव में उनके बेटे गुलाम नबी आजाद एजेयूपी उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि उपचुनाव से ठीक पहले यह समन राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण समय पर आया है।
आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि कबीर 21 सितंबर को पुलिस के समक्ष उपस्थित होते हैं या नहीं, और जाँच किस दिशा में आगे बढ़ती है।