केतन अग्रवाल हत्याकांड: पुणे पुलिस ने दाखिल की 5,053 पन्नों की चार्जशीट, तीन आरोपियों पर साजिश का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
पुणे ग्रामीण पुलिस ने केतन अग्रवाल हत्याकांड में 19 सितंबर 2026 को 5,053 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की, जिसमें सिया गोयल, चेतन चौधरी और रितेश हांगे को मुख्य आरोपी बनाया गया है। चार्जशीट में पाँच प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के बयान और विस्तृत डिजिटल साक्ष्य भी शामिल हैं। पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने यह जानकारी दी।
साजिश की शुरुआत और बदलती योजना
पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपियों ने शुरुआत में केतन को केवल अपंग करने और गंभीर रूप से घायल करने की योजना बनाई थी। इस उद्देश्य के लिए उन्होंने दूसरे राज्यों के कुछ व्यक्तियों से संपर्क किया था। हालाँकि, बाद में आरोपियों को कथित तौर पर यह आशंका हुई कि किसी बाहरी व्यक्ति के पकड़े जाने पर सारी साजिश उजागर हो सकती है, इसलिए उन्होंने योजना में आमूलचूल बदलाव किया। पुलिस के मुताबिक, संपर्क किए गए लोगों में से एक व्यक्ति अंततः इस मामले में सरकारी गवाह बन गया।
पुलिस के अनुसार, मार्च 2026 से हत्या की साजिश पर गंभीरता से काम शुरू हुआ और मई 2026 तक हत्या की ठोस योजना तैयार कर ली गई। इस दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर हत्या से जुड़ी फिल्में देखीं, पुलिस से बचने के तौर-तरीकों पर कई पॉडकास्ट सुने और मेघालय के सोनम हत्याकांड का भी अध्ययन किया।
रेकी और घटनास्थल का चुनाव
मई 2026 के अंत में सिया गोयल और चेतन चौधरी लोणावला गए और टाइगर प्वाइंट समेत कई पहाड़ी स्थलों की रेकी की। पुलिस के अनुसार, टाइगर प्वाइंट पर सीसीटीवी कैमरों की अनुपस्थिति उनके ध्यान में आई, जो उनके लिए एक अनुकूल पहलू था।
अंततः आरोपियों ने लोहगढ़ को घटनास्थल के रूप में चुना। पुलिस के मुताबिक, इसके पीछे यह तर्क था कि मार्च 2025 में वहाँ एक महिला की मौत हो चुकी थी, जिससे आरोपियों को यह कथित उम्मीद थी कि केतन की मौत को भी सेल्फी लेते समय पहाड़ से गिरने की दुर्घटना के रूप में पेश किया जा सकता है।
घटनाक्रम: 4 जून से 19 जून तक
4 जून 2026 को सिया ने लोहगढ़ जाने की जिद की। आरोपियों की मूल योजना बाली जाने से पहले केतन की हत्या करने की थी। 6 जून को प्री-वेडिंग शूट के लिए बाली रवाना होने के दौरान सिया ने कथित तौर पर खालापुर के एक कैफे के वॉशरूम में केतन का पासपोर्ट फाड़ दिया, जिसके कारण बाली यात्रा की योजना विफल हो गई।
14 जून को सिया और केतन लोहगढ़ गए। पुलिस के अनुसार, सिया ने केतन को धक्का देने की कोशिश की, लेकिन वह गिरा नहीं। इसके बाद उसने कथित तौर पर 'सांप आया' कहकर बहाना बनाया, परंतु यह प्रयास भी सफल नहीं हो सका।
इसके बाद तीनों आरोपियों ने 'माही' नाम से एक फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया, जिसके लिए उनकी एक परिचित लड़की की तस्वीर का उपयोग किया गया। 18 जून को इसी अकाउंट से केतन को संदेश भेजा गया कि वह सिया को लोहगढ़ लेकर आए, जहाँ उसका जन्मदिन मनाकर सरप्राइज दिया जाएगा। पुलिस का दावा है कि इस पूरी योजना का सूत्रधार रितेश हांगे था।
हत्या का घटनाक्रम और डिजिटल साक्ष्य
चार्जशीट के अनुसार, चेतन चौधरी गढ़ के एक वैकल्पिक मार्ग से ऊपर पहुँचा और मंदिर में जाकर बैठ गया। सिया के इशारे पर, जब केतन का ध्यान दूसरी ओर था, सिया ने कथित तौर पर पीछे से उसके कंधे पर धक्का दिया और चेतन ने उसके पाँव पर धक्का दिया। चार्जशीट में दावा किया गया है कि इसके बाद चेतन ने केतन को लात मारी, जिससे वह नीचे गिरा और उसकी मृत्यु हो गई।
हत्या के बाद 'माही' नाम का फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट डिलीट कर दिया गया। पुलिस ने जाँच के दौरान डिजिटल साक्ष्यों सहित अन्य सामग्री एकत्र की, जिसे चार्जशीट में शामिल किया गया है। गौरतलब है कि इस मामले में डिजिटल फुटप्रिंट ने जाँच में अहम भूमिका निभाई।
आगे क्या होगा
5,053 पन्नों की यह चार्जशीट अब न्यायालय के समक्ष है, जहाँ तीनों आरोपियों के विरुद्ध आगे की कार्यवाही होगी। यह मामला इस लिहाज से भी उल्लेखनीय है कि पुलिस के अनुसार आरोपियों ने हत्या की योजना को अंजाम देने के लिए पूर्व-नियोजित तरीके से डिजिटल और भौगोलिक जानकारी का दुरुपयोग किया।