15 अगस्त 2026
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रेजीनगर उपचुनाव: घोषणा से पहले हुमायूं कबीर ने बेटे के लिए शुरू किया दीवार प्रचार, जीत का दावा

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रेजीनगर उपचुनाव: घोषणा से पहले हुमायूं कबीर ने बेटे के लिए शुरू किया दीवार प्रचार, जीत का दावा

सारांश

चुनाव आयोग की अधिसूचना से पहले ही एजेयूपी अध्यक्ष हुमायूं कबीर ने रेजीनगर में बेटे के लिए दीवार प्रचार शुरू कर दिया — यह उस सीट पर दावेदारी का संकेत है जहाँ उन्होंने खुद 51.62% वोट से जीत दर्ज की थी। राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद यह उपचुनाव नई सरकार और क्षेत्रीय दलों के बीच पहली बड़ी परीक्षा बन सकता है।

मुख्य बातें

एजेयूपी अध्यक्ष हुमायूं कबीर ने 15 अगस्त 2026 को रेजीनगर में बेटे गोलाम नबी आजाद उर्फ रॉबिन के समर्थन में दीवार प्रचार शुरू किया।
चुनाव आयोग ने अभी तक रेजीनगर और नंदीग्राम उपचुनाव की आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की है।
हुमायूं कबीर ने पिछले चुनाव में BJP उम्मीदवार को 58,876 मतों से और TMC उम्मीदवार को 81,818 मतों से हराया था।
कबीर को रेजीनगर में 51.62% वोट मिले थे — एजेयूपी का यह सबसे मजबूत गढ़ माना जाता है।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 10 जुलाई को रेजीनगर में भागीरथी नदी पर पुल समेत विकास परियोजनाओं का वादा किया था।

आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के अध्यक्ष और नवादा विधायक हुमायूं कबीर ने 15 अगस्त 2026 को मुर्शिदाबाद जिले के रेजीनगर विधानसभा क्षेत्र में अपने बेटे के पक्ष में दीवार लेखन (ग्रैफिटी) अभियान की शुरुआत कर दी — यह तब हुआ जब चुनाव आयोग ने अभी तक उपचुनाव की आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की है। कबीर ने पहले ही घोषणा कर दी है कि उनके बेटे गोलाम नबी आजाद उर्फ रॉबिन एजेयूपी के चुनाव चिन्ह बांसुरी पर रेजीनगर से मैदान में उतरेंगे।

मुख्य घटनाक्रम

हुमायूं कबीर ने शनिवार को रेजीनगर की दीवारों पर अपने बेटे के समर्थन में प्रचार लिखवाना शुरू किया। उन्होंने दावा किया कि अंततः एजेयूपी की ही जीत होगी। उन्होंने कहा, 'गोलाम नबी आजाद रेजीनगर से चुनाव जीतेंगे।'

गौरतलब है कि इस साल हुए विधानसभा चुनाव में हुमायूं कबीर ने रेजीनगर और नाओदा — दोनों सीटों से एजेयूपी के टिकट पर जीत दर्ज की थी। रेजीनगर में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार बपन घोष को 58,876 मतों से हराया था, जबकि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उम्मीदवार अताउर रहमान के मुकाबले जीत का अंतर 81,818 वोटों का रहा था। कबीर को कुल 51.62 प्रतिशत मत प्राप्त हुए थे।

सीट खाली होने की पृष्ठभूमि

राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट से इस्तीफा दे दिया, क्योंकि उन्होंने भवानीपुर और नंदीग्राम — दोनों सीटों से चुनाव जीता था। इसी तरह हुमायूं कबीर ने भी रेजीनगर सीट छोड़ दी। इस प्रकार दोनों सीटें रिक्त हुईं और प्रारंभिक जानकारी के अनुसार अगले दो महीनों में उपचुनाव संभावित हैं, हालांकि चुनाव आयोग की ओर से अभी आधिकारिक तारीख घोषित नहीं हुई है।

भाजपा और प्रशासन पर आरोप

हुमायूं कबीर ने आरोप लगाया कि रेजीनगर में कई लोग BJP के साथ जुड़े हुए हैं और प्रशासन भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सुवेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री बनने के बावजूद रेजीनगर में 'कमल नहीं खिल पाएगा।' इन आरोपों पर प्रशासन या भाजपा की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।

BJP की तैयारी और विकास के वादे

10 जुलाई को मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी रेजीनगर में एक संगठनात्मक बैठक में पहुँचे थे, जहाँ उन्होंने रामनगर घाट पर भागीरथी नदी पर पुल निर्माण सहित कई विकास परियोजनाओं का वादा किया था। उन्होंने अगस्त में रेजीनगर में एक और जनसभा करने की भी घोषणा की थी।

क्या होगा आगे

राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद रेजीनगर और नंदीग्राम उपचुनाव का मुकाबला राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर सत्तारूढ़ दल की साख दाँव पर है, तो दूसरी ओर एजेयूपी अपने गढ़ को बरकरार रखने की कोशिश में है। चुनाव आयोग की अधिसूचना जारी होते ही चुनावी समीकरण और स्पष्ट होंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी उठाता है कि क्या परिवारवाद को खुले तौर पर उम्मीदवारी में बदलना मतदाताओं को स्वीकार्य होगा। हुमायूं कबीर की व्यक्तिगत लोकप्रियता और बेटे की उम्मीदवारी में फर्क है — 51.62% वोट उनके नाम पर मिले थे, न किसी वंशज के। राज्य में नई सरकार के साथ BJP की बढ़ती सांगठनिक सक्रियता और TMC की पुरानी पकड़ के बीच, एजेयूपी को यह साबित करना होगा कि उसकी जीत नेता-केंद्रित नहीं, पार्टी-केंद्रित थी।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रेजीनगर उपचुनाव में एजेयूपी का उम्मीदवार कौन होगा?
एजेयूपी अध्यक्ष हुमायूं कबीर ने घोषणा की है कि उनके बेटे गोलाम नबी आजाद उर्फ रॉबिन पार्टी के चुनाव चिन्ह बांसुरी पर रेजीनगर से चुनाव लड़ेंगे। हालांकि चुनाव आयोग ने अभी तक उपचुनाव की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है।
रेजीनगर सीट खाली क्यों हुई?
इस साल के विधानसभा चुनाव में हुमायूं कबीर ने रेजीनगर और नाओदा — दोनों सीटों से जीत दर्ज की थी। एक व्यक्ति दो सीटें नहीं रख सकता, इसलिए उन्होंने रेजीनगर सीट छोड़ दी, जिससे यह सीट रिक्त हो गई।
रेजीनगर उपचुनाव कब होगा?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार रेजीनगर और नंदीग्राम सीटों पर अगले दो महीनों में उपचुनाव हो सकते हैं। चुनाव आयोग ने 15 अगस्त 2026 तक आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की है।
पिछले चुनाव में रेजीनगर का नतीजा क्या था?
हुमायूं कबीर ने रेजीनगर में BJP उम्मीदवार बपन घोष को 58,876 मतों से और TMC उम्मीदवार अताउर रहमान को 81,818 मतों के अंतर से हराया था। कबीर को कुल 51.62 प्रतिशत वोट मिले थे।
BJP रेजीनगर उपचुनाव में क्या तैयारी कर रही है?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी 10 जुलाई को रेजीनगर में एक संगठनात्मक बैठक में पहुँचे थे और भागीरथी नदी पर पुल निर्माण सहित कई विकास परियोजनाओं का वादा किया था। उन्होंने अगस्त में एक और जनसभा करने की भी घोषणा की थी।
राष्ट्र प्रेस
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