वाराणसी में बिजली सुधार पर बड़ा फैसला: ऊर्जा मंत्री अरविंद शर्मा बोले- ट्रिपिंग बर्दाश्त नहीं, 24×7 वैन लॉन्च
सारांश
Key Takeaways
- ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने 25 अप्रैल 2025 को वाराणसी में विद्युत ट्रिपिंग पर जीरो टॉलरेंस नीति की घोषणा की।
- वाराणसी में दो अत्याधुनिक 24×7 इमरजेंसी वैन लॉन्च की गईं जो 3 शिफ्टों में काम करेंगी।
- 1 किलोवाट तक के उपभोक्ताओं का कनेक्शन नेगेटिव बैलेंस पर भी नहीं काटा जाएगा।
- 2 किलोवाट तक के उपभोक्ताओं को अधिकतम 200 रुपये की छूट दी जाएगी।
- कनेक्शन काटने से पहले 5 चरणों में SMS अलर्ट अनिवार्य किया गया; रविवार और सार्वजनिक अवकाश पर बिजली नहीं काटी जाएगी।
- अंडरग्राउंड केबलिंग कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए ताकि भविष्य में बिजली व्यवस्था और सुदृढ़ हो सके।
वाराणसी, 25 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने शनिवार को वाराणसी दौरे के दौरान सर्किट हाउस में ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और स्पष्ट शब्दों में कहा कि शहर के किसी भी क्षेत्र में विद्युत ट्रिपिंग को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने दो अत्याधुनिक '24×7 इमरजेंसी वैन' का उद्घाटन कर निर्बाध बिजली आपूर्ति की दिशा में एक ठोस पहल की शुरुआत की।
ट्रिपिंग पर जीरो टॉलरेंस नीति
समीक्षा बैठक में ऊर्जा मंत्री शर्मा ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि वाराणसी के किसी भी मोहल्ले या क्षेत्र में विद्युत ट्रिपिंग स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि निर्बाध एवं सुचारु विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम तत्काल उठाए जाएं।
मंत्री ने अंडरग्राउंड केबलिंग कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बढ़ती विद्युत मांग के अनुरूप योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाए ताकि भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
धार्मिक नगरी में उच्च स्तरीय व्यवस्था की अपेक्षा
ऊर्जा मंत्री ने बैठक में जोर देकर कहा कि वाराणसी एक महत्वपूर्ण धार्मिक एवं पर्यटन नगरी है, इसलिए यहां की बिजली व्यवस्था उच्चतम स्तर की होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्य समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किए जाएं।
गौरतलब है कि वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र भी है, जिससे यहां की बुनियादी सुविधाओं पर केंद्र और राज्य दोनों सरकारों का विशेष ध्यान रहता है। ऐसे में बिजली व्यवस्था में सुधार की यह मुहिम केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
उपभोक्ताओं को राहत: नई नीतिगत घोषणाएं
बैठक में ऊर्जा मंत्री ने उपभोक्ता हितों को सर्वोपरि रखते हुए कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि 1 किलोवाट तक के विद्युत कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं का कनेक्शन नेगेटिव बैलेंस होने पर भी नहीं काटा जाएगा। वहीं 2 किलोवाट तक के उपभोक्ताओं को अधिकतम 200 रुपये तक की छूट प्रदान की जाएगी।
इसके अलावा किसी भी उपभोक्ता का कनेक्शन काटने से पहले अनिवार्य रूप से 5 चरणों में एसएमएस अलर्ट भेजे जाएंगे। साथ ही रविवार और सार्वजनिक अवकाशों पर नेगेटिव बैलेंस की स्थिति में भी बिजली आपूर्ति बाधित नहीं की जाएगी।
24×7 इमरजेंसी वैन: तकनीकी क्षमता और कार्यप्रणाली
ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने वाराणसी में दो अत्याधुनिक '24×7 इमरजेंसी वैन' का उद्घाटन किया। इन वाहनों का मुख्य उद्देश्य विद्युत फॉल्ट सुधार में लगने वाले समय को न्यूनतम करना है। प्रत्येक वैन को आधुनिक सेफ्टी इक्विपमेंट और टी एंड पी किट से सुसज्जित किया गया है।
इन वाहनों पर तैनात कर्मचारी प्रतिदिन 8-8 घंटे की 3 शिफ्टों में काम करेंगे। प्रत्येक शिफ्ट में सुपरवाइजर, लाइनमैन और हेल्पर की टीम तैनात रहेगी। ये वैन हाई टेंशन (एचटी) लाइनों का रखरखाव, ब्रेकडाउन सुधार, ट्रांसफॉर्मर व क्रॉस आर्म की तत्काल बदलाई, भूमिगत केबल फॉल्ट का पता लगाना, एबी केबल और क्षतिग्रस्त कंडक्टर बदलना, तथा पेड़ों की डालियों की छंटाई जैसे कार्य करेंगी।
इस पहल की तुलना अन्य राज्यों से की जाए तो महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों में इस प्रकार की मोबाइल रिस्पॉन्स यूनिटें पहले से सक्रिय हैं और वहां औसत फॉल्ट रिस्पॉन्स टाइम में उल्लेखनीय कमी आई है। उत्तर प्रदेश में यह प्रयोग वाराणसी से शुरू होकर अन्य जिलों में भी विस्तारित किए जाने की संभावना है।
बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी
समीक्षा बैठक में मेयर अशोक तिवारी, पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी शंभू कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। ऊर्जा मंत्री ने उद्घाटन के अवसर पर कहा कि सरकार उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
आने वाले दिनों में वाराणसी में अंडरग्राउंड केबलिंग का कार्य और तेज होने की उम्मीद है। यदि यह मॉडल सफल रहा तो उत्तर प्रदेश के अन्य धार्मिक और पर्यटन नगरों — जैसे मथुरा, अयोध्या और प्रयागराज — में भी इसी तर्ज पर बिजली व्यवस्था सुधारने की योजना बनाई जा सकती है।