भारत में खरीफ सीजन के लिए बीजों का पर्याप्त भंडार: केंद्र सरकार की पुष्टि
सारांश
Key Takeaways
- भारत के पास बीजों का पर्याप्त भंडार है।
- प्रमुख फसलों के मूल्य स्थिर हैं।
- सरकार ने आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत किया है।
- रबी सीजन के लिए बीजों की व्यवस्था कर ली गई है।
- उर्वरकों की कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
नई दिल्ली, 1 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय सरकार ने बुधवार को जानकारी दी कि आने वाले खरीफ मौसम के लिए भारत में बीजों का भरपूर भंडार उपलब्ध है।
यह घोषणा तब की गई है जब पश्चिम एशिया के तनाव के चलते आपूर्ति श्रृंखलाओं को लेकर चिंता बनी हुई है।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की अतिरिक्त सचिव मनिंदर कौर द्विवेदी ने अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में कहा कि देश में निजी क्षेत्र के साथ-साथ भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) और सार्वजनिक क्षेत्र द्वारा समर्थित एक आत्मनिर्भर बीज प्रणाली है।
उन्होंने आगे बताया कि किसी भी संभावित व्यवधान से निपटने के लिए सभी स्तरों पर प्रमाणित, आधारभूत, और संकर बीजों की एक मजबूत आपूर्ति श्रृंखला मौजूद है।
द्विवेदी ने कहा कि सभी कृषि उत्पादों के थोक मूल्यों पर निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने उल्लेख किया कि टमाटर, प्याज और आलू जैसी प्रमुख फसलों के मूल्य स्थिर हैं और उनमें सुधार हो रहा है, इसके साथ ही थोक स्तर पर भी सकारात्मक रुझान जारी है।
सरकार के अनुसार, खरीफ सीजन 2026 के लिए 19.29 लाख क्विंटल बीज का अधिशेष है।
भारत के कृषि क्षेत्र को 166.46 लाख क्विंटल बीज की आवश्यकता है, जबकि देश में 185.74 लाख क्विंटल बीज उपलब्ध हैं।
साथ ही, रबी सीजन के लिए बीजों की व्यवस्था भी कर ली गई है।
सरकार ने खरीफ मौसम के दौरान किसानों पर पड़ने वाले प्रभाव और उनकी उर्वरक जरूरतों का पहले ही आकलन कर लिया है। पिछले कुछ वर्षों में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार बनाए रखने के लिए उठाए गए कदम खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हाल ही में उर्वरकों की समान और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है और अधिकारियों को 'किसान आईडी' बनाने में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि वे इस प्रयास में समन्वय स्थापित करने के लिए जल्द ही मुख्यमंत्रियों और राज्य कृषि मंत्रियों से मिलेंगे।
मंत्री ने यह भी कहा कि वैश्विक संकट का लाभ उठाकर उर्वरकों और बीजों की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। चौहान ने यह भी बताया कि राज्य सरकारों को इस दिशा में कठोर कदम उठाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।