15 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

किसानों को खाद की कीमतों में राहत, 'फॉर्मर आईडी' प्रणाली से कालाबाजारी पर नियंत्रण: शिवराज चौहान

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
किसानों को खाद की कीमतों में राहत, 'फॉर्मर आईडी' प्रणाली से कालाबाजारी पर नियंत्रण: शिवराज चौहान

सारांश

केंद्र सरकार ने किसानों को खाद की बढ़ती वैश्विक कीमतों से बचाने का आश्वासन दिया है। 'फॉर्मर आईडी' प्रणाली के माध्यम से खाद का पारदर्शी वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। जानें इस प्रणाली के बारे में और इसके लाभों के बारे में।

मुख्य बातें

फॉर्मर आईडी प्रणाली से खाद का वितरण होगा पारदर्शी।
किसानों को खाद की कीमतें स्थिर रहेंगी।
सरकार ने 41,000 करोड़ रुपए की सब्सिडी को मंजूरी दी।
जमाखोरी और कालाबाजारी पर लगेगी रोक।
किसानों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता।

भोपाल, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार किसानों को खाद की बढ़ती वैश्विक कीमतों से संरक्षण प्रदान करती रहेगी। उन्होंने कहा कि खाद के पारदर्शी वितरण और इसके अनुचित उपयोग को रोकने के लिए एक ‘फॉर्मर आईडी’ प्रणाली का शुभारंभ किया जा रहा है।

अपनी निवास पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में चौहान ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि के बावजूद, सरकार ने किसानों के लिए खाद की कीमतों को स्थिर रखने का निर्णय लिया है।

उन्होंने कहा, "यूरिया का एक बैग 266 रुपए में और डीएपी 1,350 रुपए की दर पर उपलब्ध रहेगा। सरकार इस अतिरिक्त वित्तीय बोझ को खुद उठाएगी ताकि किसानों पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े।"

उन्होंने यह भी बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सब्सिडी को जारी रखने के लिए 41,000 करोड़ रुपए का अतिरिक्त आवंटन मंजूर किया है, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि वैश्विक कीमतों की उतार-चढ़ाव के चलते किसानों को किसी भी प्रकार की आर्थिक कठिनाई न झेलनी पड़े।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अक्सर सब्सिडी वाली खाद औद्योगिक या गैर-कृषि उद्देश्यों के लिए भिजवा दी जाती है। इसके समाधान के लिए केंद्र सरकार ‘फॉर्मर आईडी’ आधारित एक प्रणाली विकसित कर रही है।

चौहान ने स्पष्ट किया, "यह मॉडल हर किसान की भूमि की जानकारी, फसल का विवरण और परिवार की जानकारी को एक ही आईडी से जोड़ देगा। इस आधार पर खाद की सटीक आवश्यकता निर्धारित की जाएगी।"

उन्होंने आगे कहा कि इस प्रणाली का उद्देश्य एक संतुलन स्थापित करना है, जिसके तहत असली किसानों को पर्याप्त खाद की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और जमाखोरी, कालाबाजारी और आवश्यकता से अधिक खरीद पर नियंत्रण रखा जाए।

उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य यह है कि कोई भी किसान खाद की कमी का सामना न करे, लेकिन इसके अनुचित उपयोग पर पूर्ण रोक लगाना भी आवश्यक है।"

मंत्री के अनुसार, अब तक 92.9 मिलियन से अधिक ‘फॉर्मर आईडी’ बनाई जा चुकी हैं और सरकार का लक्ष्य पूरे देश में लगभग 13 करोड़ किसानों तक इस प्रणाली का विस्तार करना है।

शिवराज चौहान ने बंटाईदारों और किरायेदार किसानों के समक्ष आने वाली चुनौतियों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि एक मॉडल, जिसका मध्य प्रदेश और हरियाणा में सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया है, ऐसे किसानों को भूमि मालिकों से लिखित अनुमति के आधार पर खाद प्राप्त करने की सुविधा देता है।

मंत्री ने कहा, "हम इस प्रणाली को और प्रभावी बनाने और इसे पूरे देश में लागू करने के लिए कार्यरत हैं, ताकि कोई भी किसान इससे वंचित न रहे।"

वैश्विक मामलों पर ध्यान देते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार खाद की आपूर्ति और कृषि निर्यात पर भू-राजनीतिक तनावों के प्रभाव पर बारीकी से निगरानी रख रही है।

उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार उच्च स्तर की बैठकें आयोजित की जा रही हैं।"

उन्होंने दोहराया कि किसानों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता बनी हुई है। चौहान ने कहा, "हम किसानों को उचित मूल्य, पर्याप्त इनपुट और वैश्विक संकटों का उन पर न्यूनतम प्रभाव सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"

संपादकीय दृष्टिकोण

सरकार की प्राथमिकता है। 'फॉर्मर आईडी' प्रणाली के माध्यम से खाद की कालाबाजारी को रोकने और असली किसानों को लाभ पहुंचाने का यह उपाय निश्चित रूप से महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फॉर्मर आईडी प्रणाली क्या है?
फॉर्मर आईडी प्रणाली एक ऐसा मॉडल है जो किसानों की भूमि, फसल और परिवार की जानकारी को एक ही आईडी से जोड़ता है, जिससे खाद की सटीक आवश्यकता निर्धारित की जा सके।
क्या खाद की कीमतें बढ़ेंगी?
केंद्र सरकार ने खाद की कीमतें अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया है, ताकि किसानों पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े।
सरकार कृषि निर्यात पर क्या कर रही है?
सरकार कृषि निर्यात पर भू-राजनीतिक तनावों के प्रभाव पर बारीकी से नजर रख रही है और आवश्यक कदम उठा रही है।
किसानों को खाद कैसे मिलेगी?
किसान अपनी 'फॉर्मर आईडी' के आधार पर खाद प्राप्त कर सकेंगे, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी।
क्या सब्सिडी जारी रहेगी?
जी हां, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सब्सिडी जारी रखने के लिए 41,000 करोड़ रुपए का अतिरिक्त आवंटन मंजूर किया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले