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जिनेवा में भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत: काजू समेत 7 खाद्य मानकों को कोडेक्स आयोग की अंतरराष्ट्रीय मंजूरी

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जिनेवा में भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत: काजू समेत 7 खाद्य मानकों को कोडेक्स आयोग की अंतरराष्ट्रीय मंजूरी

सारांश

जिनेवा में CAC-49 बैठक भारत के लिए बड़ी कूटनीतिक जीत बनी — धनिया, करी पत्ता, वनीला और बड़ी इलायची समेत 7 खाद्य मानकों को वैश्विक मंजूरी मिली और काजू के लिए नया अंतरराष्ट्रीय मानक बनाने का प्रस्ताव भी स्वीकृत हुआ, जो भारतीय निर्यातकों के लिए बड़ा अवसर है।

मुख्य बातें

CAC-49, जिनेवा में 6–10 जुलाई 2025 के बीच आयोजित बैठक में भारत की अध्यक्षता/सह-अध्यक्षता में तैयार 7 कोडेक्स मानकों को अंतरराष्ट्रीय मंजूरी मिली।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व FSSAI के CEO राजित पुनहानी ने किया; FSSAI और स्पाइसेज बोर्ड के विशेषज्ञ भी शामिल रहे।
सूखे धनिया के बीज और ताजे करी पत्तों के लिए भारत की अध्यक्षता में तैयार कोडेक्स मानकों को स्वीकृति मिली।
वनीला और बड़ी इलायची के लिए मानक तथा जल पुनर्उपयोग, पोल्ट्री बैक्टीरिया नियंत्रण और मल्टीपैक लेबलिंग के दिशानिर्देश भी मंजूर।
काजू की गिरी के लिए नया कोडेक्स मानक बनाने के भारत के प्रस्ताव को सदस्य देशों का व्यापक समर्थन मिला।
भारत को NFPS इलेक्ट्रॉनिक वर्किंग ग्रुप का सह-अध्यक्ष चुना गया।

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के नेतृत्व में भारत ने जिनेवा, स्विट्जरलैंड में 6 से 10 जुलाई 2025 के बीच आयोजित कोडेक्स एलिमेंटेरियस आयोग के 49वें सत्र (CAC-49) में ऐतिहासिक सफलता हासिल की। भारत की अध्यक्षता और सह-अध्यक्षता में तैयार किए गए सात कोडेक्स मानकों और दिशानिर्देशों को अंतरराष्ट्रीय मंजूरी मिली। साथ ही, काजू की गिरी के लिए नया वैश्विक मानक बनाने के भारत के प्रस्ताव को भी सदस्य देशों का व्यापक समर्थन मिला।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल और नेतृत्व

बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व FSSAI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजित पुनहानी ने किया। उनके साथ FSSAI और स्पाइसेज बोर्ड के तकनीकी विशेषज्ञ भी सक्रिय रूप से शामिल रहे। यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक खाद्य मानक निर्धारण में अपनी भूमिका को लगातार मजबूत कर रहा है।

मंजूर किए गए प्रमुख मानक

आयोग ने भारत की अध्यक्षता में तैयार सूखे धनिया के बीज और ताजे करी पत्तों के लिए कोडेक्स मानकों को स्वीकृति दी। सूखे धनिया का यह मानक दुनिया के सर्वाधिक कारोबार होने वाले मसालों में से एक के अंतरराष्ट्रीय व्यापार को सुगम बनाएगा। करी पत्तों का मानक इस महत्वपूर्ण खाद्य सामग्री के लिए पहली बार एक समान वैश्विक गुणवत्ता मानक स्थापित करेगा।

भारत की सह-अध्यक्षता में तैयार पाँच अतिरिक्त दस्तावेजों को भी मंजूरी दी गई, जिनमें वनीला और बड़ी इलायची के लिए कोडेक्स मानक शामिल हैं। ये मानक वैश्विक स्तर पर कारोबार होने वाले इन उत्पादों की गुणवत्ता के लिए एकरूप नियम तय करते हैं।

खाद्य सुरक्षा और जल प्रबंधन पर नए प्रावधान

आयोग ने खाद्य उत्पादन और प्रसंस्करण में पानी के सुरक्षित उपयोग और पुनर्उपयोग से जुड़े दिशानिर्देशों के नए प्रावधानों को भी स्वीकृति दी। ये प्रावधान खाद्य सुरक्षा बनाए रखते हुए जल के टिकाऊ प्रबंधन को प्रोत्साहित करते हैं। इसके अतिरिक्त, चिकन मांस में कैंपिलोबैक्टर और साल्मोनेला जैसे हानिकारक बैक्टीरिया को नियंत्रित करने के दिशानिर्देश भी अपनाए गए, जिससे पोल्ट्री उत्पादों से होने वाली खाद्य जनित बीमारियों में कमी लाने में सहायता मिलेगी।

प्री-पैकेज्ड खाद्य पदार्थों की लेबलिंग से जुड़े सामान्य मानकों के तहत संयुक्त पैक और मल्टीपैक व्यवस्था के प्रावधानों को भी मंजूरी दी गई, जिससे लेबलिंग नियमों में अधिक स्पष्टता और एकरूपता आएगी।

काजू मानक: भारत की सबसे बड़ी उपलब्धि

CAC-49 में भारत की सर्वाधिक उल्लेखनीय सफलता यह रही कि प्रोसेस्ड फ्रूट्स एंड वेजिटेबल्स पर कोडेक्स समिति (CCPFV) के तहत काजू की गिरी के लिए नया कोडेक्स मानक तैयार करने के भारत के प्रस्ताव को सदस्य देशों का व्यापक समर्थन मिला। गौरतलब है कि काजू दुनिया में सबसे अधिक व्यापार होने वाले ट्री नट्स में शामिल है। इस नए मानक से अंतरराष्ट्रीय व्यापार अधिक निष्पक्ष होगा, तकनीकी व्यापार बाधाएँ कम होंगी और भारतीय काजू निर्यात को वैश्विक बाज़ार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद मिलेगी।

आगे की राह

भारत को न्यू फूड सोर्सेज एंड प्रोडक्शन सिस्टम्स (NFPS) से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक वर्किंग ग्रुप का सह-अध्यक्ष भी चुना गया है। यह समूह मौजूदा कोडेक्स नियमों की समीक्षा करेगा, जोखिम विश्लेषण ढाँचे में कमियों की पहचान करेगा और भविष्य के दिशानिर्देशों पर विचार करेगा। आँकड़ों के अनुसार, इन फैसलों से भारतीय किसानों, खाद्य उद्योग, निर्यातकों और उपभोक्ताओं सभी को लाभ मिलने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

करी पत्ता और काजू जैसे उत्पादों के लिए वैश्विक मानक तय करने की क्षमता सीधे भारतीय निर्यातकों की बाज़ार पहुँच और मोलभाव की शक्ति को प्रभावित करती है। गौरतलब है कि भारत दुनिया के शीर्ष काजू उत्पादक और निर्यातक देशों में है, और एक समान अंतरराष्ट्रीय मानक के अभाव में भारतीय काजू को विदेशी बाज़ारों में तकनीकी व्यापार बाधाओं का सामना करना पड़ता रहा है। असली परीक्षा यह होगी कि काजू के लिए प्रस्तावित नया मानक कितनी तेज़ी से अंतिम रूप लेता है और क्या इसे लागू करने की क्षमता छोटे किसानों और प्रसंस्करण इकाइयों तक पहुँचती है। मानक बनाना और उसे ज़मीन पर उतारना — दोनों अलग-अलग चुनौतियाँ हैं।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोडेक्स एलिमेंटेरियस आयोग की CAC-49 बैठक में भारत को क्या मिला?
जिनेवा में 6–10 जुलाई 2025 के बीच हुई CAC-49 बैठक में भारत की अध्यक्षता और सह-अध्यक्षता में तैयार सात कोडेक्स मानकों और दिशानिर्देशों को अंतरराष्ट्रीय मंजूरी मिली। इनमें सूखे धनिया, ताजे करी पत्ते, वनीला और बड़ी इलायची के मानक शामिल हैं।
काजू के लिए नए कोडेक्स मानक का भारत को क्या फायदा होगा?
काजू की गिरी के लिए एक समान अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता और सुरक्षा मानक बनने से भारतीय काजू निर्यात को वैश्विक बाज़ार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनने में मदद मिलेगी। तकनीकी व्यापार बाधाएँ कम होंगी और अंतरराष्ट्रीय व्यापार अधिक निष्पक्ष होगा।
CAC-49 बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किसने किया?
बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व FSSAI के CEO राजित पुनहानी ने किया। उनके साथ FSSAI और स्पाइसेज बोर्ड के तकनीकी विशेषज्ञ भी शामिल थे।
इस बैठक में खाद्य सुरक्षा से जुड़े कौन-से नए दिशानिर्देश मंजूर हुए?
आयोग ने चिकन मांस में कैंपिलोबैक्टर और साल्मोनेला बैक्टीरिया नियंत्रण के दिशानिर्देश, खाद्य उत्पादन में पानी के सुरक्षित पुनर्उपयोग के प्रावधान और प्री-पैकेज्ड खाद्य पदार्थों की मल्टीपैक लेबलिंग के मानक भी मंजूर किए।
NFPS इलेक्ट्रॉनिक वर्किंग ग्रुप में भारत की क्या भूमिका होगी?
भारत को न्यू फूड सोर्सेज एंड प्रोडक्शन सिस्टम्स (NFPS) से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक वर्किंग ग्रुप का सह-अध्यक्ष चुना गया है। यह समूह मौजूदा कोडेक्स नियमों की समीक्षा करेगा, जोखिम विश्लेषण ढाँचे में कमियाँ पहचानेगा और भविष्य के दिशानिर्देशों पर विचार करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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