क्या सैटकॉन 2026 ने शुद्ध एवं प्रमाणित शाकाहारी फूड सिस्टम में भारत की वैश्विक भूमिका को मजबूत किया?

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क्या सैटकॉन 2026 ने शुद्ध एवं प्रमाणित शाकाहारी फूड सिस्टम में भारत की वैश्विक भूमिका को मजबूत किया?

सारांश

सैटकॉन 2026 सम्मेलन ने भारत को वैश्विक शाकाहारी खाद्य प्रणाली में एक नई पहचान दिलाई। 250 से अधिक प्रतिनिधियों की भागीदारी ने इस आयोजन को सफल बनाया। जानें इस सम्मेलन के प्रमुख विषय और उपस्थित नेताओं की राय।

Key Takeaways

  • सैटकॉन 2026 सम्मेलन ने भारत की वैश्विक खाद्य प्रणाली में भूमिका को मजबूत किया है।
  • 250 से अधिक प्रतिनिधियों ने सम्मेलन में भाग लिया।
  • सात देशों के प्रतिनिधियों की भागीदारी ने वैश्विक रुचि को दर्शाया।
  • शाकाहारी प्रमाणन और उपभोक्ता विश्वास को सशक्त बनाने पर जोर दिया गया।
  • उद्योग और नीति-निर्माताओं के बीच सहयोग की आवश्यकता पर चर्चा की गई।

नई दिल्ली, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सत्त्विक सर्टिफिकेशन्स द्वारा आयोजित एक दिवसीय सम्मेलन सैटकॉन 2026 नई दिल्ली के एक होटल में बड़ी सफलता के साथ संपन्न हुआ। यह सम्मेलन भारत के खाद्य और प्रमाणन क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ। कार्यक्रम में खाद्य एवं उपभोक्ता वस्त्र उद्योग, लग्ज़री आतिथ्य क्षेत्र, शैक्षणिक संस्थानों, प्रमाणन एजेंसियों और नीति-निर्माण से जुड़े क्षेत्रों के 250 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

सम्मेलन में सिंगापुर, मलेशिया, थाईलैंड, इंडोनेशिया, संयुक्त अरब अमीरात, कतर और दक्षिण कोरिया सहित सात देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। यह भागीदारी शुद्ध शाकाहारी और वीगन खाद्य प्रणाली के प्रति वैश्विक रुचि को दर्शाती है।

सम्मेलन के सत्र तीन प्रमुख विषयों- चेतना, संवाद और सहयोग पर केंद्रित रहे। इन चर्चाओं में शाकाहारी प्रमाणन को सशक्त बनाने, उपभोक्ताओं के विश्वास को मजबूत करने और नैतिक खाद्य प्रथाओं को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया गया।

कार्यक्रम के दौरान सत्त्विक मानकों की जागरूकता, लक्ज़री आतिथ्य क्षेत्र में शाकाहारी विकल्पों का विस्तार, सजग पाक कला, नैतिक नेतृत्व और वैश्विक स्तर पर समान खाद्य मानकों की आवश्यकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर पैनल चर्चाएं हुईं। संवादात्मक नेटवर्किंग सत्रों में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और नीति-निर्माताओं ने खाद्य सुरक्षा, नियमों के अनुपालन और पारदर्शिता को सुधारने के लिए ठोस कदमों पर विचार साझा किए।

सम्मेलन में झारखंड के राज्यपाल एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार, केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल, सांसद एवं पूर्व मंत्री बी. एल. वर्मा, नई दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज और सत्त्विक सर्टिफिकेशन्स के चेयरमैन वागीश पाठक की उपस्थिति रही। उनकी मौजूदगी ने यह स्पष्ट किया कि उद्योग, प्रमाणन संस्थाओं और नीति-निर्माताओं के बीच सहयोग कितना आवश्यक है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संतोष गंगवार ने कहा कि ऐसे सम्मेलन उद्योग, सरकार और उपभोक्ताओं के बीच की दूरी को कम करते हैं और एक पारदर्शी खाद्य प्रणाली के निर्माण में सहायक होते हैं। अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि प्रमाणन संस्थाओं और नीति-निर्माताओं के बीच संवाद से नियमों का बेहतर अनुपालन सुनिश्चित किया जा सकता है। वहीं बी. एल. वर्मा ने कहा कि उपभोक्ताओं का विश्वास किसी भी मजबूत खाद्य अर्थव्यवस्था की नींव होता है और सैटकॉन 2026 जैसे आयोजन इस विश्वास को और सुदृढ़ करते हैं।

नई दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा, “सैटकॉन 2026 खाद्य प्रणाली में शुद्धता, पारदर्शिता और जवाबदेही की बढ़ती सोच को दर्शाता है। जब उद्योग और सरकार ऐसे मंचों पर साथ आते हैं, तो उपभोक्ताओं का विश्वास मजबूत होता है और जिम्मेदार खाद्य प्रथाओं के लिए सही मानक तय होते हैं।”

सत्त्विक सर्टिफिकेशन्स के चेयरमैन वागीश पाठक ने कहा कि सैटकॉन 2026 सुरक्षित और जागरूक खाद्य विकल्पों की ओर बढ़ती सामूहिक सोच को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि शाकाहारी प्रमाणन अब केवल एक सीमित विषय नहीं रहा, बल्कि यह वैश्विक आवश्यकता बनता जा रहा है।

सत्त्विक सर्टिफिकेशन्स के संस्थापक अभिषेक बिस्वास ने कहा कि सैटकॉन 2026 से मिली ऊर्जा अत्यंत उत्साहजनक रही। इस सम्मेलन ने विचार और व्यवहार को एक मंच पर लाकर शुद्धता, सुरक्षा और भरोसे पर आधारित व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किए।

सैटकॉन 2026 को कई प्रमुख उद्योग प्रतिनिधियों और ब्रांड्स का समर्थन भी प्राप्त हुआ, जिनमें गोल्डी मसाले, के.बी. प्रोडक्ट्स (नाकोड़ा ब्रांड), विमल एग्रो प्रोडक्ट्स, बीकानेरवाला फूड्स, तिरुपति फूड, तान्शु ऑस्ट्रेलिया, सैफायर ब्लू और ब्लू ट्राइब फूड्स शामिल रहे। इनकी भागीदारी ने उद्योग से जुड़ी चर्चाओं को और अधिक प्रभावी बनाया।

Point of View

उद्योग और उपभोक्ताओं के बीच सहयोग की आवश्यकता इस समय की सबसे बड़ी जरूरत है, जिससे खाद्य सुरक्षा और नैतिक प्रथाओं को बढ़ावा मिल सके।
NationPress
19/01/2026

Frequently Asked Questions

सैटकॉन 2026 का उद्देश्य क्या है?
सैटकॉन 2026 का उद्देश्य शाकाहारी खाद्य प्रणाली के प्रति जागरूकता बढ़ाना और वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका को सशक्त बनाना है।
इस सम्मेलन में कितने देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे?
इस सम्मेलन में सिंगापुर, मलेशिया, थाईलैंड, इंडोनेशिया, संयुक्त अरब अमीरात, कतर और दक्षिण कोरिया सहित सात देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान किन मुख्य विषयों पर चर्चा हुई?
सम्मेलन में चेतना, संवाद और सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा की गई, जिसमें शाकाहारी प्रमाणन और उपभोक्ता विश्वास को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
कौन-कौन से प्रमुख व्यक्तित्व इस सम्मेलन में शामिल हुए?
सम्मेलन में झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार, केंद्रीय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और नई दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज सहित कई प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया।
सैटकॉन 2026 का प्रभाव क्या होगा?
सैटकॉन 2026 का प्रभाव यह होगा कि यह भारत को वैश्विक खाद्य प्रणाली में एक नई पहचान देगा और उपभोक्ताओं के विश्वास को मजबूत करेगा।
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