बायजू रवींद्रन की मुख्य अपील सिंगापुर कोर्ट ऑफ अपील में लंबित, स्टे याचिका खारिज होना अलग मामला: बायजूज
सारांश
मुख्य बातें
एडटेक कंपनी बायजूज ने 14 जुलाई 2026 को स्पष्ट किया कि संस्थापक बायजू रवींद्रन की सिंगापुर कोर्ट ऑफ अपील में दायर मुख्य अपील अभी भी लंबित है और उसे खारिज नहीं किया गया है। कंपनी ने कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्टों ने स्टे आवेदन और मुख्य अपील को एक ही कार्यवाही मानकर भ्रामक तस्वीर पेश की है, जो तथ्यात्मक रूप से गलत है।
9 जुलाई की सुनवाई में क्या हुआ
9 जुलाई 2026 को सिंगापुर हाईकोर्ट में हुई सुनवाई केवल उस आवेदन तक सीमित थी, जिसमें 25 मई 2026 को जारी सिविल अवमानना आदेश पर अस्थायी रोक (स्टे) लगाने की माँग की गई थी। यह रोक तब तक के लिए माँगी गई थी, जब तक कोर्ट ऑफ अपील में मुख्य अपील पर सुनवाई पूरी नहीं हो जाती। हाईकोर्ट ने केवल यह स्टे आवेदन खारिज किया — मुख्य अपील पर न सुनवाई हुई, न उसे खारिज किया गया।
कंपनी का आधिकारिक बयान
बायजूज ने अपने बयान में कहा, "9 जुलाई की सुनवाई का संबंध 25 मई 2026 के सिविल अवमानना आदेश को पलटने वाली अपील से नहीं था। यह केवल हाईकोर्ट के पहले दिए गए आदेश पर अस्थायी रोक लगाने के अनुरोध तक सीमित थी, जब तक कोर्ट ऑफ अपील मुख्य अपील पर फैसला नहीं देता।" कंपनी ने यह भी कहा कि रवींद्रन के पास अभी भी कोर्ट ऑफ अपील से उचित अंतरिम राहत माँगने का विकल्प उपलब्ध है।
वरिष्ठ कानूनी सलाहकार की सफाई
रवींद्रन और कंपनी के वरिष्ठ मुकदमा सलाहकार जे. माइकल मैकनट ने कहा, "9 जुलाई को सिंगापुर हाईकोर्ट ने केवल 25 मई 2026 के सिविल अवमानना आदेश पर रोक लगाने की याचिका खारिज की है। यह फैसला मामले के गुण-दोष पर नहीं, बल्कि केवल समय से जुड़ा है।" उन्होंने बताया कि रवींद्रन फिलहाल सिंगापुर में नहीं हैं और यह भी अनिश्चित है कि वे वहाँ कब या जाएँगे भी या नहीं। इसी आधार पर अदालत ने माना कि फिलहाल इस मुद्दे पर फैसला देने की कोई तत्काल आवश्यकता नहीं है।
मामले की पृष्ठभूमि
मैकनट ने स्पष्ट किया कि यह मामला चल रही मध्यस्थता प्रक्रिया के दौरान दस्तावेज उपलब्ध कराने से जुड़े विवाद के कारण उत्पन्न हुई सिविल अवमानना का है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह कोई आपराधिक मामला नहीं है और अदालत ने बायजू रवींद्रन के खिलाफ धोखाधड़ी, बेईमानी, धन के दुरुपयोग या किसी व्यक्तिगत गलत कार्य का कोई निष्कर्ष नहीं दिया है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि इस आदेश का प्रभाव सिंगापुर के बाहर किसी अन्य देश में नहीं पड़ता।
मीडिया रिपोर्टों पर आपत्ति
बायजूज ने उन रिपोर्टों को भी गलत बताया, जिनमें दावा किया गया था कि नए आदेश के कारण बायजू रवींद्रन अब सिंगापुर नहीं लौट सकते। कंपनी के अनुसार, इस कानूनी स्थिति को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है। यदि भविष्य में रवींद्रन सिंगापुर जाने का निर्णय लेते हैं, तो उस समय अदालत से राहत माँगी जा सकती है। गौरतलब है कि बायजूज पहले से ही वित्तीय संकट और कई कानूनी विवादों का सामना कर रही है — यह मामला उस लंबी कानूनी लड़ाई की एक और कड़ी है।