जेऊरी के पास ट्रक ने वारी जुलूस को रौंदा, तीन वारकरियों की मौत; घायलों का मुफ्त इलाज जारी
सारांश
मुख्य बातें
पुणे के जेऊरी टोल प्लाजा के निकट सोमवार, 13 जुलाई को सुबह करीब 8:30 बजे एक ट्रक आषाढ़ी वारी के जुलूस में घुस गया, जिसमें तीन वारकरियों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही महाराष्ट्र के सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री प्रकाश अबिटकर ने तत्काल संज्ञान लिया और राहत कार्यों के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए।
मुख्य घटनाक्रम
हादसा आषाढ़ी वारी के वार्षिक तीर्थयात्रा जुलूस के दौरान हुआ, जब सांगली जिले की दिंडी में शामिल श्रद्धालु पंढरपुर की ओर बढ़ रहे थे। ट्रक के जुलूस में घुसने से वारकरियों में अफरातफरी मच गई। घटनास्थल पर तत्काल राहत कार्य शुरू किया गया।
हादसे में जान गँवाने वाले तीनों वारकरी सांगली जिले के निवासी थे — राजश्री शंकर भोसले (62 वर्ष, निवासी दिग्रज), माधवी राजाराम सरवदे (55 वर्ष, निवासी मालगांव) और नंदा पवार (52 वर्ष, निवासी दिग्रज)। तीनों का पोस्टमार्टम जेऊरी ग्रामीण अस्पताल में कराया जा रहा है और सरकार की ओर से शवों को उनके पैतृक गाँवों तक पहुँचाने की व्यवस्था की गई है।
घायलों की स्थिति
हादसे में घायल गीताबाई शेलार (70 वर्ष), शैलजा दिनकर जगताप (60 वर्ष) और मंगल विलास पाटिल (70 वर्ष) सहित अन्य वारकरियों का उपचार जेऊरी ग्रामीण अस्पताल में जारी है। इसके अलावा सात गंभीर रूप से घायल वारकरियों को जेऊरी के आनंदी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से एक की हालत अत्यंत नाज़ुक होने के कारण उसे ससून सर्वोपचार अस्पताल रेफर किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग की प्रतिक्रिया
स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश अबिटकर के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य आरंभ किया। पुणे जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गजानन पाटिल, जिला सर्जन डॉ. नितिन देवमाने, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामचंद्र हनकरे और ग्रामीण अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रताप सालवे सहित वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुँचकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने पुष्टि की है कि सभी घायल वारकरियों का इलाज महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना के अंतर्गत पूरी तरह निःशुल्क किया जा रहा है। उन्हें आवश्यक दवाएँ, जाँच और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।
आम जनता पर असर
यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब लाखों वारकरी आषाढ़ी एकादशी के अवसर पर पंढरपुर की पैदल यात्रा पर निकले हुए हैं। गौरतलब है कि वारी मार्गों पर भारी यातायात और श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण सड़क सुरक्षा एक संवेदनशील मुद्दा रहा है। इस हादसे ने एक बार फिर तीर्थयात्रा मार्गों पर वाहन नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था की ज़रूरत को रेखांकित किया है।
क्या होगा आगे
स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश अबिटकर ने आश्वासन दिया है कि सरकार और स्वास्थ्य विभाग वारी के दौरान हर आपात स्थिति में तत्काल सहायता के लिए तैयार है। फिलहाल घायलों की स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है और विभाग मरीजों पर लगातार नज़र रखे हुए है। हादसे की विस्तृत जाँच और ट्रक चालक के विरुद्ध कार्रवाई की प्रक्रिया भी जारी है।