13 जुलाई 2026
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जेऊरी के पास ट्रक ने वारी जुलूस को रौंदा, तीन वारकरियों की मौत; घायलों का मुफ्त इलाज जारी

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जेऊरी के पास ट्रक ने वारी जुलूस को रौंदा, तीन वारकरियों की मौत; घायलों का मुफ्त इलाज जारी

सारांश

आषाढ़ी वारी के पवित्र जुलूस में सोमवार सुबह एक ट्रक घुस गया — पुणे के जेऊरी टोल प्लाजा के पास हुए इस हादसे में तीन वारकरियों की जान चली गई। स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश अबिटकर के निर्देश पर सभी घायलों का इलाज सरकारी योजना के तहत निःशुल्क जारी है।

मुख्य बातें

13 जुलाई को सुबह 8:30 बजे जेऊरी टोल प्लाजा के पास ट्रक के आषाढ़ी वारी जुलूस में घुसने से तीन वारकरियों की मौत हुई।
मृतकों में राजश्री शंकर भोसले (62), माधवी राजाराम सरवदे (55) और नंदा पवार (52) — तीनों सांगली जिले के निवासी।
सात गंभीर घायल आनंदी अस्पताल जेऊरी में भर्ती; एक को ससून सर्वोपचार अस्पताल रेफर किया गया।
सभी घायलों का इलाज महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना के तहत पूरी तरह निःशुल्क हो रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश अबिटकर और पुणे जिला परिषद के शीर्ष अधिकारी घटनास्थल पर तैनात।

पुणे के जेऊरी टोल प्लाजा के निकट सोमवार, 13 जुलाई को सुबह करीब 8:30 बजे एक ट्रक आषाढ़ी वारी के जुलूस में घुस गया, जिसमें तीन वारकरियों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही महाराष्ट्र के सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री प्रकाश अबिटकर ने तत्काल संज्ञान लिया और राहत कार्यों के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए।

मुख्य घटनाक्रम

हादसा आषाढ़ी वारी के वार्षिक तीर्थयात्रा जुलूस के दौरान हुआ, जब सांगली जिले की दिंडी में शामिल श्रद्धालु पंढरपुर की ओर बढ़ रहे थे। ट्रक के जुलूस में घुसने से वारकरियों में अफरातफरी मच गई। घटनास्थल पर तत्काल राहत कार्य शुरू किया गया।

हादसे में जान गँवाने वाले तीनों वारकरी सांगली जिले के निवासी थे — राजश्री शंकर भोसले (62 वर्ष, निवासी दिग्रज), माधवी राजाराम सरवदे (55 वर्ष, निवासी मालगांव) और नंदा पवार (52 वर्ष, निवासी दिग्रज)। तीनों का पोस्टमार्टम जेऊरी ग्रामीण अस्पताल में कराया जा रहा है और सरकार की ओर से शवों को उनके पैतृक गाँवों तक पहुँचाने की व्यवस्था की गई है।

घायलों की स्थिति

हादसे में घायल गीताबाई शेलार (70 वर्ष), शैलजा दिनकर जगताप (60 वर्ष) और मंगल विलास पाटिल (70 वर्ष) सहित अन्य वारकरियों का उपचार जेऊरी ग्रामीण अस्पताल में जारी है। इसके अलावा सात गंभीर रूप से घायल वारकरियों को जेऊरी के आनंदी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से एक की हालत अत्यंत नाज़ुक होने के कारण उसे ससून सर्वोपचार अस्पताल रेफर किया गया है।

स्वास्थ्य विभाग की प्रतिक्रिया

स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश अबिटकर के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य आरंभ किया। पुणे जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गजानन पाटिल, जिला सर्जन डॉ. नितिन देवमाने, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामचंद्र हनकरे और ग्रामीण अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रताप सालवे सहित वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुँचकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने पुष्टि की है कि सभी घायल वारकरियों का इलाज महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना के अंतर्गत पूरी तरह निःशुल्क किया जा रहा है। उन्हें आवश्यक दवाएँ, जाँच और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।

आम जनता पर असर

यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब लाखों वारकरी आषाढ़ी एकादशी के अवसर पर पंढरपुर की पैदल यात्रा पर निकले हुए हैं। गौरतलब है कि वारी मार्गों पर भारी यातायात और श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण सड़क सुरक्षा एक संवेदनशील मुद्दा रहा है। इस हादसे ने एक बार फिर तीर्थयात्रा मार्गों पर वाहन नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था की ज़रूरत को रेखांकित किया है।

क्या होगा आगे

स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश अबिटकर ने आश्वासन दिया है कि सरकार और स्वास्थ्य विभाग वारी के दौरान हर आपात स्थिति में तत्काल सहायता के लिए तैयार है। फिलहाल घायलों की स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है और विभाग मरीजों पर लगातार नज़र रखे हुए है। हादसे की विस्तृत जाँच और ट्रक चालक के विरुद्ध कार्रवाई की प्रक्रिया भी जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रभावी रोक नहीं लग पाती। सरकार की त्वरित चिकित्सा प्रतिक्रिया सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि तीर्थयात्रा के इन संवेदनशील दिनों में ट्रक जुलूस मार्ग पर पहुँचा कैसे। जब तक वारी रूट पर वाहन-प्रतिबंध की निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित नहीं होती, ऐसी त्रासदियाँ दोहराती रहेंगी।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेऊरी वारकरी हादसा क्या है?
13 जुलाई 2025 को सुबह 8:30 बजे पुणे के जेऊरी टोल प्लाजा के पास एक ट्रक आषाढ़ी वारी के जुलूस में घुस गया, जिससे तीन वारकरियों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। मृतक सांगली जिले की दिंडी में शामिल श्रद्धालु थे।
हादसे में कौन-कौन से वारकरी मारे गए?
हादसे में राजश्री शंकर भोसले (62 वर्ष, दिग्रज), माधवी राजाराम सरवदे (55 वर्ष, मालगांव) और नंदा पवार (52 वर्ष, दिग्रज) की मौत हुई। तीनों सांगली जिले के निवासी थे और आषाढ़ी वारी में भाग ले रहे थे।
घायल वारकरियों का इलाज कहाँ हो रहा है?
घायल वारकरियों को जेऊरी ग्रामीण अस्पताल और आनंदी अस्पताल जेऊरी में भर्ती कराया गया है। एक गंभीर मरीज को ससून सर्वोपचार अस्पताल रेफर किया गया है। सभी का इलाज महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना के तहत निःशुल्क हो रहा है।
महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना क्या है?
यह महाराष्ट्र सरकार की स्वास्थ्य बीमा योजना है जिसके तहत पात्र नागरिकों को सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में निःशुल्क चिकित्सा सुविधा मिलती है। इस हादसे में सभी घायल वारकरियों को इसी योजना के अंतर्गत मुफ्त दवाएँ, जाँच और विशेषज्ञ उपचार दिया जा रहा है।
सरकार ने इस हादसे पर क्या कदम उठाए हैं?
स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश अबिटकर ने तत्काल निर्देश जारी किए और पुणे जिला परिषद के सीईओ, जिला सर्जन, जिला स्वास्थ्य अधिकारी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर तैनात हैं। मृतकों के शव पैतृक गाँवों तक पहुँचाने की व्यवस्था भी सरकार ने की है।
राष्ट्र प्रेस
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