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फर्जी ऑनलाइन सेल से सावधान: तेलंगाना साइबर ब्यूरो ने जारी की चेतावनी, जानें ठगी के तरीके

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फर्जी ऑनलाइन सेल से सावधान: तेलंगाना साइबर ब्यूरो ने जारी की चेतावनी, जानें ठगी के तरीके

सारांश

फ्लैश सेल और क्लीयरेंस ऑफर की आड़ में साइबर ठग सक्रिय हैं। तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो ने नकली वेबसाइट, फर्जी UPI माँग और भ्रामक विज्ञापनों से सावधान रहने की अपील की है। ठगी होने पर हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत रिपोर्ट करें।

मुख्य बातें

तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो (TGCSB) ने 13 जुलाई 2026 को फर्जी ऑनलाइन सेल ऑफर को लेकर नागरिकों के लिए एडवाइज़री जारी की।
साइबर अपराधी नकली ई-कॉमर्स वेबसाइट, व्हाट्सएप, टेलीग्राम और ईमेल के ज़रिए फ़र्ज़ी लिंक भेजकर ठगी करते हैं।
खतरे के संकेत: अत्यधिक कम कीमत, बिना रेटिंग के नए डोमेन, UPI या सीधे बैंक ट्रांसफर से अग्रिम भुगतान की माँग।
केवल आधिकारिक और भरोसेमंद ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से खरीदारी करें; URL सत्यापित करें।
ठगी होने पर राष्ट्रीय साइबरक्राइम हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत रिपोर्ट करें और साक्ष्य सुरक्षित रखें।

तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो (TGCSB) ने 13 जुलाई 2026 को नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण एडवाइज़री जारी की, जिसमें फ्लैश सेल, सीज़नल डिस्काउंट, क्लीयरेंस सेल और विशेष ऑनलाइन ऑफर की आड़ में हो रही साइबर ठगी से सतर्क रहने की अपील की गई है। ब्यूरो के अनुसार, साइबर अपराधी अनजान ऑनलाइन खरीदारों को निशाना बनाने के लिए इन्हीं प्रलोभनों का सहारा ले रहे हैं।

ठगी के तरीके क्या हैं

TGCSB की निदेशक शिखा गोयल ने सोमवार को बताया कि साइबर अपराधी नकली वेबसाइटें बनाते हैं और जानी-मानी ई-कॉमर्स कंपनियों का रूप धारण करते हैं। वे सोशल मीडिया पर भ्रामक विज्ञापन फैलाते हैं और व्हाट्सएप, एसएमएस तथा ईमेल के ज़रिए धोखाधड़ी वाले लिंक भेजकर बेहद कम कीमत पर सामान देने का लालच देते हैं।

गोयल ने बताया कि इन अपराधियों के तौर-तरीके एक जैसे होते हैं — ब्रांडेड उत्पादों पर भारी छूट के नकली विज्ञापन, असली प्लेटफॉर्म जैसी दिखने वाली फ़र्ज़ी वेबसाइटें, सोशल मीडिया पर 'लिमिटेड टाइम सेल' या 'स्टॉक क्लियरेंस' का प्रचार, और व्हाट्सएप, टेलीग्राम तथा ईमेल के ज़रिए फ़र्ज़ी लिंक साझा करना।

किन संकेतों से पहचानें धोखाधड़ी

TGCSB निदेशक के अनुसार, कुछ प्रमुख खतरे के संकेत इस प्रकार हैं — ऐसी कीमतें जो सच होने के लिए बहुत अच्छी लगें, बिना सत्यापन के नए बने डोमेन, आधिकारिक शॉपिंग प्लेटफॉर्म से बाहर भुगतान की माँग, ग्राहक समीक्षाओं या विक्रेता रेटिंग का अभाव, तथा 'बस कुछ ही आइटम बचे हैं' या 'ऑफर 10 मिनट में खत्म' जैसे दबाव बनाने वाले संदेश।

इसके अलावा, ये ठग UPI, QR कोड या सीधे बैंक ट्रांसफर के ज़रिए अग्रिम भुगतान माँगते हैं और नकली कस्टमर केयर नंबरों का उपयोग कर बैंकिंग जानकारी चुराते हैं।

बचाव के उपाय

शिखा गोयल ने नागरिकों को सुझाव दिया कि वे केवल भरोसेमंद और आधिकारिक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से खरीदारी करें। खरीदने से पहले वेबसाइट URL सत्यापित करें, बिना माँगे मिले संदेशों में शॉपिंग लिंक पर क्लिक करने से बचें, और विक्रेता की रेटिंग, समीक्षाएँ तथा रिटर्न नीति अवश्य जाँचें।

उन्होंने यह भी सलाह दी कि किसी भी व्यक्तिगत बैंक खाते या अज्ञात UPI आईडी पर सीधे भुगतान न करें — केवल प्लेटफॉर्म द्वारा दिए गए सुरक्षित भुगतान माध्यमों का उपयोग करें।

शिकार होने पर क्या करें

TGCSB निदेशक ने कहा, 'अगर आप शिकार बनते हैं, तो तुरंत अपने बैंक से संपर्क करें और धोखाधड़ी वाले लेनदेन की रिपोर्ट करें। स्क्रीनशॉट, भुगतान रसीद, ऑर्डर की जानकारी और बातचीत को संभालकर रखें।' उन्होंने राष्ट्रीय साइबरक्राइम हेल्पलाइन — 1930 पर तुरंत सूचना देने और साइबर क्राइम की आधिकारिक वेबसाइट पर बिना देरी शिकायत दर्ज कराने की अपील की।

यह एडवाइज़री ऐसे समय में आई है जब ऑनलाइन शॉपिंग सीज़न के दौरान साइबर ठगी की घटनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल साक्षरता और सतर्कता ही ऐसे अपराधों से बचाव का सबसे कारगर तरीका है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि क्या केवल जागरूकता अभियान पर्याप्त हैं — जबकि नकली डोमेन और फर्जी UPI आईडी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया अभी भी खामियों से भरी है। साइबर ठगी के मामलों में शिकायत दर्ज होने और कार्रवाई होने के बीच का अंतर अब भी बड़ा है, जो पीड़ितों को हतोत्साहित करता है। जब तक प्लेटफॉर्म-स्तर पर फर्जी विज्ञापनों की जाँच और डोमेन रजिस्ट्रेशन में पारदर्शिता नहीं आती, तब तक यह समस्या केवल नागरिक सतर्कता से हल नहीं होगी।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो ने किस बारे में चेतावनी दी है?
TGCSB ने फर्जी फ्लैश सेल, सीज़नल डिस्काउंट और क्लीयरेंस ऑफर की आड़ में हो रही ऑनलाइन ठगी से सावधान रहने की चेतावनी दी है। साइबर अपराधी नकली वेबसाइट और भ्रामक विज्ञापनों के ज़रिए खरीदारों को निशाना बनाते हैं।
फर्जी ऑनलाइन सेल की पहचान कैसे करें?
अत्यधिक कम कीमत, बिना ग्राहक समीक्षा के नए डोमेन, आधिकारिक प्लेटफॉर्म के बाहर UPI या सीधे बैंक ट्रांसफर से भुगतान की माँग, और 'बस कुछ ही आइटम बचे हैं' जैसे दबाव वाले संदेश फर्जी सेल के प्रमुख संकेत हैं। ऐसे किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले URL सत्यापित करें।
ऑनलाइन शॉपिंग ठगी का शिकार होने पर क्या करें?
तुरंत अपने बैंक से संपर्क करें और धोखाधड़ी वाले लेनदेन की जानकारी दें। स्क्रीनशॉट, भुगतान रसीद और बातचीत के सबूत सुरक्षित रखें और राष्ट्रीय साइबरक्राइम हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएँ।
सुरक्षित ऑनलाइन खरीदारी के लिए क्या सावधानियाँ बरतें?
केवल भरोसेमंद और आधिकारिक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से खरीदारी करें। बिना माँगे मिले संदेशों में आए शॉपिंग लिंक पर क्लिक न करें और हमेशा प्लेटफॉर्म के सुरक्षित भुगतान माध्यमों का उपयोग करें — किसी व्यक्तिगत बैंक खाते या अज्ञात UPI आईडी पर सीधे भुगतान न करें।
TGCSB क्या है और इसका काम क्या है?
तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो (TGCSB) तेलंगाना सरकार की विशेष साइबर अपराध निगरानी एजेंसी है, जो साइबर ठगी की रोकथाम, जागरूकता और जाँच का कार्य करती है। यह ब्यूरो नागरिकों को समय-समय पर एडवाइज़री जारी कर उभरते साइबर खतरों से सतर्क करता है।
राष्ट्र प्रेस
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