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क्या तेलंगाना साइबर सुरक्षा ब्यूरो ने पीड़ितों को 350 करोड़ रुपये वापस दिलाए?

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क्या तेलंगाना साइबर सुरक्षा ब्यूरो ने पीड़ितों को 350 करोड़ रुपये वापस दिलाए?

सारांश

तेलंगाना साइबर सुरक्षा ब्यूरो ने साइबर धोखाधड़ी के पीड़ितों को 350 करोड़ रुपये वापस दिलाने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। जानिए इस अभियान की प्रमुख विशेषताओं और इसके पीछे के कारण।

मुख्य बातें

तेलंगाना साइबर सुरक्षा ब्यूरो ने 350 करोड़ रुपये की वापसी की है।
साइबर अपराध में तेलंगाना में 8 प्रतिशत की कमी आई है।
ब्यूरो ने 2.44 लाख शिकायतें संभाली हैं।
साइबर सुरक्षा को दैनिक आदत बनाना आवश्यक है।
जागरूकता कार्यक्रमों को पूरे राज्य में बढ़ावा दिया जा रहा है।

हैदराबाद, 2 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। तेलंगाना साइबर सुरक्षा ब्यूरो ने साइबर अपराध के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए अब तक साइबर धोखाधड़ी के शिकार पीड़ितों को 350 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वापस लौटाई है।

ब्यूरो की निदेशक शिखा गोयल ने मंगलवार को जानकारी दी कि पूर्ण रूप से कार्यात्मक होने के बाद से हमने 2.44 लाख नेशनल साइबरक्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल शिकायतें संभाली हैं, 58,244 एफआईआर दर्ज की हैं और साइबर धोखाधड़ी के पीड़ितों को 350 करोड़ रुपये से अधिक की वापसी की प्रक्रिया पूरी की है।

उन्होंने बताया कि जबकि देशभर में साइबर अपराध में 29 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, तेलंगाना में इसका स्तर 8 प्रतिशत घटा है और वित्तीय नुकसान में भी 30 प्रतिशत की कमी आई है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह कमी केवल 6 प्रतिशत है।

शिखा गोयल ने कहा कि यह उपलब्धि कई सुधारात्मक उपायों का परिणाम है, जिनमें 1930 हेल्पलाइन को अपडेट करना, पुट ऑन होल्ड मैकेनिज्म को मजबूत करना और उच्च न्यायालय के सहयोग से मॉडल रिफंड सिस्टम विकसित करना शामिल हैं।

वे ब्यूरो द्वारा शुरू की गई “फ्रॉड का फुल स्टॉप” नामक राज्यव्यापी साइबर जागरूकता मुहिम के शुभारंभ पर बोल रही थीं। यह छह सप्ताह का गहन अभियान नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा कौशल और साइबर धोखाधड़ी से बचाव के व्यावहारिक तरीकों के प्रति जागरूक करने पर केंद्रित है। उन्होंने नागरिकों को साइबर सुरक्षा को “दैनिक आदत” बनाने की सलाह दी।

तेलंगाना पुलिस महानिदेशक शिवाधर रेड्डी ने कहा कि साइबर अपराध को हर पुलिस यूनिट में प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री के निर्देशों का उल्लेख करते हुए सभी जिलों में ब्यूरो के साथ समन्वय बनाए रखने और जागरूकता कार्यक्रमों को थानों, एसडीपीओ और जिला स्तर तक लगातार चलाने के लिए कहा।

उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को डिजिटल गिरफ्तारी, निवेश धोखाधड़ी, वेश बदलकर धोखाधड़ी, ओटीपी धोखाधड़ी, लोन ऐप उत्पीड़न और सोशल मीडिया ब्लैकमेलिंग जैसे साइबर अपराध के तरीकों के बारे में जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो साइबर अपराध के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण प्रगति संभव है। तेलंगाना का उदाहरण अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा बन सकता है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेलंगाना साइबर सुरक्षा ब्यूरो क्या है?
तेलंगाना साइबर सुरक्षा ब्यूरो एक सरकारी संस्था है जो साइबर अपराधों को रोकने और पीड़ितों को सहायता प्रदान करने के लिए काम करती है।
साइबर धोखाधड़ी से कैसे बचा जा सकता है?
साइबर धोखाधड़ी से बचाव के लिए सुरक्षित पासवर्ड का उपयोग करें, किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचें।
राष्ट्र प्रेस
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