क्या 2026 में धोखाधड़ी के नए तरीके तकनीक के साथ बढ़ेंगे? ऐसे करें बचाव
सारांश
Key Takeaways
- टेक्नोलॉजी के साथ धोखाधड़ी के तरीके विकसित हो रहे हैं।
- जालसाज एआई का उपयोग कर रहे हैं।
- ऑनलाइन शॉपिंग में सावधानी बरतें।
- फेक बिलों से सावधान रहें।
- संदेहास्पद कॉल पर तुरंत जाँच करें।
नई दिल्ली, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जैसे-जैसे टेक्नोलॉजी में प्रगति हो रही है, धोखाधड़ी के मामले भी बढ़ते जा रहे हैं। अब धोखाधड़ी का तरीका सिर्फ ओटीपी या लिंक के माध्यम से अकाउंट खाली करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें एआई का भी व्यापक उपयोग हो रहा है।
इस लेख में हम उन पाँच तरीकों पर प्रकाश डालेंगे, जिनका उपयोग वर्तमान समय में जालसाज धोखाधड़ी के लिए कर रहे हैं।
हाल ही में एक चौंकाने वाला रुझान सामने आया है, जिसमें जालसाज एआई की आवाज में किसी परिचित या परिवार के सदस्य बनकर इमरजेंसी का बहाना बनाते हैं और तुरंत यूपीआई या किसी क्यूआर कोड पर पैसे भेजने का अनुरोध करते हैं। ऐसे मामलों में इस प्रकार के फ्रॉड से बचने की आवश्यकता है।
यदि आप ऐसी स्थिति में फंस जाते हैं, तो सबसे पहले उस व्यक्ति को कॉल करें, जिसकी आवाज का जालसाज उपयोग कर रहा है। इससे आपको सही जानकारी मिलेगी कि जो व्यक्ति मदद मांग रहा है, वह असली है या नहीं।
ऑनलाइन शॉपिंग में धोखाधड़ी के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है। जालसाज अक्सर फेसबुक या इंस्टाग्राम पर लोकप्रिय ब्रांड के फेक पेज बनाते हैं। वे वहां उत्पाद सूचीबद्ध करते हैं और भुगतान प्राप्त करते हैं, लेकिन उत्पाद कभी नहीं भेजा जाता।
इसलिए जब भी आप शॉपिंग करें, तो सुनिश्चित करें कि जिस पेज से आप खरीदारी कर रहे हैं, वह असली है। यदि किसी भी प्रकार का संदेह हो, तो उस पेज से खरीदारी करने से बचें।
हाल के दिनों में फेक बिल के माध्यम से धोखाधड़ी के मामलों में काफी बढ़ोतरी हुई है। इसमें धोखेबाज आपके ईमेल और मोबाइल नंबर पर जैसे बिजली, पानी और गैस आदि के फेक बिल भेजते हैं और भुगतान करने के लिए कहते हैं। अक्सर ये बिल असली जैसे लगते हैं।
इससे बचने के लिए, जब भी कोई बिल आए, तो जांचें कि वह आधिकारिक माध्यमों से आया है या नहीं जैसे कि कंपनी की ईमेल आईडी या आधिकारिक मोबाइल नंबर। यदि कोई संदेह हो, तो आप उस कंपनी के ऑफिस जाकर सत्यापित कर सकते हैं कि बिल असली है या नहीं।